छ्पी-अनछपी: दफ्तर में घुसकर अफसर का मर्डर, असिस्टेंट रजिस्ट्रार ढाई लाख घूस लेते गिरफ्तार

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय परिसर में अपराधियों ने कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) कृष्ण भूषण कुमार की उनके ही चैंबर में गोली मारकर हत्या कर दी। निगरानी विभाग ने मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय के असिस्टेंट रजिस्ट्रार मोहम्मद सनाउल्लाह खान को ढाई लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। संयुक्त अरब अमीरात ने तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक से अलग होने के ऐलान किया है।

और, ओडिशा में एक आदिवासी भाई अपनी मृत बहन के बैंक खाते से महज 19,300 रुपये निकालने के लिए उसका कंकाल लेकर बैंक पहुंचा तो उसे पैसे मिले।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय परिसर में मंगलवार की शाम 4.05 बजे नकाबपोश अपराधियों ने कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की उनके ही चैंबर में गोली मारकर हत्या कर दी। अपराधियों ने परिषद के सभापति राजकुमार गुड्डू को भी गोली मारी। उनकी हालत गंभीर है। घटना सीसीटीवी में कैद हुई है। कार्यपालक पदाधिकारी को तीन गोली मारने की बात सामने आई है। गोली उनके सिर में मारी गई। सभापति को दो गोली लगी है जो उनके सिर और सीने में फंसी है। घटना के बाद डीएम नवल किशोर चौधरी मायागंज अस्पताल पहुंचे और सभापति के पटना मेदांता रेफर होने तक वहीं रुके रहे। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव भी पहुंचे। ईओ कृष्ण भूषण कुमार मधुबनी जिले के कशेरा पोखर मोहल्ला गरियानी के रहने वाले थे। वह कहलगांव नगर पंचायत के ईओ थे। सुल्तानगंज नगर परिषद में वे अतिरिक्त प्रभार में थे। एसएसपी ने बताया कि तीन अपराधी सभापति के चैंबर में घुसे और गोली चलाने लगे। उन्हें बचाने के लिए ईओ अपराधियों से उलझ गए, जिससे उनके माथे में भी गोली लग गई। अस्पताल ले जाने के क्रम में उनकी मौत हो गई। दो अपराधी की पहचान हो गई है। वे स्थानीय हैं। तीनों की गिफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गई हैं।

अरबी फारसी यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट रजिस्ट्रार ढाई लाख घूस लेते गिरफ्तार

प्रभात ख़बर के अनुसार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय, मीठापुर (पटना) में बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक कुल सचिव मोहम्मद सनाउल्लाह खान को ढाई लाख रुपये रिश्वत लेते हुए कार्यालय कक्ष से रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. आरोपी अधिकारी ने रिजल्ट में प्रैक्टिकल अंक जोड़ने के एवज में रिश्वत की मांग की थी. मामला समस्तीपुर जिले में संचालित संस्थान से जुड़ा है. निगरानी के अनुसार समस्तीपुर के रोसड़ा निवासी रामानंद महतो ने शिकायती पत्र के माध्यम से आरोप लगाया कि सहायक कुल सचिव समस्तीपुर जिले के केआरसी (नॉलेज रिसोस सेंटर) 402 और 403 में नामांकित छात्रों के परीक्षाफल में प्रैक्टिकल अंक जोड़ने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहे हैं. शिकायत के तुरंत बाद निगरानी ब्यूरो ने जांच शुरू की और आरोपी द्वारा रिश्वत मांगने के प्रमाण पाये गये. अनुसंधानकर्ता डीएसपी श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में धावादल गठित किया गया. धावादल ने जाल बिछाकर आरोपी को उसके कार्यालय कक्ष से रंगे हाथ पकड़ा. अपनी गिरफ्तारी के बाद असिस्टेंट रजिस्ट्रार मोहम्मद सनाउल्लाह खान ने कहा कि वीसी साहब के कहने पर वे पैसे ले रहे थे. बातचीत का रिकॉर्ड भी मेरे पास मौजूद है. उन लोगों की पुरानी दोस्ती भी है. मैं तो केवल मीडिएटर था, कुछ परसेंटेज मुझे भी मिलना था. गिरफ्तारी के बाद अनीसाबाद गोलंबर के पास अलीनगर स्थित लेडी इमाम अपार्टमेंट में आरोपी के फ्लैट पर तलाशी अभियान शुरू किया गया।

आवास योजना में घूस लेते दो गिफ्तार

हिन्दुस्तान के अनुसार विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने जमुई के सिकंदरा नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार व स्वच्छता साथी सोनू कुमार को 50 हजार घूस लेते मंगलवार को दबोच लिया। एसवीयू में जमुई के ही राजेश कुमार मिश्रा ने कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार पर प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रति फाइल 2500 रुपये की दर से 1,62,500 रुपये की मांग किये जाने की शिकायत दर्ज करायी थी। एसवीयू के धावा दल द्वारा दोनों को गिरफ्तार कर पटना लाया जा रहा है। उन्हें बुधवार को निगरानी के विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा।

ओपेक से अलग होगा यूएई

भास्कर के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 1 मई 2026 से तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक और ओपेक से बाहर निकलने की ऐतिहासिक घोषणा की है। करीब 59 साल के जुड़ाव के बाद लिया गया यह फैसला वैश्विक ऊर्जा राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। इस कदम से ओपेक की कीमतों पर नियंत्रण करने की शक्ति कमजोर होगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें गिर सकती हैं, जिसका सीधा फायदा भारत जैसे बड़े आयातक देशों को होगा। भारत का आयात बिल कम होगा। यूएई ने तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए अरबों डॉलर का निवेश किया है। ओपेक में रहते हुए वह क्षमता का 60-70% ही इस्तेमाल कर पा रहा था। अब ज्यादा तेल बेचकर ज्यादा लाभ ले सकेगा। पहले तेल बाजार अस्थिर था। ओपेक के साथ रहने से ‘सुरक्षा कवच’ मिलता था।

मुजफ्फरपुर में मां और दो बच्चों का मर्डर

कांटी मुजफ्फरपुर से जागरण की ख़बर है कि कांटी थाना क्षेत्र के शहबाजपुर मठ के समीप मधुबन जगदीश गांव में मां व उसके दो बच्चों की रस्सी से गला दबा हत्या कर शव बिस्तर पर रख दिए गए। मृत महिला संतोष साह उर्फ मिठाई लाल की पत्नी रीता देवी (30) थी। उसकी ढाई वर्षीय पुत्री वैष्णवी और तीन माह के पुत्र रुद्र के शव भी पास पड़े थे। सोमवार देर रात से सुबह के बीच बदमाशों ने घर में घुसकर घटना को अंजाम दिया। संतोष साह कैटरिंग का काम करता है। घटना के समय वह शादी समारोह में गया हुआ था। मंगलवार तड़‌के करीब चार बजे संतोष अपने भाई के साथ बरात से लौटा तो घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद देखा। मुख्य दरवाजा खोलकर अंदर जाने पर उसके कमरे का दरवाजा बाहर से बंद मिला। दरवाजा खोलकर अंदर गया तो बिस्तर पर पत्नी रीता व दोनों बच्चे मृत पड़े थे। शोर मचाने पर लोग जुटे। संतोष ने बताया कि उसके चचेरे भाई छोटू व उसके परिवार के सन्नी, अंजनी, शीला देवी आदि लंबे समय से भूमि विवाद चल रहा है। उसे जान मारने की धमकी दी थी।

बैंक वाले सबूत मांग रहे थे तो बहन का कंकाल लेकर पहुंचा भाई, फिर मिले पैसे

हिन्दुस्तान के अनुसार झारखंड से सटे ओडिशा से एक ऐसी तस्वीर सामने आयी है, जिसने सभी को हिलाकर रख दिया है। यहां एक बेबस भाई को अपनी मृत बहन के खाते से महज 19,300 रुपये निकालने के लिए उसका कंकाल लेकर बैंक पहुंचना पड़ा। सोमवार को तपती धूप में तीन किमी पैदल चल जब बैंक पहुंचा, तो वहां मौजूद लोग हैरान हो गए। मामला केंदुझार जिले के पाटना ब्लॉक के मल्लीपासी इलाके का है। मल्लीपासी के 50 वर्षीय जीतू मुंडा की बड़ी बहन 56 वर्षीय कालरा मुंडा की दो माह पहले मौत हो गयी थी। कालरा का खाता ओडिशा ग्रामीण बैंक की मल्लीपासी शाखा में था। खाते में 19,300 रुपये जमा थे। कालरा के पति और इकलौते बच्चे की मौत पहले ही हो चुकी थी। कालरा ने नॉमिनी में अपने बड़े भाई का नाम दिया था पर अब वह भी जिंदा नहीं है। ऐसे में जीतू ही अपनी बहन का एकमात्र रिश्तेदार बचा है। बैंक के अधिकारियों का कहना था कि या तो खाताधारक खुद मौजूद हो या फिर जीतू मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ कानूनी वारिस होने का दस्तावेज जमा करे। जीतू अनपढ़ आदिवासी है। उसके पास न तो बहन का मृत्यु प्रमाण पत्र था और न ही वारिस से संबंधित कोई कागजात थे। बस वह केवल यही बताता था कि उसकी बहन मर चुकी है, पर कोई विश्वास नहीं करता था।

कुछ और सुर्खियां:

  • पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के तहत 142 सीटों पर आज हो रही वोटिंग
  • राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल का तबादला
  • मुंगेर में सड़क किनारे खराब ट्रक की मरम्मत कर रहे दो मैकेनिक और ड्राइवर को कार ने रौंदा, तीनों की मौत
  • इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा नेक मांगना कीनन का कानूनी अधिकार नहीं

अनछपी: महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक बेहद गंभीर खबर यह आई है कि एक मुस्लिम नौजवान ने वहां बन रही इमारत में ड्यूटी पर तैनात दो सिक्योरिटी गार्ड से उनका धर्म पूछा, कथित तौर पर उनसे कलमा पढ़ने को कहा और जब वह ऐसा नहीं कर सके तो उन पर चाकू से हमला कर दिया। हमलावर की पहचान 21 साल के जैब जुबैर अंसारी के रूप में की गई है जिसके बारे में बताया गया है कि वह लगभग 20 साल अमेरिका में रहा और नौकरी नहीं मिलने पर 6 साल पहले भारत आया था। खबरों में यह भी बताया गया है कि उसने सिक्योरिटी गार्ड से पहले मस्जिद का पता पूछा और यह मालूम होने के बाद जब उसने मस्जिद का नाम पूछा तो गार्ड को इसकी जानकारी नहीं थी इसलिए वह नहीं बता पाया। यह आरोप भी लगाया गया है कि उस युवक ने इसके बाद उस गार्ड से यह पूछा कि क्या वह हिंदू है जिसका जवाब उसने हां में दिया। बताया गया है कि हमला करने का आरोपी उस वक्त वहां से चला गया और बाद में आकर उस पर चाकू से वार कर दिया। बताया गया कि जब सिक्योरिटी गार्ड वहां से भाग कर अपने सुपरवाइजर के केबिन में पहुंचा तो जुबैर ने वहां भी हिंदू होने का सवाल किया और कलमा पढ़ने को कहा। कलमा नहीं पढ़ने के बाद उसने सुपरवाइजर पर भी वार कर दिया। इस घटना की तुलना पहलगाम से की जा रही है जहां इसी तरह का आरोप लगा था और उस हमले में मरने वाले लोगों में एक-दो को छोड़कर लगभग दो दर्जन हिंदू थे। क्योंकि इस तरह की रिपोर्ट्स पर भरोसा करना मुश्किल है इसलिए बेहतर यह होगा कि इस मामले की तह तक जाया जाए। हमलावर का अमेरिका में रहना इस मामले का अलग पहलू है और अगर जो बातें रिपोर्ट्स में कही गई हैं, वह सही हैं तो यह मुस्लिम समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है। और अगर यह आरोप गलत हैं तो पूरे भारतीय समाज के लिए ज्यादा गंभीर चिंता का विषय है।

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