बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। प्रधानमंत्री की सोना न खरीदने की अपील के बाद इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से भारत में 24 कैरेट सोना एक दिन में लगभग दस हज़ार महंगा हो गया। मणिपुर के कंगपोकपी जिले में बुधवार को दिनदहाड़े 3 पादरियों की गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई।
और, जानिएगा घूसखोर दारोगा की कहानी जिसने ज़मीन पर खूंटा गड़वाने के लिए मांग लिया एक लाख और रंगे हाथ पकड़ाया।
पहली ख़बर
भास्कर के अनुसार विदेशी मुद्रा को बाहर जाने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सोना-चांदी की खरीद पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। इसका असर बुधवार को दिखा। 24 कैरेट सोना 9345 रु. प्रति 10 ग्राम तो चांदी 22853 रु. प्रति किलो महंगी हो गई। यह सोने की कीमतों में अब तक की दूसरी तो चांदी में तीसरी बड़ी उछाल है। दोनों के दाम क्रमशः 1.60 लाख और 2.87 लाख रु. पर पहुंच गए। इससे पहले 29 जून को सोना 10705 रु. महंगा हुआ था। इनके आयात पर 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर सेस भी लगाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के विदेशी मुद्रा भंडार को बंचाना और गैर-जरूरी आयात को कम करना है। कीमतें चढ़ने का असर ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों पर दिखा। ये 3.47% से 11% तक टूट गए। बता दें कि भारत ने इस साल 6.44 लाख करोड़ रु. का 721 टन सोना आयात किया है।
मणिपुर में दिनदहाड़े 3 पादरियों की गोलियां बरसा कर हत्या
भास्कर के अनुसार मणिपुर में फिर हिंसा भड़क गई है। कंगपोकपी जिले में बुधवार को दिनदहाड़े 3 पादरियों की गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई। जबकि पांच अन्य जख्मी हैं। घटना के अनुसार थाडो बैप्टिस्ट एसोसिएशन (टीबीए) से जुड़े चर्च पदाधिकारी दो कारों में चूराचांदपुर से कंगपोकपी लौट रहे थे। रास्ते में कोटजिम और कोटलेन गांव के बीच घात लगाकर बैठे हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इससे कार सवार पादरी मणिपुर बैपटिस्ट कन्वेंशन के पूर्व महासचिव वी. सितल्होउ, वी. कैगौलुन और पाओगौलेन की मौत हो गई।
नीट यूजी पेपर लीक: सीबीआई पहुंची पावापुरी मेडिकल कॉलेज
हिन्दुस्तान के अनुसार नीट यूजी- 2026 रद्द होने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बिहार में इससे जुड़े पेपर लीक कांड की भी जांच शुरू कर दी है। बुधवार को सीबीआई की दो सदस्यीय टीम नालंदा जिले के पावापुरी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल पहुंची। इस दौरान जांच टीम ने नीट परीक्षा में सॉल्वर बिठाने के आरोपी कॉलेज के दो छात्रों अवधेश कुमार और उज्जवल उर्फ राजा बाबू के कमरों को खंगाला। कॉलेज प्रशासन से इन छात्रों के बारे में जानकारी भी ली गयी। नीट यूजी के ठीक एक दिन पूर्व दो मई की रात नालंदा पुलिस ने सॉल्वर गिरोह के तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। उनमें पावापुरी मेडिकल कॉलेज का छात्र अवधेश कुमार भी शामिल है। बाद में उसकी निशानदेही पर अलग-अलग जगहों से चार अन्य को गिरफ्तार किया गया था। नीट पेपर लीक कांड की जांच कर रही सीबीआई सभी सात आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। पावापुरी मेडिकल कॉलेज का द्वितीय वर्ष का छात्र अवधेश कुमार (मोतिहारी निवासी) जेल में है, इसी कॉलेज का एक और छात्र उज्ज्वल उर्फ राजा बाबू फरार है। ये दोनों सॉल्वर गिरोह के सरगना के तौर पर चिन्हित किये गये हैं। प्रत्येक अभ्यर्थी से 50 से 60 लाख रुपये का सौदा किया गया था।
सीबीएसई की कॉपी जांच में क्या हुई परेशानी?
जागरण के अनुसार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सीबीएसई ने बुधवार को 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। रिजल्ट में पटना जोन का प्रदर्शन पिछले वर्ष की तुलना में खराब रहा है। इस बार 12वीं में पटना जोन के 74.45 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए हैं। जो पिछली बार की तुलना में 8.41 प्रतिशत कम है। बोर्ड ने बताया कि इस वर्ष मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की गई। पहली बार आन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू किया गया, जिसके तहत कुल 98 लाख 66 हजार 222 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की गई। ओएसएम प्रणाली अव्यवस्थित होने से मूल्यांकन में परेशानी की वजह मोटे तौर पर यह रहीं:
- कंप्यूटर कभी नहीं छूने वाले शिक्षकों ने भी किया डिजिटल मूल्यांकन
- शिक्षकों को कई जगह स्क्रीन पर उत्तर स्पष्ट नहीं दिखे
- भौतिकी और गणित का परिणाम आया बेहद खराब
- डिजिटल स्कैनिंग में गड़बड़ियों ने भी प्रभावित किया परिणाम
- उर्दू विषय की उत्तर पुस्तिकाएं उल्टी स्कैन होकर शिक्षकों तक पहुंची
- रसायन विज्ञान की कापियों में भूगोल के प्रश्न दिखने जैसी त्रुटियां भी सामने आईं
महिला खरीदार को इलेक्ट्रिक गाड़ी पर एक लाख की सब्सिडी देगी सरकार
बिहार सरकार महिलाओं को इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहन खरीदने पर प्रति वाहन एक लाख रुपये का अनुदान देगी. इलेक्ट्रिक चार पहिया, दोपहिया और तिपहिया वाहन खरीद में महिलाओं को अनुदान की राशि के साथ ही सभी गाड़ियों के निबंधन दर में भी 50% की राहत दी जायेगी. इसके तहत इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहन की कीमत कुछ भी हो, अनुदान एक लाख रुपया ही मिलेगा. इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वाली महिलाओं को 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी. यह प्रोत्साहन राशि 2026-27 के लिए देय होगा.
घूसखोरी के पैसों के साथ पकड़ाया दारोगा
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने बुधवार को पटना जिले के फुलवारी शरीफ प्रखंड अंतर्गत जानीपुर थाने के अपर थानाध्यक्ष संजय सिंह को एक लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. हालांकि निगरानी की टीम को उसे गिरफ्तार करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. निगरानी डीएसपी अरुणोदय पांडे के नेतृत्व में पहुंची टीम जब कार्रवाई करने लगी तो संजय सिंह मौके से भाग निकला. इसके बाद विजिलेंस अधिकारियों ने करीब 500 मीटर तक खेत, मेड़ और नहर किनारे उसका पीछा किया. पीछा कर रही टीम के करीब पहुंचते ही उसने अपनी सर्विस रिवॉल्वर निकाल ली और निगरानी डीएसपी की ओर तान दी. इस दौरान कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गयी. हालांकि विजिलेंस अधिकारियों ने हिम्मत दिखाते हुए उसे घेर लिया और हथियार सहित काबू में कर लिया.
जानकारी के मुताबिक जानीपुर थाने के अपर थानाध्यक्ष संजय सिंह पर जमीन विवाद से जुड़े एक मामले में निबटारे के लिए कौशल किशोर नाम के व्यक्ति से रिश्वत मांगने आरोप था, इसकी शिकायत कौशल किशोर ने निगरानी से की थी. इस जमीन की सरकारी अमीन से मापी कराने के बावजूद असामाजिक तत्व चहारदीवारी नहीं करने दे रहे थे। अपर थानाध्यक्ष ने इस जमीन की घेराबंदी कराने के बदले घूस मांगी। बाद में एक लाख रुपये में सौदा तय हुआ।
कुछ और सुर्खियां:
- पटना, बेगूसराय, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज जिले में आज शाम 7:00 बजे से 15 मिनट का ब्लैक आउट
- तमिलनाडु में जोसेफ़ विजय की सरकार ने विश्वास मत में 118 की जगह 144 वोट हासिल किए
- पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सीवान में ग्रामीण एसपी की होगी तैनाती
- अमूल दूध की कीमत में ₹2 प्रति लीटर की हुई बढ़ोतरी, अब बिहार की सुधा डेयरी भी बढ़ा सकती है दाम
- एयर इंडिया ने हर हफ्ते 100 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद कीं
- असम विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड का मसौदा 26 में को पेश होगा
- समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी से हुए बेटे प्रतीक का निधन
अनछपी: आजकल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले अमेरिका के दौरे पर हैं और वहां संघ की छवि को बेहतर करने की कोशिश में इंटरव्यूज़ दे रहे हैं। उन्होंने वहां एक इंटरव्यू में कहा है कि स्वतंत्रता आंदोलन के समय देश में राष्ट्रवादी मुस्लिम नेता होते थे, लेकिन अब उन्हें समर्थन नहीं मिलता है। इस तरह के बयान से संघ की छवि बेहतर तो नहीं हो सकती, यह जरूर पता चलता है कि उनके दिल में क्या चल रहा है और वह कैसे मुस्लिम समाज को अपनी इच्छा के अनुसार चलना चाहते हैं। होसबाले ने यह भी कहा कि किसी नेता का राष्ट्रवादी होना इन दिनों दुर्लभ है और मुस्लिमों में उस नेता को को समर्थन मिलता है जो अलगाववादी सोच का होता है। होसबाले का यह बयान दरअसल पूरे मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने और राष्ट्र के खिलाफ साबित करने की एक बौद्धिक बेईमानी है। इस अवसर पर इस बात का उल्लेख जरूरी है कि दरअसल संघ जिस हिंदू राष्ट्रवाद की बात करता है उसे मुस्लिम समुदाय कभी स्वीकार नहीं करता और इसकी कोई संभावना भी नहीं है कि वह उसे स्वीकार करे। आजादी की लड़ाई में मुसलमानों ने जिस राष्ट्रवाद का परिचय देते हुए अंग्रेजों के खिलाफ अपनी कुर्बानियां दी हैं, वह संघ का राष्ट्रवाद नहीं हो सकता। संघ का राष्ट्रवाद दर्शन हिंदुत्व का राष्ट्रवाद है और इसमें संस्कृति के नाम पर एक ही समुदाय की संस्कृति को मान्यता दी जाती है और मुस्लिम समुदाय की आस्था और उनकी संस्कृति का पूरी तरह तिरस्कार किया जाता है। संघ दरअसल पाकिस्तान का बहाना बनाकर मुसलमानों की भारत के प्रति वफादारी को सवालों के घेरे में रखता है और बिना कहे यह चाहता है कि उन्हें यहां मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित किया जाए। असली अलगाववाद की राजनीति यही है जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने स्थापना काल से ही संस्कृति के नाम पर भारतीय समाज पर थोपता रहा है। एक समुदाय को अलग-थलग करने की राजनीति ही असल में अलगाववाद है और इसे छिपाने के लिए संघ मुसलमान पर आरोप लगता है।
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