छपी-अनछपी: नीतीश के एमपी व चिराग के एमएलए के घर छापे, चीनी के बाद प्याज़ भी महंगा

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार की एनडीए सरकार में शामिल जदयू के सांसद और लोजपा आर के विधायक के यहां पुलिस के छापे पड़े हैं। चीनी की तरह प्याज की कीमतों में भी तेज उछाल आ गई है। पटना के दानापुर में दुकान में छिपकर जान बचाने की गुहार लगाती किशोरी पर फायरिंग। बिहार सरकार परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए पांच सदस्यों वाली कमेटी बनाएगी।

पहली ख़बर

भास्कर के अनुसार बिहार में सरकार में शामिल दलों के दो जनप्रतिनिधि पुलिस कार्रवाई की जद में आ गए हैं। जदयू सांसद गिरिधारी यादव और लोजपा विधायक अमित रानू के ठिकानों पर पुलिस ने छापेमारी की। दोनों नेताओं के भाई आपराधिक मामलों में फरार हैं, जिसके चलते यह कार्रवाई हुई।

बांका में जेडीयू सांसद गिरिधारी यादव के तीन ठिकानों पर छापे

बांका के जदयू सांसद गिरिधारी यादव के तीन ठिकानों पर शनिवार देर रात बांका पुलिस ने छापेमारी की। पुलिस टीम ने जमुई जिले के बघोनिया, देवघर के बसमसिया और चांदन स्थित आवास पर अलग-अलग समय में तलाशी ली। छापेमारी के बाद सांसद ने प्रेस वार्ता की। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। कहा कि उनके या परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है। इधर, बांका एसपी अमितेश कुमार ने कहा कि मामले से सांसद गिरिधारी यादव का कोई लेना-देना नहीं है। थाबाड़ी में सरकारी जमीन से अवैध मिट्टी खनन का मामला है। इस मामले में प्रिंस कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर लालधारी यादव समेत चार लोगों पर केस दर्ज है। लालधारी यादव सांसद गिरिधारी यादव के छोटे भाई हैं। सांसद गिरिधारी यादव ने कहा कि रात 11.30 बजे पुलिस देवघर स्थित आवास पहुंची। महिलाओं को जगाकर उनके बारे में पूछा गया। वारंट पूछने पर पुलिस ने एसपी के आदेश पर आने की बात कही। 

मुजफ्फरपुर में चिराग के विधायक अमित कुमार के खिलाफ छापे

जमीन विवाद और अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतों की जांच में रविवार को पुलिस ने बेलसंड से लोजपा (आर) के विधायक अमित कुमार रानू के दो ठिकानों पर छापेमारी की। सुबह छह बजे पुलिस बैरिया स्थित विधायक के आवास पहुंची। कोर्ट के वारंट पर करीब चार घंटे तक सर्च अभियान चला। विधायक घर पर मौजूद थे। उनके भाई सोनू सिंह उर्फ अभिनव फरार मिले। पुलिस ने घर की तलाशी ली। तलाशी में पार्टनरशिप एग्रीमेंट, बैंक अकाउंट से जुड़े दस्तावेज और वर्ष 2017 का हस्ताक्षरित ब्लैंक स्टांप पेपर जब्त किया गया। इसके बाद पुलिस ने सीतामढ़ी के बेलसंड स्थित कोठी चौक के विधायक कार्यालय में छापेमारी की। वहां से दो पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए। विधायक अमित कुमार रानू ने पुलिस की कार्रवाई को गलत बताया। कहा- जमीन पार्टी के आईटी सेल कार्यकर्ता के नाम पर है। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया और बाद में उन्हें जेल भेज दिया। इस मामले में एसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि जांच में सोनू की संलिप्तता मिली है और विधायक की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

प्याज का दाम भी रुला रहा

जागरण के अनुसार चीनी की तरह प्याज की कीमतों में भी तेज उछाल है। नासिक मंडी में एक महीने में ही प्याज की कीमत में लगभग 76 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कुछ राज्यों में तो थोक मूल्य में दोगुनी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्याज की कीमतें बढ़ने के तीन प्रमुख कारण हैं-मानसून की अनिश्चितता के कारण खरीफ प्याज की बोआई में विलंब, रबी फसल की कमजोर आवक और सरकारी खरीद का लक्ष्य से लगभग आधा रह जाना। जो कमी रह गई. उसे हालात को भांपकर जमाखोरों ने पूरा कर दिया। सरकार अब राहत देने का रास्ता तलाश रही है। बफर स्टाक का ताला खोलने की तैयारी है। उन शहरों पर फोकस बढ़ाया जा सकता है, जहां खुदरा भाव तेजी से चढ़ने लगा है। सवाल यह भी है कि सीमित स्टाक से कितनी राहत मिल सकती है। चीनी में सरकार के पास कई विकल्प हैं, मगर प्याज में तत्काल राहत के लिए सिर्फ बफर स्टाक है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की दर के अनुसार, थोक बाजार में प्याज 33 रुपये और खुदरा में 41 रुपये की दर तय की गई है। इसके विपरीत राजधानी के बाजार में इन वस्तुओं की कीमत काफी अधिक है। थोक में प्याज 44 रुपये और खुदरा बाजार में 55 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

दानापुर में दुकान में छिपकर जान बचाने की गुहार लगाती किशोरी पर फायरिंग

प्रभात खबर के अनुसार दानापुर थाना क्षेत्र के आरपीएस मोड़ पर रविवार की शाम करीब चार बजे बेखौफ बदमाशों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया. रैपिडो बाइक से घर लौट रही एक नाबालिग लड़की को निशाना बनाकर पीछा कर रहे दो नकाबपोश अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. निशाना चूकने पर पहली गोली रैपिडो बाइक चालक के कमर में जा लगी, जिससे दोनों सड़क पर गिर पड़े. जान बचाने के लिए बदहवास लड़की पास के एक टेलर की दुकान में जा छिपी और ‘अंकल बचा लीजिए…’ कहकर गिड़गिड़ाने लगी. हालांकि, पीछा करते पहुंचे बदमाशों ने टेलर को बंदूक की नोक पर धमकाया और लड़की को फर्श पर खींचकर उसके कंधे में गोली मार दी. घटना के बाद अफरातफरी मच गयी और अपराधी पिस्टल लहराते हुए फरार हो गये। 

परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए पांच सदस्यों वाली कमेटी बनेगी

हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार सरकार ने रविवार को परीक्षाओं में व्यापक सुधार की अनुशंसा के लिए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति के गठन की अधिसूचना जारी कर दी। यह समिति विभिन्न परीक्षा बोर्डों, आयोगों, विश्वविद्यालयों एवं अन्य भर्ती एजेंसियों द्वारा ली जाने वाली परीक्षा प्रक्रियाओं में सुधार की अनुशंसा करेगी। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश या हाईकोर्ट के सेवारत अथवा सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित यह कमेटी तीन माह के भीतर राज्य सरकार को अपनी अनुशंसाएं सौंपेगी। समिति परीक्षा कैलेंडर, प्रश्न पत्रों में सुधार, परीक्षा सुरक्षा एवं पेपर लीक की रोकथाम आदि को लेकर भी अनुशंसा करेगी।

कुछ और सुर्खियां:

  • होटल में ठहरने के लिए अब आधार कार्ड की फोटो कॉपी देने की जरूरत नहीं, क्यूआर कोड, ओटीपी और ऐप टू ऐप वेरिफिकेशन से होगी पहचान 
  • सीवान जिले के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के खुदाई बारी में पोखर में नहाने के दौरान डूबने से तीन बच्चों की मौत
  • छपरा- मुजफ्फरपुर एनएच पर भेल्दी थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा के पास 18 चक्के के ट्रक ने ई रिक्शा को रौंदा चार की मौत
  • खुदा बख्श लाइब्रेरी में सांसदों के दौरे के कार्यक्रम की वजह से पटना अशोक राजपथ पर ट्रैफिक रूट बदलेगा
  • समस्तीपुर के पूसा स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में आठवीं के छात्रों ने सातवीं के बच्चों को पीटा
  • ईस्ट बंगाल ने 22 साल के इंतजार के बाद मोहन बागान को हराकर डूरंड कप जीता

अनछपी: भारत की तरह ही बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ हिंसा की घटना चिंताजनक स्थिति में चल रही है हालांकि वहां के लोगों को सरकार से इस बारे में उतनी शिकायत नहीं रहती जितनी भारत में होती है। फिर भी इसका ध्यान रखना चाहिए कि अगर किसी हत्याकांड का संबंध सांप्रदायिक हिंसा से नहीं है तो उसे उस रूप में बिल्कुल पेश नहीं किया जाए चाहे हिंसा करने वाले और हिंसा का शिकार होने वाले का धर्म अलग-अलग ही क्यों ना हो। अभी बांग्लादेश में एक हिंदू परिवार के साथ हिंसा की जो वीभत्स घटना हुई है उसका संबंध सांप्रदायिकता से नहीं बल्कि ड्रग्स के दुरुपयोग से है। यह खबर दोनों देशों के समाज के लिए अत्यंत चिंता का विषय है। बांग्लादेश के रंगपुर शहर से जिस हिंदू परिवार के चार लोगों की हत्या हुई, उसके पीछे नशा करने को कारण बताया गया है। इस मामले में जिन दो लोगों पर शक है उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हत्याकांड की जांच में यह पता चला है कि वारदात की मुख्य वजह केवल छत पर बैठकर मादक पदार्थ ‘याबा’ (मेथामफेटामाइन) का सेवन करने का विरोध करना था। पुलिस के अनुसार 65 साल के रिटायर्ड शिक्षक गणपति चक्रवर्ती ने गिरफ्तार दोनों युवकों को नशा करते देखा और उन्हें ऐसा करने से मना किया। इसी बात पर हुए विवाद के बाद दोनों आरोपियों ने गणपति का गला घोंट दिया और फिर भेद खुलने के डर से सीढ़ियों पर आई पुत्ली प्रीतिलता (50), बेटी आगमी (23) और 12 वर्षीय बेटे प्रियम की भी बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देकर आरोपी बाहर से ताला लगाकर फरार हो गये थे। पुलिस, सीआईडी और डिटेक्टिव ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई में दोनों को पकड़ा गया। दरअसल ड्रग्स के दुरुपयोग के समस्या भारत के अलावा बांग्लादेश में भी समाज को खोखला बना रही है। इत्तेफाक की बात है कि इस बार इसका शिकार होने वाला परिवार हिंदू था वरना ड्रग्स के आदी किसी को नहीं छोड़ते। इसके साथ इस बात पर भी ध्यान देना जरूरी है कि ड्रग्स के मामले में या किसी और वजह से होने वाली हत्या को सांप्रदायिक रंग देकर पेश करना भी सही नहीं है।

 

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