बिहार लोक संवाद डाॅट नेट, पटना। अग्निपथ स्कीम के तहत 4 साल के लिए ’अग्निवीरों’ की बहाली के विरोध में शनिवार को ट्ेरनों को बुरा हाल रहा। इधर बिहार सरकार में शामिल भाजपा और जदयू में ही इस मुद्दे पर खूब तू-तू, मैं-मैं होने लगी है।
तारेगना स्टेशन को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा जहां सुबह आठ बजे ही आग लगा दी गयी। कई गाड़ियों में आग लगा दी गयी और फायररिंग भी हुई। पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार इस आन्दोलन के कारण अब तक 350 करोड़ का नुकसान हो चुका है। तीन सौ से अधिक ट्रेनों का परिचालन रद्द करना पड़ा।
इस आन्दोलन के कारण रेलवे ने बिहार में 20 जून तक सुबह चार बजे से रात आठ बजे तक ट्रेनों का चलाना बंद कर दिया है।
बिहार में 15 जिलों में इंटरनेट बंद रहा। इसके कारण बैंकिंग सेवा भी प्रभावित हुई।
भास्कर ने नयी हेडलाइन दी है- ये नया उग्रवाद।
टाइम्स आॅफ इंडिया ने अपनी सबसे अहम खबर में बताया है कि ’अग्निवीरों’ के लिए रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय की नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। यही बात जागरण की लीड है।
इस आन्दोलन में भाजपा नेताओं और भाजपा कार्यालयों को अधिक विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद से भाजपा के 10 नेताओं को वाई कैटगरी की सुरक्षा दी गयी है। यानी बिहार पुलिस की सुरक्षा को उनके लिए नाकाफी माना गया है।
इन सारे हंगामों के बीच सरकार में शामिल दोनों प्रमुख दलों- भाजपा और जदयू में शनिवार को खूब शब्द वाण चले। एक ओर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने प्रशासन पर भाजपा नेताओं को बचाने में दिलचस्पी नहीं लेने और पुलिस पर मूक दर्शक बने रहने का आरोप लगाया तो दूसरी तरफ जदूय के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने जवाब में तीखी टिप्पणी करते हुए श्री जायसवाल के मानसिक संतुलन की चर्चा की और पूछा कि क्या सब जगह आन्दोलनकारियों पर गोलियां चलवा दी जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा शासित प्रदेशों में भी प्रदर्शन हो रहे तो वहां क्या हो रहा है।
निर्वाचन विभाग में कार्यरत बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी आलोक कुमार पर मुस्लिम समुदाय के बारे में व्हाट्सऐप ग्रुप में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गयी है। झारखंड निवासी इस अफसर ने हार्ट की दिक्कत की शिकायत की है और अभी हास्पिटल में भर्ती हैं इसलिए उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पायी है। हालांकि जागरण ने गिरफ्तारी की खबर दी है और बिहार प्रशासनिक सेवा संघ द्वारा इसके विरोध की भी सूचना दी है।
अनछपीः अग्निपथ स्कीम को लेकर विरोध प्रदर्शन में भाजपा नेताओं के प्रति गुस्से की बात बहुत दबे-छिपे छापी जा रही है। सिर्फ यह बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ प्रदर्शन हुआ और तोड़फोड़ हुई लेकिन इसका उल्लेख कहीं नहीं मिल रहा कि भाजपा को छोड़कर बाकी सभी दल इस योजना के खिलाफ हैं। इसलिए आन्दोलनकारियों का गुस्सा भाजपा पर है। दूसरी तरफ भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष प्रशासन पर उनके नेताओं को सुरक्षा नहीं देने का इल्जाम लगा रहे हैं, यह बात तो छप रही है लेकिन कहीं यह बात दब जा रही है कि उत्तर प्रदेश में प्रदर्शनकारियों का स्वागत मिठाइयों से हो रहा है। पुलिस उनके लिए चैपाल लगा रहीे और उन्हें मिठाई खिलाकर ’अग्निमथ’ योजना का लाभ बता रही है। यह दोहरापन सरकारी कार्रवाई में भी है और अखबारों में भी।
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