बिहार लोक संवाद डाॅट नेट, पटना। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार पर अपने विपक्षियों को केन्द्रीय एजेंसियों के जरिए फंसाने का आरोप नया नहीं है। बस नया होता है ऐसे मामले का समय। टाइमिंग। बुधवार को जब रेल मंत्री रहे राजद सुप्रीमो के खासमखास भोला यादव को रेलवे में नौकरी के बदले जमीन लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया तो यही सवाल उठा कि अभी क्यों। अभी नीतीश और लालू के दोबारा मिलने की चर्चा गर्म है।
लालू प्रसाद 2004 से 2009 तक रेलमंत्री थे। उसके बाद 2014 से 2022 तक भाजपा की सरकार के पास आठ साल थे मगर कार्रवाई अब हुई है। यही बात 2017 में देखी गयी थी जब उस समय के उप मुख्यमंत्री तेेजस्वी यादव पर घोटाले का आरोप लगा था और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मजबूर होकर राजद से अलग होकर भाजपा में जाने का ऐलान किया था।
तो आज के अखबारों में यही सबसे बड़ी है। हिन्दुस्तान की हेडलाइन हैः लालू के खासमखास भोला यादव गिरफ्तार। इसमें यह बताया गया है कि सीबीआई ने उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाकर गिरफ्तार कर लिया और इधर उनके आशियाना स्थित घर पर छापेमारी की। अखबार के अनुसार रेलवे में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी देने के बदले कुल 1 लाख 5 हजार 292 वर्ग फुट जमीन ली गयी और इसकी अभी की कीमत 4 करोड़ 39 लाख 80 हजार 650 रुपये है।
भास्कर की हेडलाइन हैः लालू की परछाई भोला गिरफ्तार, सीबीआई का दावाः जमीन के बदले नौकरी के ये बड़े राजदार।
भास्कर अखबार और जागरण में सीमांचल के इलाके में स्कूलों में जुमे के दिन साप्ताहिक अवकाश पर खड़े गये विवाद की खबर भी प्रमुखता से छपी है। भास्कर की हेडिंग हैः स्कूलों में जुमे को छुट्टी, भाजपा बोली- हिन्दू मंगल को मांगे तो। जागरण ने किशनगंज में 37 और कटिहार में 100 से अधिक स्कूलों में शुक्रवार की साप्ताहिक छुट्टी को खबर बनाया है।
प्रभात खबर ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले की खबर को प्रमुखता से छापा है जिसकी सुर्खी हैः ईडी को गिरफ्तारी व संपत्ति कुर्क करने का अधिकार। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के बाद केन्द्र सरकार अपने विपक्षियों को फंसाने के लिए ईडी का और धड़ल्ले से इस्तेमाल करेगी।
ईडी की सोनिया गांधी से पूछताछ और इसी मामले में राज्यसभा से निलंबित सांसदों के धरने पर बैठने की खबर हिन्दुस्तान अखबार में पहले पेज पर है।
हिन्दुस्तान ने अपनी खास खबर में बताया है कि जीएसटी तो 5 प्रतिशत बढ़ा लेकिन कीमतों में 20 प्रतिशत तक इजाफा हो गया।
अनछपीः पहले जागरण और अब भास्कर अखबार ने एक एजेंडे के तहत उर्दू स्कूलों में साप्ताहिक छुट्टी जुमे को होने को खबर बनाना शुरू कर दिया है। संविधान से दिये गये अधिकार के अनुसार स्कूल अपनी प्रबंधन कमेटी के फैसले के तहत छुट्टी के दिन तय करने को स्वतंत्र हैं और शिक्षा अधिकारी भी लगातार बोल रहे कि उन स्कूलों में उनके स्थापना काल से ही जुमे को साप्ताहिक अवकाश रह रहा है। अब इस मामले में स्वाभाविक रूप से भाजपा भी कूद पड़ी है। इसके विधायक नीरज कुमार बबलू ने पूछा है कि हिन्दू भी मंगल को साप्ताहिक अवकाश मांगे तो। खैर, यह ममाला शिक्षा विभाग, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सीमांचल के उन नेताओं के लिए चिंता का विषय होना चाहिए जो अल्पसंख्यकों के हितों की बात करते हैं। फिलहाल खबर यह है कि सीमांचल के ऐसे स्कूलों के बारे में शिक्षा विभाग ने वहां के डीएम से रिपोर्ट मांगी है।
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