कोरोना की मार झेलने को मजबूर हैं आज़मीने हज

सैयद जावेद हसन
लोक संवाद डाॅट नेट
पटना, 3 दिसंबर: बिहार से हर साल लगभग 5 हजार आजमीन हज पर जाते हैं। लेकिन कोरोना के मद्देनजर हज कमिटी आॅफ इंडिया से जारी गाइडलाइन की वजह से आजमीने हज की संख्या में अगले साल काफी कमी होने की संभावना है। इसके अलावा खर्च में इजाफा की भी आषंका है। इस बार पहली किस्त के तौर पर आजमीने हज को एक लाख 50 हजार रुपये जमा करने होंगे, जबकि पिछले साल सिर्फ 81 हजार रुपये जमा कराए गए थे। इस बार गया का इम्बार्केषन प्वायंट भी बंद कर दिया गया है यानी अब आजमीन गया से उड़ान नहीं भर सकेंगे, बल्कि उन्हें परवाज के लिए कोलकाता जाना पड़ेगा। दूसरी तरफ, मक्का में जहां लोग ठहरेंगे, वहां के होटल के कमरे में एक साथ सिर्फ तीन व्यक्ति ही रह सकते हैं। कवर की संख्या पांच से घटा कर तीन कर दी गई है।
पूरी जानकारी के लिए देखिये ये वीडियो।

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