छपी-अनछपी: 15 जिलों में डीएम व 5 में नए एसपी, दंगों में नुक़सान की भरपाई की उम्मीद

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। शनिवार को बिहार के 15 जिलों में डीएम व पांच में एसपी के बदलने की खबर सभी जगह प्रमुखता से ली गई है। बिहार शरीफ सासाराम के दंगों में हुए नुकसान की भरपाई की बात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की है। इससे जुड़ी खबरें सभी जगह हैं। अदानी मुद्दे पर शरद पवार के बयान से सियासी उबाल की भी खबर है।

जागरण की पहली खबर है 15 जिलों में डीएम व पांच में नए एसपी। प्रभात खबर की सुर्खी में यह जानकारी है: 34 आईएएस और 26 आईपीएस अफसर बदले। हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी सुर्खी है: प्रशासनिक महकमे में भारी फेरबदल। राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में पुलिस- प्रशासन के अधिकारियों को इधर से ऊधर कर दिया है। इसके तहत 35 आईएएस और 26 आईपीएस को नई जिम्मेदारी दी गई है। 15 जिलों के डीएम और 5 जिलों के एसपी भी हटाए गए हैं। भारतीय वन सेवा के दो अधिकारियों को भी नई तैनाती मिली है। राज्य में दो वर्ष से ज्यादा समय के बाद इतनी बड़ी संख्या में आईएएस अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है।

नुक़सान की भरपाई

जागरण और हिंदुस्तान में पहले पेज पर छपी खबर के मुताबिक बिहार शरीफ और सासाराम में दंगों के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि सासाराम और बिहारशरीफ में रामनवमी के दौरान हुई घटना में जो नुकसान पहुंचाया गया है, उसके लिए भी कुछ किया जायेगा। दोनों जगह जो नुकसान कर दिया है, उन सब चीजों को भी देखा जा रहा है। लोगों के हित में जो कुछ करना है वह सब किया जायेगा। ये सब बात हो रही है। मुख्यमंत्री शनिवार शाम हज भवन में जदयू के दावत-ए-इफ्तार में शामिल होने के बाद पत्रकारों से रू-ब-रू थे।

बजरंग दल के संयोजक का सरेंडर

भास्कर ने यह खबर प्रमुखता से दी है: बिहार शरीफ में कुर्की की कार्रवाई शुरू होते ही बजरंग दल संयोजक समेत सात ने किया सरेंडर। जागरण ने 8 और हिन्दुस्तान ने 9 लोगों के सरेंडर की बात लिखी है। रामनवमी हिंसा के मामले में बजरंग दल के विभाग संयोजक कुंदन कुमार सहित नौ लोगों ने पुलिस की दबिश के बाद विभिन्न थानों में समर्पण कर दिया। कोर्ट से 11 आरोपितों के खिलाफ इश्तेहार चिपकाने का आदेश जारी किया गया था। पुलिस की कई टीमें शनिवार की सुबह आरोपितों के घर कुर्की-जब्ती के लिए पहुंची। कार्रवाई के डर से नौ आरोपितों ने समर्पण कर दिया। हालांकि, कुंदन कुमार ने आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। सरेंडर करने वालों में कुंदन कुमार, मो. शेरु, मो. चांद, मो. राशिद व कृष्णा कुमार शामिल हैं।

अदानी मामले में पवार का अलग रुख

हिन्दुस्तान ने अपने देश के पन्ने पर खबर दी है: पवार के बयान पर सियासी उबाल। शरद पवार ने शनिवार को कहा कि वह अदानी समूह के खिलाफ आरोपों की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच के पूरी तरह से खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की एक समिति अधिक उपयुक्त और प्रभावी होगी। इस पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। साथ ही शिवसेना के दोनों गुटों ने भी अपनी राय जाहिर की है। पवार ने कहा, अगर जेपीसी में 21 सदस्य हैं, तो संसद में संख्या बल के कारण 15 सत्ता पक्ष से और छह विपक्षी दलों से होंगे, जो समिति पर संदेह पैदा करेगा। पवार के बयान को कांग्रेस ने उनका निजी बयान बताया था। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने कहा कि अडानी ग्रुप के विरुद्ध आरोपों की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन का शरद पवार द्वारा समर्थन न किए जाने से विपक्षी एकता में कोई दरार नहीं आयेगी।

संपत्ति का बंटवारा

हिन्दुस्तान की दूसरी सबसे बड़ी खबर है: संपत्ति के बंटवारे में सभी पक्षों की सहमति जरूरी। उच्चतम न्यायालय ने एक फैसले में कहा कि संयुक्त हिन्दू संपत्ति के बंटवारे के मुकदमे में केवल कुछ पक्षों के बीच सहमति से डिक्री को बरकरार नहीं रखा जा सकता। अदालत ने कहा कि जब संयुक्त संपत्ति के संबंध में समझौता डीड लिखी गई है, तो इस तरह के समझौते को कानूनी वैधता देने के लिए लिखित सहमति के साथ सभी पक्षकारों के हस्ताक्षर होने चाहिए।

ज़्यादा उम्र में शादी व सिजेरियन केस

पटना में ऑब्सटेट्रिक्स एंड गॉयनिक सोसाइटी की ओर से आयोजित महिला रोग विशेषज्ञों के तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला ‘लेबरकॉन’ की खबर सभी जगह है। हिन्दुस्तान के अनुसार डॉक्टर माधुरी पटेल ने कहा कि ज्यादा उम्र में शादी होना, प्रसव दर्द सहन करने के प्रति डर व मोटापा के कारण प्रसव के दौरान ऑपरेशन के मामले बढ़ रहे हैं। कॅरियर के प्रति सजगता के कारण अब लड़कियां 30 साल के बाद शादी कर रही हैं। ऐसे में प्रसव के दौरान जटिलता बढ़ी है और ऑपरेशन के मामले भी बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सिजेरियन की जगह सामान्य प्रसव के लिए केंद्र सरकार गाइडलाइन जारी करे।

तेज प्रताप का बखेड़ा

आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद के बड़े बेटे व बिहार के पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप का होटल विवाद सभी जगह कवर हुआ है। शुक्रवार रात होटलकर्मियों के व्यवहार से क्षुब्ध मंत्री तेजप्रताप के निजी सहायक मिशाल सिन्हा ने सिगरा थाने में तहरीर दी। उधर, होटल प्रबंधन के अनुसार मंत्री और उनके सहयोगी दो कमरों में रुके थे। दोनों कमरों की बुकिंग नहीं थी। सहायक मिशाल सिन्हा के मुताबिक अरकेडिया होटल के कमरा नंबर 205 और 206 में सामान रखे गए थे। शुक्रवार रात घाट भ्रमण व गंगा में नौकायन, गंगा आरती देखने के बाद मंत्री एवं अन्य सभी जब होटल लौटे तो उन्हें सामान रिसेप्शन पर रखे मिले।

कुछ और सुर्खियां

  • नहीं हुआ रजिस्ट्रेशन, फार्मेसी के 5000 स्टूडेंट्स नहीं भर पाएंगे नौकरी के लिए फॉर्म
  • बिहार में 46 नए कोरोना मरीज़ मिले
  • मैट्रिक प्रोत्साहन राशि के लिए नहीं करना होगा आवेदन
  • झारखंड में आंदोलन के कारण पटना से गुजरने वाली कई ट्रेनें रद्द
  • राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने परखी सुखोई की रफ्तार
  • जदयू के इफ्तार में शामिल हुए कई नेता, राजद की ओर से इफ्तार आज
  • जातीय गणना: एक दिन में 50000 परिवारों की होगी गणना

अनछपी: अखबारों में राजनीति की खबरें इतनी अधिक रहती हैं कि सामाजिक मुद्दे की अहम खबरें दब जाती हैं। पटना में स्त्री रोग विशेषज्ञों के जुटने से कई अहम जानकारी मिल सकती है। तीन दिन के इस कार्यक्रम के पहले दिन लड़कियों की शादी की उम्र और सिजेरियन ऑपरेशन के बारे में बेहद महत्वपूर्ण बात कही गई है। एक तरफ बाल विवाह की समस्या है तो दूसरी ओर प्रौढ़ विवाह भी है। डॉक्टरों की आम राय यह है कि महिलाएं अगर 30 साल के बाद शादी करती हैं तो उनके लिए बच्चे की डिलिवरी एक बेहद मुश्किल काम हो जाता है। सरकार बाल विवाह रोकने के लिए तो काफी प्रयास करती है लेकिन क्या अब इस बात की जरूरत नहीं कि लोगों को बढ़ी उम्र में विवाह के नुकसान के बारे में भी बताया जाए? समाज में करियर और परिवार के बीच सामंजस्य की बात को समझाना भी बहुत जरूरी है। देर से शादी के बारे में यह नुकसान भी बताया जाता है कि पति पत्नी को समझने की जो सही उम्र होती है वह पार कर जाती है और फिर एडजस्ट करना बहुत मुश्किल हो जाता है। डॉक्टर माधुरी पटेल ने सिजेरियन ऑपरेशन की गाइडलाइन की मांग कर एक बेहद जरूरी बात की तरफ ध्यान दिलाया है। कई बार यह खुद मां बनने वाली महिला की इच्छा रहती है कि बिना दर्द डिलीवरी के लिए सिजेरियन करा लिया जाए लेकिन इसके गैर जरूरी इस्तेमाल से होने वाले घाटे के बारे में बताना भी जरूरी है। दूसरी ओर सिर्फ पैसे कमाने के लिए सिजेरियन ऑपरेशन करने की शिकायतें भी मिलती हैं। यह मामला सिर्फ डॉक्टरों और सरकार के सोचने का नहीं बल्कि समाज को भी इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

 

 

 

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