बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
और जानिएगा कि भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के बीच विदेशी शेयरों में भारतीय निवेश 111 प्रतिशत बढ़ा।
पहली ख़बर
जागरण ने लिखा है कि विधान परिषद के शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान के अगले दिन शनिवार को जदयू ने अपने विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी पूर्व विधायक नीलम देवी को छह वर्षों के लिए दल से निष्कासित कर दिया है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने विधानसभा अध्यक्ष से अनंत सिंह की सदन से सदस्यता रद करने की अनुशंसा भी कर दी है। उनपर संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत कार्रवाई होगी, जिसमें दल विरोधी आचरण प्रमाणित होने पर सदस्यता रद करने का प्रविधान है। अनंत सिंह पर यह कार्रवाई विधान परिषद के स्नातक क्षेत्र के चुनाव में जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार करने के आरोप में हुई है। इस चुनाव में अनंत सिंह ने न केवल जनसुराज के उम्मीदवार का प्रचार किया, बल्कि जदयू के अधिकृत उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध भी किया। जदयू ने विधानसभा अध्यक्ष को साक्ष्य के रूप में वह वीडियो उपलब्ध कराया है, जिसमें अनंत सिंह सार्वजनिक मंच से जनसुराज के उम्मीदवार के लिए वोट मांग रहे हैं। जदयू उम्मीदवार को हराने की अपील कर रहे हैं।
क्या था शरद यादव और अली अनवर का मामला
लगभग ऐसे ही आरोप में जदयू के वरिष्ठ नेता एवं तत्कालीन राज्यसभा सदस्य शरद यादव और अली अनवर अंसारी की राज्यसभा सदस्यता रद हुई थी। 2017 में शरद यादव ने भाजपा के साथ जदयू के गठबंधन का विरोध किया था। उन्होंने यह विरोध राजद के राजनीतिक मंच पर खड़ा होकर किया था। जदयू की अनुशंसा पर चार दिसंबर 2017 को शरद यादव और अली अनवर की राज्यसभा सदस्यता रद हो गई। इसे बचाने के लिए दोनों ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया। लेकिन, सदस्यता बहाल नहीं हो सकी। राज्यसभा के तत्कालीन सभापति ने माना कि शरद यादव ने स्वेच्छा से दल का त्याग किया है। 12 जनवरी 2023 को उनका निधन हो गया।
अमेरिका में चुनाव के बाद ईरान की खैर नहीं: ट्रंप
हिन्दुस्तान के अनुसार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर ईरान पर हमले की धमकी दी है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि तीन नवंबर के मध्यावधि चुनाव के बाद अमेरिकी सेनाएं ईरान पर फिर से हमले कर सकती हैं। हमले की आशंका के मद्देनजर फारस की खाड़ी में अमेरिकी कमांडरों को पूर्ण सैन्य विकल्प देने के लिए तीसरा विमानवाहक पोत और 10,000 अतिरिक्त नाविकों तथा मरीन सैनिकों की तैनाती कर दी गई है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बिना पूर्व घोषणा के एक महत्वपूर्ण बैठक की।
फारूक अब्दुल्ला के विवादित बोल, “भारत की मंशा सही नहीं”
जागरण के अनुसार विवादास्पद टिप्पणियों के कारण अक्सर चर्चा में रहने वाले नेशनल कान्फ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला के एक और बयान ने फिर राजनीति में भूचाल ला दिया है। फारूक ने शनिवार को बारामुला में कहा, ‘पूरी दुनिया में हमारा पड़ोसी (पाकिस्तान) पीछे लगा है। हमारा पड़ोसी कई जगहों पर जाकर कश्मीर और कश्मीरियों के बारे में बात कर रहा है। इसी वजह से कश्मीर के लोगों की जान बच रही है। अन्यथा, कश्मीरियों को लेकर भारत की मंशा सही नहीं है। केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर इसलिए खामोश है, क्योंकि उस पर दुनिया का दबाव है।’ फारूक के बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई और पलटवार करते हुए इसे देश के खिलाफ खुली विद्रोह बताया है। भाजपा नेताओं ने फारूक के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की है।
जैश से संबंध के आरोप में मुंबई एटीएस ने किशनगंज के युवक को पकड़ा
मुंबई से प्रभात ख़बर ने समाचार एजेंसी की ख़बर में बताया है कि बिहार के किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित भंकर द्वारी गांव निवासी 33 साल के मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर को मुंबई एंटी टेररिस्ट स्क्वाड सरमद अख्तर (एटीएस) ने माहिम इलाके से गिरफ्तार किया है. उस पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखने का आरोप है. एटीएस ने बताया कि आरोपी 10 साल से मुंबई में रह रहा था. वह माहिम इलाके में बाबा फलूदा के पास परफ्यूम बेचता था और रैपिडो चलाता था. अदालत से उसे रिमांड पर लेकर एटीएस उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है. दूसरी तरफ उसके घर वालों ने आरोप लगाया है कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है।
विदेशी शेयरों में भारतीय निवेश 111 प्रतिशत बढ़ा
जागरण के अनुसार आरबीआइ के अक्टूबर बुलेटिन के अनुसार, लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत अगस्त 2026 में भारतीयों द्वारा विदेशी इक्विटी और डेट बाजारों में किया गया निवेश 111 प्रतिशत बढ़कर 32.15 करोड़ डालर हो गया। अगस्त 2025 में यह निवेश 15.21 करोड़ डालर था। जून में विदेश में इक्विटी और डेट में किया गया निवेश 46 करोड़ डालर के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर रहा था। पिछले वित्त वर्ष में एलआरएस के तहत देश से बाहर भेजी गई रकम 28.98 अरब डालर रही। केवल अगस्त के महीने में कुल एलआरएस में विदेश भेजे गए धन में इस श्रेणी की हिस्सेदारी लगभग 11.7 प्रतिशत ‘रही, जो एक साल पहले 5.8 प्रतिशत था। अगस्त में इक्विटी और डेट में निवेश के लिए बाहर भेजी गई रकम सबसे ज्यादा रही।
कुछ और सुर्खियां:
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अनछपी:
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