छपी-अनछपीः द्रौपदी मुर्मू 15वीं राष्ट्रपति, सौतेली मां को डायन होने का आरोप लगाकर कुल्हाड़ी से काट डाला

छपी-अनछपीः द्रौपदी मुर्मू 15वीं राष्ट्रपति, सौतेली मां को डायन होने का आरोप लगाकर कुल्हाड़ी से काट डाला
बिहार लोक संवाद डाॅट नेट, पटना। 64 साल की उड़ीसा निवासी व पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के अगले राष्ट्रपति के रूप में चयनित होने की खबर सभी अखबारों की पहली खबर है। इन खबरों में बताया गया है कि उन्हें 64 प्रतिशत मत मिले। वे पहली आदिवासी और प्रतिभा पाटिल के बाद दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी।
हिन्दुस्तान ने सीधी सी हेडलाइन लगायी हैः द्रौपदी मुर्मू बनेंगी महामहिम। प्रभात खबर की सुर्खी हैः महामहिम द्रौपदी मुर्मू, देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति। भास्कर ने लिखा हैः राष्ट्र की आदि शक्ति।
इस खबर के साथ टाइम्स आॅफ इंडिया ने यह अहम जानकारी दी है कि उपराष्ट्रपति के चुनाव में टीएमसी भाग नहीं लेगी। उसका आरोप है कि मार्ग्रेट अल्वा का नाम विपक्षी उम्मीदवार के तौर पर तय करने में उससे राय नहीं ली गयी। इस खबर का दूसरा पहलू यह है कि यह एक तरह से टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी का अपने राज्यपाल जगदीप धनकड़ को समर्थन है जिनसे उनका बेहद खराब रिश्ता रहा है। कहीं ऐसा तो नहीं कि जगदीप धनकड़ को पश्चिम बंगाल से हटाने की उनकी मांग पूरी होने पर वे भाजपा से एक अघोषित समझौते के तहत इस चुनाव से अलग होकर उसके उम्मीदवार को मदद कर रही हैं। याद रखने की बात यह है कि ममता पहले भाजपा के साथ केन्द्र मंे रेल मंत्री रह चुकी हैं।
भास्कर की दूसरी लीड हैः सीमांचल में ’गुुंडा बैंक’ के संचालकों की लिस्ट तैयार…अब कसेगी नकेल।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को बक्सर के ब्रह्मपुर स्थित बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर के विकास के लिए 8.75 करोड़ रुपये के काम का रिमोट कंट्रोल से शिलान्यास किया। इसके बारे में सभी अखबारों में जानकारी दी गयी है। हिन्दुस्तान की हेडलाइन हैः राज्य में जहां श्रद्धालु जाते हैं, उन सभी मंदिरों का सर्वे होगाः नीतीश।
फुलवारी शरीफ में कथित आंतकी माॅड्यूल से संबंधित खबरें आज भी सभी अखबारों में है लेकिन अब इसमें सूूचना का दोहराव हो रहा है। हिन्दुस्तान की हेडलाइन हैः ’गजवा-ए-हिन्द’ पर पीएफआई के संदिग्धों का इनपुट बिहार से साझा करेंगे कई राज्य। इससे मिलती जुलती खबरें अन्य अखबारों में भी है। इस मामले में भाकपा-माले 21 से 23 तक प्रतिवाद मार्च निकाल रहा है। इसकी खबर हिन्दुस्तान में प्रमुखता से छपी है लेकिन बाकी अखबारों ने इसे दबा दिया है।
प्रभात खबर में नौबतपुर से खबर है कि एक युवा ने अपने बाप और सौतेली मां को इसलिए कुल्हाड़ी से काट दिया कि उसे यह शक था कि उसकी बीवी की मौत उसकी सौतेली मां के जादू टोना से हुआ है। उसकी बीवी मवेशी चराने गयी थी और वहां उसे पेट में दर्द हुआ जिसके बाद उसकी मौत हो गयी। कुल्हाड़ी के हमले से सौतेली मां की मौत हो गयी जबकि बाप का इलाज चल रहा है।

अनछपीः अखबारों में आज इस बात का जश्न है कि पहली बार कोई आदिवासी भारत का राष्ट्रपति बनेगा। कहने के लिए तो यह बहुत बड़ी बात है लेकिन इसका सामाजिक लाभ क्या होगा, यह देखने वाली बात है। इस सिलसिले में आज छपी नौबतपुर की खबर को गौर से पढ़ना जरूरी है। एक बेटे को अपनी बीवी के पेट में दर्द होने पर अपनी मां को डायन होने का शक होना बताता है कि समाज का आदमी राष्ट्रपति या मुख्यमंत्री बन जाए, समाज में इससे परिवर्तन नहीं आये तो क्या फायदा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनसे पहले केआर नारायणन अनुसूचित जाति से थे। जीतन राम मांझी मुख्यमंत्री बने। मगर उसी मांझी समाज में ऐसी सोच अब भी बरकरार है। यह कोई पहली या आखिरी घटना नहीं है। भारतीय जनता पार्टी को मुस्लिम समुदाय की सामाजिक बुराइयों की बहुत चिंता रहती है, वह इसका चाहे जो राजनैतिक लाभ ले मगर उसे इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि खुद हिन्दू समाज में किस-किस तरह की कुरीतियां हैं। वैसे, यह तो हर सभ्य समाज की जिम्मेदारी है कि ऐसे मामलों में जागरुकता फैलाएं।

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