छ्पी-अनछपी: अरबों के टेंडर घोटाले में बड़े अफसरों को समन, लूला फिर बने ब्राज़ील के राष्ट्रपति

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। चर्चित ठेकेदार रिशु रंजन से जुड़े अरबों रुपए के टेंडर घोटाले वह मनी लॉन्ड्रिंग में अब बिहार के बड़े अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। (साथ लगी तस्वीर एआई जेनरेटेड है।) ब्राजील में ट्रंप की आलोचना करने वाले लूला एक बार फिर राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं जबकि सर्बिया में स्टूडेंट्स पार्टी की जीत हुई और आज इसराइल में हो रहे चुनाव में नेतत्याहू को कड़ी चुनौती मिलने की उम्मीद है।

और, जानिएगा कि अनंत सिंह और उनकी पत्नी को जेडीयू से निकालने के बाद कैसे उन्हें सरकारी आवास से भी निकालने की जल्दी है।

 पहली ख़बर

प्रभात खबर की खास खबर है कि रिलायबल इन्फ्रा सर्विस प्रा. लि. के संचालक व चर्चित ठेकेदार रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री से जुड़े अरबों रुपये के टेंडर घोटाले व मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच अब बिहार के शीर्ष नौकरशाहों के द्वार तक पहुंच गयी है. पटना हाइकोर्ट की कड़ी टिप्पणी व सख्ती के बाद इडी ने इस मामले में सात आइएएस अधिकारियों को सम्मन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है. इनमें एक अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी हैं, जबकि दो प्रधान सचिव व तीन सचिव स्तर के आइएएस अधिकारी हैं. इनमें से एक रिटायर हो चुके हैं.

दो आइएएस अफसर हो चुके हैं सस्पेंड, तीन बड़े अफसर पहले ही जा चुके हैं जेल

इस टेंडर घोटाले की आंच में राज्य सरकार पहले ही दो वरिष्ठ आइएएस अधिकारियों-योगेश कुमार सागर (2017 बैच) और अभिलाषा कुमारी शर्मा (2014 बैच) को निलंबित कर चुकी है. एसवीयू ने जांच के दायरे को बढ़ाते हुए इस सिंडिकेट के तीन अन्य मुख्य किरदारों – वित्त विभाग के संयुक्त सचिव मुमुक्षु चौधरी, मुख्य अभियंता तारिणी दास और कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. इसी साल जून महीने में एसवीयू ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया, जिसमें रिशु श्री, मुमुक्षु चौधरी, तारिणी दास और उमेश सिंह समेत सात मुख्य लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है.

ट्रंप के आलोचक लूला फिर बने ब्राजील के राष्ट्रपति

हिन्दुस्तान के अनुसार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर आलोचक ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा रविवार को चौथी बार राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। वह पांच जनवरी, 2027 को राष्ट्रपति के रूप में अपना चौथा कार्यकाल शुरू करेंगे। इस चुनाव परिणाम से लैटिन अमेरिका में अमेरिका के बढ़ते प्रभाव की आलोचना करने वालों को राहत मिली है। लूला 2002, 2006 और 2022 में राष्ट्रपति चुनाव जीते थे।

जामिया में छात्र संघ चुनाव के समय को लेकर छात्रों का हंगामा

जागरण के अनुसार जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पिछले दो सप्ताह से चल रहे आंदोलन के बीच प्रशासन ने सोमवार को छात्रसंघ चुनाव कराने का एलान किया है, जिसके तहत ड्राफ्ट तैयार होने के अगले 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों ने ड्राफ्ट फाइनल करने की समय-सीमा तय करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है। इस गतिरोध के बीच सोमवार को कैंपस में भारी हंगामा हुआ, जहां मार्च निकालने का प्रयास कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच कई बार झड़पें हुईं।

सर्बिया में छात्रों ने सत्ता की बाज़ी पलटी

प्रभात खबर के अनुसार सर्बिया के लंबे समय से सत्ता में काबिज नेता अलेक्जेंडर वुचिच ने चुनाव में हार स्वीकार कर ली, जिसमें उनकी दक्षिणपंथी पार्टी का मुकाबला छात्रों के नेतृत्व वाले व्यापक विपक्षी आंदोलन से था. इस आंदोलन से जुड़े लोग दो साल से उनकी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. इस बाल्कन देश में यह नतीजा एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समर्थन वाले वुचिच 14 वर्षों से लगभग पूर्ण सत्ता के साथ देश पर शासन कर रहे थे. उन्होंने छात्र आंदोलन को उन्हें सत्ता से हटाने की विदेशी ताकतों की साजिश करार दिया था. वुचिव ने हार के लिए स्वतंत्र मीडिया और कुछ यूरोपीय देशों. के कथित हस्तक्षेप को जिम्मेदार ठहराया. नतीजों की घोषणा के बाद स्टूडेंट्स लिस्ट के समर्थक बेलग्रेड और अन्य शहरों की सड़कों पर उतर आये.

इसराइल में आम चुनाव आज, नेतन्याहू की कुर्सी खतरे में

हिन्दुस्तान के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव और संघर्षों के साये के बीच इसराइल में मंगलवार को आम चुनाव होने जा रहे हैं। साल 2019 के बाद से यह देश का छठा चुनाव है, जो वहां की गहरी राजनीतिक अस्थिरता को दर्शाता है। अक्तूबर 2023 के हमलों के बाद गाजा, लेबनान और ईरान मोर्चे पर बदले हालात के बीच प्रधानमंत्री बिन्यामीन नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। इस आम चुनाव को प्रधानमंत्री नेतन्याहू के लिए अब तक की सबसे बड़ी और कठिन परीक्षा माना जा रहा है। 7 अक्तूबर, 2023 के हमास हमले के तीन साल बाद हो रहे इस चुनाव में सुरक्षा उपलब्धियों, राजनीतिक जवाबदेही और देश के भविष्य को लेकर बहस छिड़ी हुई है। अभी तक के ओपिनियन पोल में दावा किया जा रहा है कि नेतन्याहू की पार्टी लिकुड को पूर्व इसराइली सैन्य प्रमुख गादी ईसेनकोटे की याशार पार्टी से कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है। ईसेनकोट को उनकी सैन्य पृष्ठभूमि, नैतिक साख के के कारण नेतन्याहू के के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

अब पेट्रोल की जगह 100% इथेनॉल को मंजूरी

जागरण के अनुसार भारतीय सड़कों पर जल्द ही 100 प्रतिशत एथनाल (ई100) से चलने वाली कारें दौड़ती जर आएंगी। सड़क परिवहन मंत्रालय ने सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 में संशोधन करते हुए ई100 फ्यूल को मंजूरी दे दी है और इससे कार निर्माता कंपनियों के लिए ई100 ईंधन से चलने वाली फ्लेक्स फ्यूल कार मार्केट में उतारने का रास्ता साफ हो गया है। यह पालिसी लाने के पीछे मुख्य लक्ष्य भारत की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता को कम करना और कार्बन उत्सर्जन में कटौती करना है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ई20 (20 प्रतिशत एथनाल मिश्रित पेट्रोल) से अधिक और ई100 तक के ईंधन का इस्तेमाल केवल उन्हीं वाहनों में किया जा सकेगा, जिन्हें इसके लिए डिजाइन और सर्टिफाइ किया गया है।

पार्टी से हटाए जाने के साथ ही अनंत और उनकी पत्नी से घर-पद वापस लेने की जल्दी

हिन्दुस्तान ने लिखा है कि दल-विरोधी गतिविधियों के कारण जदयू से निकाले गए मोकामा के विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी तथा पूर्व विधायक नीलम देवी पर ताबड़तोड़ प्रहार शुरू हो गए हैं। अनंत की विधायकी खत्म करने के लिए जदयू ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है। सदस्यता खत्म करने की प्रक्रिया विधानसभा सचिवालय ने शुरू कर दी है। उधर, नीलम देवी को 20 सूत्री कमेटी से हटा दिया गया है। नीलम को सरकारी आवास खाली करने को भी कहा गया है। इसी आवास में अनंत सिंह सपरिवार रहते हैं। गौर हो कि जदयू ने विधान परिषद चुनाव में पार्टी प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ जनसुराज प्रत्याशी को समर्थन देने के लेकर शनिवार को आनंद सिंह व उनकी पत्नी पूर्व विधायक नीलम देवी को पार्टी से 6 वर्षों के लिए निष्कर्ष कर दिया था।

कुछ और सुर्खियां:

  • फुलवारी शरीफ में नया टोला स्थित अलमीजान नगर में मुर्गी फार्म की आड़ में चल रहे नशे के कारोबार का पता चला, मोहम्मद आकिब और आफताब आलम गिरफ्तार
  • बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हुई वोटिंग की गिनती आज सुबह 8:00 बजे से, देर शाम आएगा रिजल्ट
  • आईपीएस अधिकारी और खगड़िया के एसपी भानु प्रताप सिंह के खिलाफ पत्नी के उत्पीड़न का केस महिला आयोग में दर्ज
  • बिहार में 28 अक्टूबर से 4 दिन तक झमाझम बारिश का अलर्ट
  • गुवाहाटी में रियल एस्टेट कंपनी के मालिक और लीज होल्डर के बीच झगड़े के दौरान पांच लोगों की गोली मारकर हत्या
  • पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम पर बिहार के डीजीपी को फोन कराने के मामले में आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार को सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल से राहत नहीं                                                                                  अनछपी: लखेंद्र कुमार रोशन अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री हैं। उन्होंने पीडीएस यानी सरकारी राशन व्यवस्था से मिलने वाले चावल के बारे में कहा है कि उसकी क्वालिटी इतनी खराब रहती है कि वह कबूतर भी नहीं खाए इंसान तो क्या ही खायेगा। मंत्री ने बताया कि सरकारी राशन दुकान से मिलने वाले चावल कबूतर को खाने के लिए दिया गया लेकिन दो दिनों तक वह वैसे ही पड़ा रहा और कबूतरों ने उसे छुआ तक नहीं। अक्सर लोग तो राशन का चावल घर में इस्तेमाल करने लायक़ न होने की वजह से उसे बाजार में बेचकर बेहतर चावल खरीद लेते हैं। दरअसल लखेंद्र कुमार ने बिहार में राशन कार्ड रखने वाले लाखों लोगों के दिल की बात कही है हालांकि इसकी उम्मीद कम ही है कि इसकी हालत में कोई सुधार होगा। उन्होंने यह बात राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में उठे तो वहां मौजूद खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री डॉ अशोक चौधरी ने जांच का आदेश दिया। सवाल यह है कि जब एक मंत्री ने ही चावल की घटिया क्वालिटी के बारे में शिकायत की है तो उसकी जांच क्या होगी और अगर संबंधित मंत्री ने जांच का आदेश दिया भी है तो उस जांच के आधार पर क्या कार्रवाई होगी? हालांकि मंत्री अशोक चौधरी ने इसे सिर्फ वैशाली का एक मामला बताया है लेकिन अगर वह जांच करवाएं तो पूरे बिहार का यही हाल मिलेगा यह और बात है कि बाकी जगह के विधायक इस बात को सामने नहीं ला पाते हैं।

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