छ्पी-आ अनछपी: छपरा कांड में राबड़ी का बॉडीगार्ड सस्पेंड, छठे चरण का प्रचार खत्म

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। छपरा में बूथ पर विवाद और बाद में हुई फायरिंग की जांच के लिए गठित एसआईटी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास का दौरा किया। इसके बाद उनके एक बॉडीगार्ड को सस्पेंड कर दिया गया। छठे चरण के लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार खत्म हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि अगर वह 1971 में प्रधानमंत्री होते तो करतारपुर साहिब ले लेते। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि फीडबैक खराब होने के कारण प्रधानमंत्री मोदी बार-बार बिहार आ रहे हैं। ईरान के मरहूम राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी को अंतिम विदाई दे दी गयी (साथ की तस्वीर)। इन खबरों को आज के अखबारों में अच्छी जगह मिली है।

भास्कर की सबसे बड़ी सुर्खी है: चुनाव के दिन रोहिणी के साथ घूमने वाला बॉडीगार्ड राबड़ी का, निलंबित। यही खबर प्रभात खबर की भी मेन हेडलाइन है। छपरा में चुनावी हिंसा के बाद राजद उम्मीदवार रोहिणी आचार्य की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मामले की जांच में पता चला है कि पूर्व मुख्यमंत्री रावड़ी देवी के बॉडीगार्ड जितेंद्र सिंह चुनाव के दौरान सारण में रोहिणी आचार्य के साथ था। सारण एसपी से मिली रिपोर्ट के बाद एसएसपी राजीव मिश्रा ने जितेंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसएसपी के अनुसार सारण एसपी की रिपोर्ट के बाद जितेंद्र पर कार्रवाई की गई है। 20 मई को एक बूथ पर बहस के बाद अगले दिन 21 मई को भाजपा नेता द्वारा की गई फायरिंग में राजद के एक समर्थक की मौत हो गई थी। इस मामले के लिए गठित एसआईटी ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री राबडी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुंच कर जानकारी इकट्ठा की। एसआईटी राबड़ी आवास के अंदर नहीं गई और उस समय राबड़ी देवी और मीसा भारती चुनाव प्रचार के लिए बाहर गई हुई थीं। इस मामले में छपरा नगर थाना में कुल 7 एफआईआर दर्ज की गई है। वहां 25 मई तक इंटरनेट बंद कर दिया गया है।

छठे चरण में बिहार की आठ सीटें

जागरण की सबसे बड़ी सुर्खी है: प्रदेश की आठ समेत देश की 58 सीटों पर थमा प्रचार, मतदान कल। बिहार के वाल्मीकि नगर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सीवान और महाराजगंज संसदीय क्षेत्र में गुरुवार को छठे चरण के चुनाव प्रचार का शोर थम गया। अब 25 मई शनिवार को 8 सीटों पर मतदान होगा। देश के आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की 58 लोकसभा सीटों पर मतदान की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इनमें दिल्ली और हरियाणा की सभी सीटें शामिल हैं। छठे चरण में जिन चर्चित और दिग्गज चेहरों की किस्मत दांव पर लगी है उनमें हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल, जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत, अभिनेता राज बब्बर, पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, मनोज तिवारी और कन्हैया कुमार शामिल हैं।

1971 में पीएम होता तो…

जागरण की दूसरी सबसे बड़ी सुर्खी नरेंद्र मोदी का बयान है: 1971 में मैं प्रधानमंत्री होता तो करतारपुर साहिब लेकर ही 90 हज़ार सैनिक छोड़ता। करीब सवा दो साल बाद पंजाब पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्य में अपनी पहली चुनावी रैली में सिख जनमानस के तारों को छेड़ दिया। केसरी पगड़ी पहने मोदी ने श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को खोलने का जिक्र करते हुए कहा कि 1947 में सत्ता के लिए हमारे देश का बंटवारा किया गया। “हमारा यह पवित्र गुरु धाम पाकिस्तान में रह गया था। 1971 के युद्ध में भारत ने 90 हज़ार पाकिस्तानी सैनिकों को सरेंडर करा लिया लेकिन अगर मैं प्रधानमंत्री होता तो श्री करतारपुर साहिब को लिए बिना उनके 90 हज़ार सैनिकों को नहीं छोड़ता।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक अन्य चुनावी भाषण में कहा कि गाय ने दूध दिया नहीं और घी खाने के लिए लड़ रहे हैं विपक्षी दल।

बार बार बिहार क्यों आ रहे मोदी…

हिन्दुस्तान के अनुसार नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने गुरुवार को प्रधानमंत्री एवं अन्य नेताओं के बिहार आगमन पर कहा कि उन्हें फीडबैक खराब मिल रहा है, इसलिए बार-बार आ रहे हैं। आज की जरूरत है, नौकरी व रोजगार। नौजवान भटक रहे हैं, पद रिक्त हैं। पूरे भारत में 30 लाख नौकरी तो एक सेकेंड में दे सकते हैं। 70 लाख पद सृजन कर सकते हैं। तेजस्वी ने कहा कि भाजपा का हाल हो गया- सफाचट-सफाचट, सफाचट। चुनाव प्रचार से लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर भाजपा के एजेंट हैं। जब भाजपा हारने लगी तो तीसरे-चौथे चरण के चुनाव के बाद उनसे माहौल बनाने के लिए बुलवाना शुरू कर दिया।

ईवीएम में गड़बड़ी नहीं हुई तो…क्या बोलीं मायावती?

प्रभात खबर के अनुसार उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को बक्सर के आईटीआई मैदान में चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईवीएम में गड़बड़ी नहीं हुई तो भाजपा की सरकार का सत्ता में लौटना मुश्किल है क्योंकि भाजपा की जुमलेबाजी व नाटकबाजी समझ चुकी देश की जनता अबकी बार उनकी बातों में फंसने वाले नहीं है। मायावती ने कहा कि कांग्रेस की तरह भाजपा आरएसएस की सरकार गरीबी महंगाई व भ्रष्टाचार पर लगा लगाने में सफल है।

यूपी में मुसलमानों के रिज़र्वेशन की समीक्षा करेंगे योगी

उत्तर प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 27 प्रतिशत आरक्षण में मुसलमानों को मिल रहे लाभ की सरकार समीक्षा करेगी। कलकत्ता हाईकोर्ट के ताजा फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस मुद्दे पर बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का मत ही अंतिम है।

जिन्हें परमात्मा ने भेजा वो पकौड़े तलवा रहे: राहुल

भास्कर के अनुसार कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि आजकल मोदी जी अपने इंटरव्यू में कहते हैं, “मैं बायोलॉजिकल नहीं हूं, मुझे परमात्मा ने मिशन के लिए भेजा है।” युवा रोजगार मांगते हैं तो जिन्हें परमात्मा ने भेजा है वह कहते हैं कि नाली की गैस से स्टोव जलाओ और पकौड़े तल कर बेचो। दिल्ली की चुनावी सभा में राहुल ने कहा, “पीएम मोदी अडानी-अंबानी के काम 2 मिनट में करते हैं लेकिन गरीब जनता 24 घंटे हाथ जोड़कर अस्पताल या सड़क मांगे तो उन्हें कुछ नहीं मिलता।”

बांग्लादेश देश के सांसद को पांच करोड़ की सुपारी देकर मारा गया

हिन्दुस्तान के अनुसार बांग्लादेशी सांसद अनवारुल अजीम अनार की हत्या की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उनके एक दोस्त ने ही उनकी हत्या के लिए पांच करोड़ रुपये की सुपारी दी थी। दोस्त अमेरिकी नागरिक है और उसका कोलकाता में एक फ्लैट भी है। बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज्जमां खान ने बुधवार को कहा था कि 13 मई से कोलकाता में लापता अनार की हत्या हुई है और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

रईसी की अंतिम विदाई

ईरान के दिवंगत राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को गुरुवार को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान करीब 68 देशों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। गुरुवार सुबह करीब 25 लाख लोग रईसी के नाम की तख्तियां लिए और झंडे लहराते हुए पूर्वी शहर बिरजंद में जनाजे में शामिल हुए। रईसी को इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया गया, जहां शियाओं के आठवें इमाम को सपुर्द-ए-खाक किया गया था।

कुछ और सुर्खियां

  • छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में सात नक्सलियों को मार गिराने का दावा
  • पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में मतदान से पहले हिंसा, भाजपा कार्यकर्ता की मौत
  • ‘नीट’ यूजी का रिजल्ट 14 जून को जारी होगा
  • दक्षिण भारत में भारी बारिश, उत्तर में ज़बर्दस्त गर्मी
  • अरेराज की जगह सुगौली पहुंच गया उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को पटना पहुंच कर दी श्रद्धांजलि

अनछपी: अक्सर लोग यह शिकायत करते हुए मिलते हैं कि चुनाव में आम लोगों के अहम मुद्दों को नहीं उठाया जाता है। ऐसा ही एक मुद्दा है ट्रेनों में आम लोगों की सुविधाओं का। प्रभात खबर ने दो दिनों में ट्रेनों के बारे में बहुत ही दुखदाई रिपोर्ट छापी है। इसकी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रेनों की जनरल बोगी में लोग भेड़ बकरी की तरह जा रहे हैं और सीट जितनी है उसे 5 गुना अधिक टिकट कट रहे हैं। अखबार के अनुसार मुंबई से लखनऊ तक चलने वाली पुष्पक एक्सप्रेस में मंगलवार को एक हादसा हो गया। इस ट्रेन के जनरल कोच में नासिक से अपने पिता के साथ कानपुर आ रहे 26 साल के युवक अमित की गर्मी के कारण अचानक तबीयत खराब हो गई और कानपुर सेंट्रल पर ट्रेन आने के बाद डॉक्टरों की टीम ने जब चेक किया तो उसकी मौत हो चुकी थी। अमित के पिता का कहना था कि गर्मी व उमस के साथ-साथ ट्रेन के जनरल कोच में इतनी जबरदस्त भीड़ थी कि उनके बेटे का दम घुटने लगा और टॉयलेट तक नहीं जा पाया और मौत हो गई। याद कीजिए कि इसी भारत देश में बुलेट ट्रेन चलाने जैसे चुनावी वादे किए जाते हैं लेकिन जनरल कोच के आम आदमी की हालात जानवरों से भी बदतर रहती है और उस पर किसी का ध्यान नहीं जाता। बताया जाता है कि एक जनरल कोच में 104 यात्रियों के बैठने की जगह होती है लेकिन 500 से अधिक यात्रियों के टिकट बुक हो रहे हैं। प्रभात खबर की दूसरी रिपोर्ट में बताया गया है की ट्रेन के रिजर्वेशन कोच के यात्रियों को खुद रेलवे का ही सिस्टम सांसत में डाल रहा है। पहले ही पूरी तरह से पैक रिजर्वेशन बोगियों में जनरल बोगी के यात्री को भी पेनल्टी बनवाकर सवार किया जा रहा है। आप सोच रहे होंगे कि इसमें रेलवे की क्या गलती है तो यहां यह बताना जरूरी है कि टीटीई को इतना टारगेट दिया जाता है कि वह ऐसा करने को मजबूर होते हैं और यह जानते हुए भी कि रिजर्वेशन बोगी में जगह नहीं है वह पेनाल्टी बनवाकर लोगों को उसमें जाने का अधिकार दे देते हैं। यानी रेलवे की आमदनी तो बढ़ जाती है लेकिन आम यात्री का जीवन कैसे जहन्नम बन जाता है, इससे किसी को कोई मतलब नहीं। जो लोग देश को विश्व गुरु बनाने की बात करते हैं उन्हें पहले ट्रेनों की बोगी से इसकी शुरुआत करनी चाहिए।

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