बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को लगातार दूसरे दिन समर्थकों संग हिरासत में ले लिया और बाद में छोड़ा। रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा रेपो रेट बढ़ाने के साथ ही बैंकों ने कर्ज़ों की ईएमआई बढ़ा दी है। पटना-लखनऊ फ्लाइट पर 17000 फुट की ऊंचाई पर बिजली गिरी, सभी यात्री सुरक्षित।
और, पीएम मोदी किस बात पर बोले वी विल डू इट?
पहली ख़बर
भास्कर के अनुसार मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के विरोध में विपक्षी इंडिया गठबंधन बुधवार को दूसरे दिन भी सड़कों पर उतरा। गठबंधन ने पहले लंच बैठक की। फिर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा व अन्य सांसद बसों में जंतर-मंतर की ओर बढ़े। पुलिस ने एक किमी पहले ही बसें रुकवा दीं। नेता यहीं धरने पर बैठ गए। करीब 3 घंटे हाई वोल्टेज ड्रामा चला। प्रियंका जमीन पर लेट गईं। कांग्रेस के अनुसार, प्रियंका को महिला पुलिसकर्मियों ने कई जगह खरोंचा। शाम 6 बजे पुलिस ने राहुल व अन्य नेताओं को बलपूर्वक हिरासत में ले लिया। राहुल ने कहा, ‘ज्ञानेश वैध निर्वाचन आयुक्त नहीं हैं। इस्तीफे तक विरोध चलेगा।’ पार्टी ने पुलिस कार्रवाई को ‘ब्लैक डे’ कहा। गुरुवार को देशभर में प्रदर्शन होगा। वहीं, एक दिन पहले आकाशवाणी भवन में बिना अनुमति घुसने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने राहुल, प्रियंका और समर्थकों पर एफआईआर दर्ज कर ली। राहुल ने कहा, ‘हर एफआईआर मेरे सीने पर एक मेडल है। अभी 45 हैं। मेरा लक्ष्य 100 एफआईआर का है।”
प्रदर्शन में टीएमसी, माकपा, भाकपा, राजद और कुछ अन्य दलों के सांसद शामिल रहे। लंच बैठक में सपा से कोई नहीं था। कांग्रेस ने कहा कि शॉर्ट नोटिस पर सूचना के कारण कुछ दल नहीं आ सके। सपा सूत्रों ने राहुल के अचानक प्रदर्शनों से पहले पर्याप्त चर्चा न होने पर चिंता जताई। शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी-एसपी के प्रतिनिधि भी बैठक में नहीं आ सके।
बैंकों ने बढ़ाई ईएमआई
हिन्दुस्तान के अनुसार त्योहारों से पहले पुराने ऋण की किस्त और नया कर्ज महंगा होना शुरू हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा बुधवार को रेपो दर में बढ़ोतरी के तुरंत बाद ही देश के छह बड़े बैंकों ने कर्ज की व्याज दरें बढ़ा दीं। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा, जिन्होंने फ्लोटिंग दर पर कर्ज लिया है। नई ब्याज दरें लागू हो गई हैं। इन बैंकों ने अपनी रेपो आधारित ऋण दरों (आरएलएलआर और आरबीएलआर) में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी की है। पंजाब नेशनल बैंक ने आरएलएलआर 8.10 फीसदी से बढ़ाकर 8.35 फीसदी कर दी है। इसी तरह इंडियन बैंक ने आरबीएलआर 7.95 फीसदी से बढ़ाकर 8.20 फीसदी, बैंक ऑफ बड़ौदा ने 7.90 फीसदी से बढ़ाकर 8.15 फीसदी, बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक ने भी आरबीएलआर बढ़ाकर 8.35 फीसदी कर दी है। निजी क्षेत्र के तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक ने भी आरएलएलआर 8.25 फीसदी से बढ़ाकर 8.50 फीसदी कर दी है।
पटना-लखनऊ फ्लाइट पर पर बिजली गिरी
प्रभात ख़बर के अनुसार पटना के लोकनायक जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बुधवार को लखनऊ के लिए रवाना हुई इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट (6925) हवा में एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गयी. लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंडिंग की एप्रोच प्रक्रिया के दौरान करीब 17,000 फुट की ऊंचाई पर विमान आकाशीय बिजली (ठनका) की चपेट में आ गया. बिजली की सीधी टक्कर से विमान के अगले हिस्से (राडार डोम) के परखच्चे उड़ गये और भारी क्षति पहुंची. हालांकि, पायलट की त्वरित सूझबूझ और नियंत्रण के बदौलत विमान में सवार सभी 170 यात्री और छह क्रू मेंबर्स (कुल 176 लोग) पूरी तरह सुरक्षित रहे.
केमिस्ट्री का नोबेल प्राइज़ फ्रांस और जापान के वैज्ञानिकों ने जीता
वर्ष 2026 का रसायन विज्ञान नोबेल पुरस्कार फ्रांसीसी वैज्ञानिक हेनरी बी कागन और जापानी वैज्ञानिक केन्सो सोई ने जीता है। बुधवार को इन विजेताओं के नाम की घोषणा की गई। इन्हें यह सम्मान एक सदी से भी पुरानी पहेली ‘होमोचिरालिटी’ यानी ‘मिरर इमेज’ (दर्पण छवि) अणुओं के निर्माण और नियंत्रण के तरीके की खोज के लिए चुना गया है। इनके काम ने 100 साल पुरानी उस पहेली को समझने में मदद की कि प्रकृति में कुछ अणु दो दर्पण प्रतिबिंब रूपों में मौजूद होने के बावजूद जीवन में मुख्य रूप से एक ही रूप में क्यों मिलते हैं। यह खोज दवा निर्माण क्षेत्र के लिए अहम है।
जिलों में भूमिहीन स्वर्ण का ब्योरा इकट्ठा होगा
हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार के सभी जिलों में भूमिहीन सवर्णों का ब्योरा एकत्र किया जाएगा। ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। नियमानुसार वासगीत का पर्चा उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए उच्च जातियों के लिए राज्य आयोग ने सभी जिलों के नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया है। बुधवार को आयोग परिसर में दो दिवसीय प्रमंडल स्तरीय बैठक में संबंधित जिलों के नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए। मंगलवार को मगध एवं दरभंगा प्रमंडलों के जिलों के नोडल पदाधिकारियों तथा बुधवार को सारण और पटना प्रमंडलों के जिलों के नोडल पदाधिकारी के साथ आयोग ने बैठक की। पीएम मोदी किस बात पर बोले वी विल डू इट?
जागरण के अनुसार सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्षों का सतत कार्यकाल पूरा करने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को जब अपने सार्वजनिक जीवन की यात्रा को शब्दों में उकेरा तो उसमें सात अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने से लेकर अब तक सामने आई परिस्थितियों की धूप-छांव सब कुछ था। देशवासियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्वयं सेवकों के प्रति कृतज्ञ भाव में डूबे दिखे तो श्रीमद्भगवत गीता के संदेशों के माध्यम से जीवन-दर्शन की व्यक्त किया। संघर्ष, समर्पण और सफलता को देश के प्रति समर्पित करते हुए बोले, ‘मैं एंबिशन के लिए नहीं, मिशन के लिए जीने वाला इंसान रहा। मुझे जो भी जिम्मेदारियां मिलीं, उन्हें निभाते चला गया।’ इस दिन को अपने संकल्पों को नई ऊर्जा से भरने का दिन बताते हुए बोले- यह उस वादे को दोहराने का, उस इरादे को व्यक्त करने का दिन है, जो कहता है हम करके रहेंगे… वी विल ड्डू इट…।
कुछ और सुर्खियां:
- बिहार के 1200 से अधिक नियमित सरकारी अमीन अपने 10 सूत्री मांगों के समर्थन में सामूहिक छुट्टी पर
- पटना के फुलवारी शरीफ में गैस सिलेंडर फटने से खाना बना रही महिला की जलने से मौत
- पटना के मशहूर बंसी विहार रेस्टोरेंट में फूड सेफ्टी अधिकारियों को मिली खामियां, सुधार होने तक बंद करने का आदेश
- 72 वीं बीपीएससी पीटी फिर टलेगी, अब छठ के बाद नवंबर के अंत में होने की संभावना
- पूरे बिहार में 200 घाटों से बालू निकाला जाएगा, 12 नदियों के सर्वे के बाद पचासी नए घाट भी खुलेंगे
अनछपी: दिल्ली में एक बड़े आंदोलन के बाद छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा तो दिलवा दिया लेकिन बिहार के छात्र और युवा पटना के गर्दनीबाग में जो आंदोलन कर रहे हैं उसका कोई नतीजा फिलहाल सामने नहीं आ रहा है और उनकी समस्या दिन-ब-दिन बढ़ते ही जा रही है। यह जरूर है कि पिछले दोनों दारोगा भर्ती परीक्षा को रद्द करने का ऐलान किया गया और परीक्षा लेने वाले कई संस्थानों के अधिकारी भी बदले गए लेकिन खास तौर पर बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन जो इम्तिहान लेती है उनमें से अक्सर को लेकर परेशानी बनी हुई है। उदाहरण के लिए सिविल सर्विसेज की पीटी को बार-बार टाला जा रहा है तो सितंबर महीने में अपने कैलेंडर के अनुसार बीपीएससी को जिन परीक्षाओं का परिणाम घोषित करना चाहिए उनमें से कई के परिणाम अब तक जारी नहीं हो पाए हैं। कुछ सूत्रों का कहना है कि दरअसल यह अघोषित सरकारी नीति के तहत हो रहा है और इसकी दो वजहें हैं। एक तो सरकार चाहती है की नौकरी वाली परीक्षाएं देर से हों और यह प्रक्रिया लंबी चले ताकि चुनाव आते-आते लोगों को यह बात याद रहे कि सरकार ने कितनी नौकरी दी है। दूसरी बात यह है कि आजकल पेपर लीक का इतना झमेला है कि सरकार फिलहाल इम्तिहानों को टाल रही है ताकि इस वक़्त ऐसी कोई समस्या दोबारा पैदा ना हो। ऐसे में सवाल यह है कि युवाओं को इंसाफ कब मिलेगा और कब तक वह अफसरों और नेताओं के भरोसे अपने करियर को इस तरह डांवाडोल देखने को मजबूर रहेंगे?
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