छपी-अनछपी: धर्म के नाम पर लड़ाने की मंशा किसकी? 31 जिलों के डीएम गैर-मुस्लिमों को देंगे नागरिकता 

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड के नेता लगातार कह रहे हैं कि बिहार में धर्म के नाम पर लड़ाने की साजिश चल रही है। बुधवार को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान नीतीश कुमार ने यह बात फिर दोहराई। जागरण में इसकी सुर्खी पहले पेज पर सबसे बड़ी खबर है। बिहार में पराली जलाने पर अब एफआईआर की जाएगी। यह खबर हिन्दुस्तान में लीड है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक चलाने वाली कंपनी मेटा से 11000 लोगों को नौकरी से हटाए जाने की खबर भी सभी जगह प्रमुखता से छपी है। जागरण ने खबर दी है कि लालू प्रसाद को उनकी बेटी रोहिणी आचार्य किडनी देंगी।

जागरण ने लिखा है: कुछ लोगों की मंशा है धर्म के नाम पर लड़ाओ। इसमें बताया गया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोगों की मंशा रहती है कि हिन्दू-मुस्लिम के नाम पर झगड़ा कराओ। धर्म के नाम पर लड़ाओ। उन्होंने कहा कि मिलकर रहिएगा तो विकास कीजिएगा, झगड़ा कीजिएगा तो विकास रुक जाएगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में 281 सहायक प्राध्यापक और पंचायती राज विभाग के 144 प्रखंड पंचायत राज पदाधिकरियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम की यह खबर प्रभात खबर में भी पहले पेज की लीड है। इसकी हेडलाइन है: नौकरी व रोजगार दोनों मिलेंगे: सीएम। इस खबर के साथ उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव द्वारा अपने जन्मदिन के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चरण स्पर्श करने की तस्वीर भी छपी है।

हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी खबर है: पराली जलाने पर होगी एफआईआर। विकास आयुक्त विवेक कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई अंतर्विभागीय समूह की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। खेतों की मिट्टी को उपजाऊ बनाए रखने और राज्य में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए किसानों पर सीआरपीसी की सुसंगत धारा 133 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत पराली जलाने की घटना सही पाई गई तो दंडाधिकारी के बयान पर किसानों पर आईपीसी 188 के तहत मुकदमा किया जाएगा।
इसके साथ यह जानकारी भी है कि राज्य के सात शहरों की हवा जहरीली हो चुकी है। राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक के तहत राज्य भर में सबसे अधिक प्रदूषित शहर कटिहार बना हुआ है। कटिहार का वायु गुणवत्ता सूचकांक 393 पहुंच गया है। यहां धूलकण की मात्रा मानक से छह गुना अधिक हो गई है। वहीं, दूसरे नंबर पर मोतिहारी है, जिसका सूचकांक 368 हो गया है। वहीं, पटना का सूचकांक 250 है जबकि सीवान का 349, समस्तीपुर का 316, बेतिया का 308 और सहरसा का 307 है।

जागरण ने नई दिल्ली से खबर दी है: बेटी रोहिणी आचार्य की किडनी से लालू प्रसाद को मिलेगी नई ऊर्जा। इसमें बताया गया है कि लालू राबड़ी की दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य की किडनी से राजद प्रमुख लालू प्रसाद को नई ऊर्जा मिलने वाली है। रोहिणी अपने परिवार के साथ सिंगापुर में रहती हैं। डेढ़ दर्जन से अधिक बीमारियों से लड़ रहे हैं लालू का सिंगापुर में ही किडनी ट्रांसप्लांट होना है।

हिन्दुस्तान के एक प्रमुख खबर है: 8 दिसंबर तक मतदाता सूची में नाम दर्ज करा सकेंगे नए वोटर।

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को ब्रिटेन से भारत लाने का रास्ता साफ होता दिख रहा है। लंदन हाईकोर्ट ने बुधवार को निरोग की अपील खारिज करते हुए उसे भारत भेजने का आदेश दिया। यह खबर सभी अखबारों में प्रमुखता से छपी है।

यूक्रेन से लंबे समय से लड़ रही रूसी सेना ने बुधवार को बड़ा एलान करते हुए कहा कि वह यूक्रेन के खेरसान क्षेत्र के पश्चिमी तट और आसपास के इलाकों से पीछे हट रही है। यह खबर हिन्दी अखबारों में दब गई है। रूसी सेना का यह कदम उसकी हार का एक और उदाहरण माना जा रहा है।

वाशिंगटन से खबर है कि बढ़ती लागत और कम मुनाफे के चलते फेसबुक की मूल कंपनी मेटा ने बुधवार को अपने कर्मचारियों में से 13 फीसदी की छंटनी करने का फैसला किया है। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कंपनी के इस फैसले के बाद कर्मचारियों से सॉरी बोला है। कुछ दिन पहले ही एलन मस्क ने भी ट्विटर से बड़े पैमाने पर कर्मचरियों की छंटनी की थी।

जागरण ने नई दिल्ली से खबर दी है: गैर-मुस्लिमों को 31 जिलों के डीएम दे सकते हैं नागरिकता। इसमें बताया गया है कि नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत 9 जिलों के गृह सचिवों और 31 जिलों के जिलाधिकारियों को अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदुओं, सिखों, जैनियों, पारसियों और ईसाइयों को नागरिकता देने का अधिकार प्रदान किया गया है।

अनछपी: जब से भारतीय जनता पार्टी नीतीश कुमार सरकार से अलग हुई है इस बात की चर्चा जोरों पर है कि राज्य में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिशें की जा रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भारतीय जनता पार्टी का नाम तो नहीं लेते लेकिन उनकी बातों से यह साफ इशारा मिलता है कि यह साजिश कौन कर रहा है। 17 साल से सरकार चला रहे नीतीश कुमार को यह बात निश्चित रूप से पता होगी। यह इत्तेफाक है कि जिस दिन नीतीश कुमार ने धर्म के नाम पर लड़ाने का मुद्दा उठाया उसी दिन भाकपा माले के सचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने भी आरोप लगाया कि भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है। दीपंकर ने बक्सर में हुए संत समागम में भाजपा के मुख्यमंत्री व राज्यपाल के शामिल होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह समागम पूरी तरह से राजनीति पर आधारित था। उन्होंने राज्य सरकार को सतर्क रहने की बात कही। बिहार में एक और उपचुनाव कुंडली में होना है। ऐसे में अगर सांप्रदायिक माहौल बाद बिगाड़ने की बात सरकार को पता है तो जरूरी है कि पूरी सतर्कता बरती जाए और कहीं से ऐसी किसी कोशिश की खबर मिले तो उसे तत्काल कुचला जाए।

 490 total views

Share Now

Leave a Reply