छ्पी-अनछपी: इंजीनियर के पास मिली अकूत अवैध दौलत, ईरान के डिफेंस चीफ की हत्या
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। मधुबनी जिले में तैनात एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मनोज कुमार रजक के सात ठिकानों पर छापेमारी में अकूत अवैध दौलत मिली है। ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और बसीज फोर्सेज के प्रमुख जनरल गुलाम रजा सुलेमानी की इसराइल के हमले में जान चली गई। पूर्वी चंपारण में मुठभेड़ में दो बदमाश मारे गए जबकि एक पुलिसकर्मी की भी मौत हो गई।
और, जानिएगा कि बिहार में आरएसएस ने एक करोड़ घरों तक पहुंचने का दावा किया है।
पहली ख़बर
आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) ने मंगलवार को नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के सप्लाई डिवीजन जयनगर (मधुबनी) में तैनात कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के सात ठिकानों पर छापेमारी की. यह ठिकाने दरभंगा, मधुबनी के जयनगर, सुपौल के निर्मली और करजाइन में स्थित थे. लगभग 10 घंटे तक चली इस कार्रवाई में कई बैंक खाते, करोड़ों रुपये का निवेश और 17 प्लॉट की डीड बरामद की गयी. दस्तावेजों में इन प्लॉटों की कीमत एक करोड़ हैं, लेकिन बाजार में कीमत तीन करोड़ से अधिक बतायी जा रही है. ये प्लॉट अररिया, करजाइन (सुपौल), दरभंगा और सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) में खरीदे गये थे. तलाशी के दौरान बैंक खाते से 4.25 लाख रुपये और एक लाख पांच हजार रुपये कैश मिले हैं. गैस एजेंसी और पेट्रोल पंप के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं. तलाशी के दौरान स्विफ्ट डिजायर, स्कॉर्पियो जैसी 18 लाख रुपये की दो गाड़ियों के अलावा बैंक खातों में जमा भारी रकम और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं. नेपाल में एक अवैध निर्माण और पेट्रोल पंप के लीज के पेपर भी मिले हैं।
ईरान के डिफेंस चीफ अली लारीजानी की इसराइली हमले में मौत
हिन्दुस्तान के अनुसार इसरायल ने मंगलवार को ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और बसीज फोर्सेज के प्रमुख जनरल गुलाम रेजा सुलेमानी के खात्मे का दावा किया। हालांकि, ईरान ने शुरू में लारीजानी की मौत की पुष्टि नहीं की थी, पर देर रात लारीजानी और सुलेमानी के मारे जाने की बात को स्वीकार किया है। इसरायली दावे के बाद लारीजानी के एक्स खाते से हाथ से लिखा एक नोट पोस्ट किया गया, जिसमें उन्होंने ईरानी युद्धपोत में मारे गए नौसैनिकों को श्रद्धांजलि दी है। इसरायल के रक्षा मंत्री कॉट्ज ने बताया कि सोमवार देर रात ईरान के तीन शहरों तेहरान, शिराज और तबरीज पर हवाई हमलों में यह बड़ी सफलता मिली। तेहरान में कमांड सेंटर, शिराज में मिसाइल साइट, वहीं तबरीज में वायु रक्षा प्रणाली को ध्वस्त कर दिया। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश में कहा, हमने लारीजानी को खत्म कर दिया। अली खामेनेई के बाद वह ईरान के सबसे प्रभावशाली नेता बनकर उभरे। युद्ध के दौरान मुख्य भूमिका निभा रहे थे।
हम झुकेंगे नहीं: ईरान
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कालिबाफ ने कहा कि ईरान को ये उम्मीद नहीं थी कि पड़ोसी देशों की जमीन उसके खिलाफ हमलों के लिए इस्तेमाल होगी। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि दुनिया को समझना चाहिए कि ईरान न तो सीरिया है, जिसका नेता देश छोड़कर भाग जाए, और न ही वेनेजुएला, जो दबाव के आगे झुक जाए। ईरानी संसद के अध्यक्ष ने खाड़ी देशों में विदेशी सैन्य ठिकानों की मौजूदगी की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिकी ने इनकी सुरक्षा लिए अपने सैन्य अड्डे बनाए थे लेकिन इन सभी देशों के लिए ये अड्डे ही उसकी असुरक्षा का कारण बन गए। हमें तो मजबूरी में हमें अपनी रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने पड़े। उन्होंने कहा कि वे हवाई हमलें कर रहे हैं, मिसाइलें दाग रहे है तो क्या हम चुप कैसे बैठे रह सकते हैं। जवाब में हमला हमारा अधिकार है।
इसराइल पर ताबड़तोड़ हमले
ईरान ने इसरायली हमलों के जवाब में तेल अवीव और खाड़ी देशों को निशाना बनाकर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। ईरान ने तेल अवीव और येरूशलम को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं। इसके बाद उत्तरी इसरायल में सायरल बज उठे। वायु रक्षा प्रणालियों को समय रहते क्रिय कर दिया गया। वहीं अबू धाबी ईरानी हमलें में मिसाइल के मलबे की चपेट में आकर एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई। यूएई में ईरानी हमलों के कारण अबतक कुल आठ लोगों की जान जा चुकी है।
ईरान युद्ध के खिलाफ अमेरिकी अधिकारी का इस्तीफा
ईरान युद्ध के विरोध में अमेरिका के राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) के प्रमुख जो. केंट ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वह ईरान के साथ जारी युद्ध के विरोध में इस्तीफा देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के पहले अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि तेहरान से अमेरिका को कोई तत्काल खतरा नहीं था। जो. केंट ने राष्ट्रपति ट्रंप को लिखे पत्र में कहा कि मैं अपनी अंतरात्मा से ईरान में चल रहे युद्ध का समर्थन नहीं कर सकता।
ट्रंप को कनाडा-पोलैंड से भी झटका
होर्मुज जलमार्ग को खोलने में मदद के लिए युद्धपोत भेजने की ट्रंप की अपील को कनाडा और पोलैंड ने भी ठुकरा दिया है। कनाडा ने मंगलवार को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में शामिल होने से इनकार कर दिया है। वहीं पोलैंड ने भी कहा है कि वह ईरान में अपनी सेना नहीं भेजेगा। बता दें कि इससे पहले अमेरिका के कई अन्य सहयोगी देशों, जर्मनी, स्पेन और इटली ने स्पष्ट कर दिया था कि होर्मुज को फिर से खोलने में मदद के लिए जहाज भेजने की उनकी कोई तत्काल योजना नहीं है। विदेश मंत्री अनीता आनंद ने मंगलवार को कहा कि कनाडा का ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है।
मुठभेड़ में दो बदमाश ढेर, एक पुलिसकर्मी की भी जान गई
भास्कर के अनुसार पूर्वी चंपारण के चकिया थाना क्षेत्र के सिहोरवा गांव में सोमवार देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में एसटीएफ का एक जांबाज जवान शहीद हो गया। इस जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दो कुख्यात अपराधियों को मार गिराया है। घटना रात करीब 2:30 बजे की है, जब गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस अपराधियों को घेरने पहुंची थी। शहीद जवान की पहचान सीवान के पुरैना गांव निवासी श्रीराम कुमार यादव के रूप में हुई है। मुठभेड़ में मारे गए अपराधियों की पहचान चकिया के बुल्ला चौक निवासी कुंदन ठाकुर और मुजफ्फरपुर के साहेबगंज थाना क्षेत्र के बसंतपुर निवासी प्रियांशु दूबे के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार, कुंदन ठाकुर को सीने और जांघ में गोली लगी थी, जबकि प्रियांशु दूबे को सीने और पेट में गोली लगी। वहीं, एसटीएफ जवान श्रीराम कुमार यादव को सीने में गोली लगी, जिससे उनकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई और बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय और एसपी स्वर्ण प्रभात मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया।
आरएसएस का दावा-बिहार में एक करोड़ घर तक पहुंचे
जागरण के अनुसार बिहार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में एक करोड़ से अधिक घरों तक पहुंच गया है। इस बार व्यापक गृह संपर्क कार्यक्रम में संघ के स्वयंसेवकों ने 84 लाख घरों में संघ साहित्य एवं पत्रक देकर संवाद व संपर्क स्थापित किया। बिहार में शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित हिंदू सम्मेलन में अब तक 10 लाख 41 हजार 324 नागरिक उपस्थित हो चुके हैं। हिंदू सम्मेलन का कार्यक्रम अभी जारी है। उक्त जानकारी मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के उत्तर-पूर्व क्षेत्र (बिहार-झारखंड) के क्षेत्र कार्यवाह डा. मोहन सिंह एवं दक्षिण बिहार प्रांत के संघचालक राजकुमार सिन्हा ने विश्व संवाद केंद्र, पटना में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने समालखा (हरियाणा) में 13 से 15 मार्च तक आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के बैठक के बारे में बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखाओं में निरंतर विस्तार हो रहा है। देश में 55,683 स्थान पर 88,949 शाखाएं लग रही है। उत्तर और दक्षिण बिहार में पिछले साल 2308 दैनिक शाखाएं लगती थीं, इस साल उनकी संख्या बढ़कर 2575 हो गई है।
कुछ और सुर्खियां:
- जदयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद केसी त्यागी ने पार्टी से नाता तोड़ा, सदस्यता रिन्यूअल नहीं कराई
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए टीएमसी ने अपने 74 विधायकों के टिकट काटे, पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी भवानीपुर से चुनाव लड़ेंगी
- राज्यसभा चुनाव में ओडिशा में क्रॉस वोटिंग पर कांग्रेस ने तीन विधायकों को निलंबित किया
- समस्तीपुर जिले में वक़्फ़ की जमीन पर एनएच निर्माण को रोकने का ट्रिब्यूनल का फैसला पटना हाई कोर्ट ने रद्द किया
अनछपी: क्या किसी को चिकन बिरयानी खाने और हड्डी नदी में फेंकने के इल्ज़ाम में भी गिरफ्तार किया जा सकता है? मामला मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश का हो तो आज के भारत में इस ख़बर पर शायद ही किसी को ताज्जुब हो। पता नहीं इस मामले में गिरफ्तार चौदह युवाओं को जमानत मिलेगी या नहीं, या कब और किस कोर्ट से ज़मानत मिलेगी लेकिन नदी में इफ्तार करने वाले इन लड़कों को हमेशा परेशानी झेलनी पड़ेगी। इल्ज़ाम है कि बनारस में गंगा नदी में इफ्तार पार्टी कर चिकन-बिरयानी खाने और अवशेष गंगा में फेंका गया। यह बात आरोप बन गई और इस मामले में कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को 14 युवकों को गिरफ्तार कर लिया। सभी पुलिस लाइन स्थित विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किए गए। कोर्ट ने न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया। भाजयुमो के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल की तहरीर पर पुलिस ने सोमवार रात केस दर्ज किया था। तहरीर और शिकायतकर्ता की ओर से दिए गए वीडियो के आधार पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखी। इसके बाद रील एवं वायरल वीडियो के आधार पर 14 युवकों की पहचान कर गायघाट से गिरफ्तार कर लिया। किसी इंसाफ पसन्द देश में ऐसी किसी गिरफ्तारी की कोई गुंज़ाइश नहीं लेकिन अगसोस की बात यह है कि जहां से इंसाफ की उम्मीद और गुंज़ाइश है, उन अदालतों से भी या तो देर में या बिल्कुल ही इंसाफ नहीं मिलता। इसी वजह से ज़ालिम हुक्मरानों पर कोई लगाम नहीं लगता।
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