बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। ईरान से जंगबन्दी पर काफी हां-ना के बाद अमेरिका ने सीजफायर बढ़ाने का एलान किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उस बयान पर भाजपा ने भारी विरोध जताया है जिसमें पीएम मोदी को आतंकी कहा था और बाद में सफाई दी। बिहार के कई जिलों में लू चल रही है।
और, जानिएगा कि बिहार सरकार 12000 करोड़ रुपये का लोन लेगी क्योंकि पैसे की कमी की वजह से लाखों लोगों की सामाजिक पेंशन रुकी हुई है।
पहली ख़बर
बीबीसी के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान के साथ अनिश्चितकाल तक युद्धविराम बढ़ाने का फ़ैसला, उनके कुछ ही घंटे पहले के रुख़ से एक बड़ा यू-टर्न है. ट्रंप ने इस एलान से चंद घंटों पहले सीएनबीसी से कहा था, “मुझे उम्मीद है कि हम (ईरान पर) बमबारी करेंगे,” और यह भी कहा कि सेना “पूरी तरह तैयार” है. उन्होंने ईरान के भीतर हर पुल और बिजली संयंत्र को नष्ट करने की अपनी धमकी भी दोहराई थी.
खरगे ने मोदी को बताया आतंकी तो भड़की भाजपा
जागरण के अनुसार तमिलनाडु और बंगाल में पहले चरण के मतदान के ठीक पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आतंकी कहने से राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने इसका कड़ा, विरोध करते हुए इसे प्रधानमंत्री समेत 140 करोड़ देशवासियों का अपमान बताया है। भाजपा ने खरगे और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से माफी की मांग की। वहीं मामला के तूल पकड़ते देख खरगे ने सफाई देते हुए कहा कि मोदी राजनीतिक दलों को आतंकित करते हैं और ईडी, सीबीआइ जैसी एजेंसियों को दुरुपयोग कर सबको धमकाते हैं। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का प्रचार समाप्त होने के पहले कांग्रेस अध्यक्ष ने अन्ना द्रमुक के साथ भाजपा द्वारा गठबंधन करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे (अन्ना द्रमुक) मोदी के साथ कैसे जुड़ सकते हैं। वह एक आतंकी हैं।
बिहार के कई जिलों में लू
भास्कर के अनुसार बिहार के आधे से अधिक जिलों में अभी से लू का कहर शुरू हो गया है। इस साल गर्मी न केवल समय से पहले आई है, बल्कि इसकी तीव्रता भी पिछले साल के मुकाबले 4 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक है। मंगलवार को राज्य के 16 जिलों में पारा 40 डिग्री के पार चला गया। गया 42.7 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग, पटना केन्द्र के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले इस बार चार डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है। फिलहाल गर्मी से राहत के आसार कम हैं और अगले कुछ दिनों तक लू का असर बना रहेगा। हालांकि 24 अप्रैल के बाद कुछ इलाकों में मौसम बदल सकता है, लेकिन तब तक लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
श्रवण कुमार बने जदयू विधायक दल के नेता
हिन्दुस्तान के अनुसार जदयू के वरिष्ठ नेता और नालंदा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्रवण कुमार बिहार विधानसभा में जदयू विधायक दल के नेता बनाए गए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी विधायक दल के नेता के रूप में उनके नाम पर मुहर लगाई है। इसकी औपचारिक सूचना पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार को भेजी थी।
गुजरात एटीएस ने दो मुसलमानों गिरफ्तार किया
गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने सोशल मीडिया से लोगों को कट्टरपंथ की ओर धकेलकर आतंकी साजिश रचने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान इरफान खान पठान और मु्र्शिद जाहिद अख्तर शेख के रूप में हुई है। 21 वर्षीय मुर्शिद जाहिद अख्तर शेख मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। उसने आठवीं तक की पढ़ाई की है। मुर्शिद मुंबई में अपने भाई के साथ बिरयानी की दुकान में काम करता था। वहीं, 22 साल का इरफान पाटन के सिद्धपुर का रहने वाला है। वह मेहसाणा से एमएससी केमिस्ट्री की पढ़ाई की है, और कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहा था। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की अवधारणा पर एक आतंकी नेटवर्क खड़ाकर देश को दहलाने और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े पदाधिकारियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। एटीएस ने बताया कि दोनों से पूछताछ और मोबाइल जांच में सामने आया कि वह व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े लोगों और अन्य कट्टरपंथी तत्वों के संपर्क में थे।
बिहार सरकार 12 हज़ार करोड़ लोन लगी ताकि रुकी हुई सामाजिक पेंशन दे सके
भास्कर के अनुसार राज्य को आर्थिक दबाव से उबारने के लिए नई सरकार ने पहल शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने रिजर्व बैंक से जून तक 12 हजार करोड़ रुपये के लोन की मांग की है। इसमें से 4 हजार करोड़ रुपये इसी महीने के अंत तक मिल सकते हैं। इस रकम का सबसे बड़ा हिस्सा सामाजिक सुरक्षा पेंशन के मद में जाएगा। मार्च और अप्रैल महीने की पेंशन अटकी हुई है। सरकार की योजना है कि मई में 1 करोड़ से अधिक बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवाओं को दो महीने की पेंशन एक साथ दी जाए। इसके अलावा फंड की कमी से रुकी हुई विकास योजनाएं और 58 हजार छात्रों के स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का भुगतान भी इसी कर्ज से होने की उम्मीद है। चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पेंशन 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी थी। इससे सरकार पर हर महीने 1150 करोड़ रुपये का बोझ पड़ रहा है। साथ ही महिला रोजगार योजना में 15 हजार करोड़ रुपये खर्च होने से खजाना दबाव में आ गया।
कुछ और सुर्खियां:
- पटाखा बनाते समय केरल के त्रिशूर जिले में धमाका, तेरह श्रमिकों की मौत
- 224 हड़ताली राजस्व कर्मचारियों को निलंबन से मुक्त करने का एलान
- पश्चिम बंगाल में पहले फेज के लिए और तमिलनाडु में प्रचार थमा, वोटिंग चल
- मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की
- हादसे का शिकार हुई गाड़ियों को पुलिस को 24 घंटे के अंदर लौटाने का निर्देश
- पाकिस्तान ने भारत के लिए एयर स्पेस प्रतिबंध 24 में तक बढ़ाया
अनछपी: राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव एक तरफ जनता के लिए अपनी सेवा के लिए जाने जाते हैं तो दूसरी तरफ उनके बयान अक्सर विवादों से भरे होते हैं। अकेले दम पर उन्होंने 2024 में पूर्णिया की लोकसभा सीट से जीत हासिल की तो कांग्रेस से उनकी नज़दीकी और बढ़ गई हालांकि उनका विरोध भी होता रहा और गठबंधन के प्रमुख दल आरजेडी से पप्पू की वजह से ही तनाव रहा। उन्हें प्रियंका गांधी का क़रीबी बताया जाता है लेकिन राजनीति में महिलाओं के आगे बढ़ने के बारे में जो बयान दिया है उससे प्रियंका ज़रूर असहज महसूस करेंगी। केवल इसलिए नहीं कि वह बयान आपत्तिजनक माना गया बल्कि इसपर राजनीति भी शुरू हो गई और पप्पू के बहाने कांग्रेस पर हमले हो रहे। बिहार राज्य महिला आयोग ने पप्पू यादव को महिलाओं को लेकर उनके विवादित बयान पर स्वत: संज्ञान लेते हुए नोटिस भेजा है। आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने पूर्णिया सांसद को दिये गए नोटिस में कहा है कि सोशल मीडिया से एक प्रसारित वीडियो में राजनीतिक क्षेत्र में कार्य कर रही महिलाओं के प्रति आपके द्वारा घृणित बयान दिया गया है। कहा गया कि राजनीति में कार्य कर रही महिलाएं किसी न किसी राजनेताओं के साथ बेड शेयर करके ही आती हैं, जो महिलाओं के आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाती है। यह भी कहा कि बताएं कि क्यों नहीं पप्पू के खिलाफ लोकसभा की सदस्यता रद्द करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से अनुशंसा की जाए? इधर पप्पू ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया और वह महिलाओं के खिलाफ नहीं, बल्कि राजनीति में होने वाले कथित शोषण के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने अपने बयान में यह मुद्दा उठाया था कि राजनीति में आने वाली महिलाओं को कई बार शोषण का सामना करना पड़ता है और इसी संदर्भ में उन्होंने टिप्पणी की थी। वैसे, पप्पू की गलती यह है कि उन्होंने एक गंभीर मुद्दे को हल्के शब्दों में बयान किया लेकिन क्या यह सही नहीं होगा कि आम महिलाओं से यह पूछा जाए कि राजनीति में आगे बढ़ने के लिए उन्हें किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और क्या शारीरिक शोषण की बात बेबुनियाद है?
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