बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची एक बार फिर इस्लामाबाद पहुंच गये हैं। गोपालगंज में ननद-भौजाई को 6 युवकों ने अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया। बिहार में अब हर सरकारी कार्यक्रम की शुरुआत जन गण मन से नहीं बल्कि वंदे मातरम से होगी।
और, बिहार में हर साल एक लाख लोग ब्रेन स्ट्रोक का शिकार होते हैं लेकिन इसके इलाज के सेंटर्स बहुत कम हैं।
पहली ख़बर
प्रभात ख़बर के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के कूटनीतिक प्रयास रविवार को ‘हाइ-वोल्टेज ड्रामे’ के गवाह बने. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि ईरान ने उन्हें एक नया शांति प्रस्ताव भेजा है. ट्रंप ने फ्लोरिडा से वाशिंगटन लौटते समय एयरफोर्स वन में संवाददाताओं को बताया कि पहले भेजे गए एक प्रस्ताव को खारिज करने के महज 10 मिनट के भीतर ईरान ने दूसरा ‘बेहतर’ प्रस्ताव भेजा. हालांकि, ट्रंप ने अपनी मुख्य शर्त दोहराई कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा. दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ओमान की संक्षिप्त यात्रा के बाद रविवार शाम एक बार फिर इस्लामाबाद पहुंच गये हैं. इससे पहले शनिवार को वार्ता बेनतीजा रही थी क्योंकि अराक़ची के पाकिस्तान से ओमान जाने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने दूतों- स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को पाकिस्तान जाने से रोक दिया था. ट्रंप का कहना है कि वार्ता इसलिए रद्द की गयी क्योंकि ईरानी पक्ष की ओर से ‘देश का मुख्य नेता’ मुलाकात के लिए उपलब्ध नहीं था. ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब समझौता टेलीफोन के जरिए ही होगा और ईरान जब चाहे उन्हें कॉल कर सकता है. अराक़ची के दोबारा पाकिस्तान लौटने से शांति वार्ता की उम्मीदें फिर से जाग गयी हैं, हालांकि जमीनी स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है.
गोपालगंज में ननद-भाभी अगवा
गोपालगंज से भास्कर की ख़बर है कि शौच के लिए घर से निकलीं ननद-भौजाई को 6 युवकों ने अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना जादोपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की है। एसपी ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए एसआईटी का गठन किया है। पुलिस ने दो आरोपियों अजय कुमार और नीतीश कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने दोनों पीड़िताओं की मेडिकल जांच कराई। एसपी विनय तिवारी ने बताया कि पूरे मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सदर एसडीपीओ प्रांजल के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस स्पीडी ट्रायल से दोषियों को सजा दिलाएगी।
एईडीओ परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में पांच आरोपित रिमांड पर
जागरण के अनुसार बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (एईडीओ) परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों की जांच तेज हो गई है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की विशेष जांच टीम (एसआइटी) ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपितों को रिमांड पर लिया है। सभी से पटना स्थित ईओयू कार्यालय में गहन पूछताछ की जा रही है। रही है। सूत्रों से मिली सूचना के अनुसार पूछताछ से मिले इनपुट के आधार पर एसआइटी आगे की जांच की दिशा तय करेगी। टीम राज्यभर में दर्ज संबंधित मामलों का ब्योरा जुटा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क को समझा जा सके। प्रारंभिक जांच में संगठित गिरोह की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है, जिसके मद्देनजर विभिन्न कड़ियों को आपस में जोड़ा जा रहा है।
हर सरकारी प्रोग्राम में जन गण मन से पहले वंदे मातरम गाया जाएगा
हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार में सभी सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत अब राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् से होगी। इसके तुरंत बाद राष्ट्रीय गान होगा और फिर निर्धारित कार्यक्रम शुरू होगा। कार्यक्रम का समापन बिहार राज्य गीत से किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहैल ने इस संबंध में रविवार को सभी विभागीय प्रमुखों, पुलिस महानिदेशक, सभी प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी को निर्देश जारी किया है। निर्देश में सभी सरकारी कार्यक्रमों एवं शैक्षणिक संस्थाओं में इनके गायन के लिए क्रम के निर्धारण की भी जानकारी दी गई है। सभी शैक्षणिक संस्थाओं का आरंभ राष्ट्रीय गीत के गायन से करने और उसके बाद राष्ट्र गान के गायन का निर्देश दिया है। इसके बाद शैक्षणिक संस्थाओं का संचालन निर्धारित कार्य के अनुसार किया जाएगा। विभाग ने अधिकारियों को इसका पालन सुनिश्चित कराने को कहा है। बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय गीत के गायन और उसके सम्मान को लेकर निर्देश जारी किया गया था।
बिहार में हर साल एक लाख लोग ब्रेन स्ट्रोक का शिकार
एम्स पटना में आयोजित ‘न्यूरोवैस्कुलर अपडेट 2026’ सम्मेलन में विशेषज्ञों ने रविवार को स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज के मरीजों के बेहतर इलाज के लिए हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को जरूरी बताया। न्यूरो सर्जरी विभाग प्रमुख व सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. विकास चंद्र झा ने कहा कि देश में व्यापक न्यूरोवैस्कुलर देखभाल केवल लगभग 50 केंद्रों पर उपलब्ध हैं, जबकि बिहार में यह सुविधा सिर्फ 1-2 केंद्रों तक सीमित है। उन्होंने मांग के अनुसार इन सुविधाओं को कम से कम 100 गुना बढ़ाने की आवश्यकता बताई। विशेषज्ञों ने कहा कि लक्षण शुरू होने के पहले चार घंटे यानी ‘गोल्डन आवर’ में आधुनिक इलाज मिलने से मरीजों की जान बचने और रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है। एम्स पटना के न्यूरो सर्जरी विभाग ने बिहार न्यूरो सर्जरी सोसाइटी और एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ ईस्टर्न न्यूरो साइंटिस्ट्स ऑफ इंडिया के सहयोग से दो दिवसीय ‘न्यूरोवैस्कुलर अपडेट पटना 2026’ का आयोजन किया। सम्मेलन में देशभर से 300 से अधिक न्यूरो साइंटिस्ट ने भाग लिया।
कुछ और सुर्खियां:
- अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सचिव मोहम्मद सोहैल का तबादला, राजपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल चोंगथु बने प्रधान सचिव
- उत्तर व पूर्वी बिहार में आंधी और बारिश, पटना में भी गर्मी कम हुई
- भारत के मशहूर फोटोग्राफर रघु राय का 93 साल की उम्र में निधन
- दिल्ली से जर्मनी के शहर ज्यूरिख जा रही उड़ान में आग लगी, 6 लोग घायल
अनछपी: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने कार्यकाल के दौरान जिन बातों का बहुत दम भरते थे उनमें से एक बात थी कृषि रोड मैप। इस कृषि रोड मैप के लिए करोड़ों का बजट होता था। इससे कितना फायदा पहुंचा यह तो किसानों से पूछा जा सकता है लेकिन आज हम पोल्ट्री उद्योगबकी सुरक्षा के बारे में बात करना चाहते हैं। इतने दावों और खर्चों के बावजूद क्या कोई यह यक़ीन करेगा कि बिहार में बर्ड फ्लू जांच के लिए एक भी लैब नहीं है। बिहार में हर साल बर्ड फ्लू से पोल्ट्री चलाने वालों को काफी नुकसान होता है। दिलचस्प बात यह है कि बिहार में लैब बनाने के लिए पिछले एक दशक से योजना बन रही है। डेयरी, मत्स्य व पशु संसाधन विभाग ने तो 2023-24 में पशु स्वास्थ्य व उत्पादन संस्थान परिसर में लैब के लिए 14 करोड़ 92 लाख की राशि का भी प्रावधान कर दिया था लेकिन अब तक लैब का अता-पता नहीं है। दूसरी और वजहों के साथ एक हम वजह इसके लिए किया जाने वाला टेंडर है और खबरों में बताया गया है कि अब तक दो बार टेंडर रद्द हो चुका है। ऐसी खरीदारी में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रहती हैं और इससे कोई इनकार नहीं कर सकता कि इस मामले में भी ऐसा हो रहा हो। बिहार में इतनी तरक्की के दावों के बावजूद अभी बर्ड फ्लू की पुष्टि कराने के लिए सैंपल जांच कोलकाता और भोपाल भेजा जाता है। बाहर के लैब में सैंपल भेजने और जांच रिपोर्ट आने में तक पशुपालकों को काफी नुकसान हो जाता है। किसानों और पशुपालकों के इस नुकसान को हमारे समाज के बीच चर्चा का गंभीर विषय होना चाहिए।
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