बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार सरकार टाउनशिप योजना में ली गई जमीन का 55% हिस्सा विकसित करके मूल मालिकों को वापस लौटाएगी। मुजफ्फरपुर के सकरा क्षेत्र में दिन दहाड़े बाइक सवार दो अपराधियों ने लूट के दौरान पति-पत्नी व बच्चे को गोली मार दी। आईजीआईएमएस में एमबीबीएस की हुई परीक्षा धांधली की वजह से रद्द कर दी गई है। मुंबई में एक ही परिवार के चार सदस्यों की तरबूज खाने के बाद मौत हो गई।
और, सन फार्मा अमेरिका की दिग्गज हेल्थकेयर कंपनी ऑर्गेनन को 1.10 लाख करोड़ रुपए में खरीदेगी।
पहली ख़बर
भास्कर के अनुसार जमीन बिहार में 11 नई टाउनशिप बसाने की तैयारी तेज हो गई है। इस बार सरकार सिर्फ जमीन का अधिग्रहण नहीं कर रही, बल्कि किसानों को विकास का सीधा साझीदार बना रही है। सोमवार को नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जमीन लैंड पूलिंग के जरिए ली जाएगी। राज्य सरकार लैंड पूलिंग के तहत ली गई जमीन का 55% हिस्सा पूरी तरह विकसित करके मूल मालिकों को वापस लौटा देगी। सबसे खास बात यह है कि जो लोग लैंड पूलिंग में जमीन नहीं देना चाहेंगे, उन्हें नुकसान नहीं होगा। सरकार उनकी जमीन मार्केट रेट से चार गुना ज्यादा दाम पर खरीदेगी। अक्टूबर-नवंबर तक जमीनों का प्रारूप खाता-खेसरा नंबर के साथ प्रकाशित कर दिया जाएगा। इसके बाद लोगों को अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए करीब एक महीने का वक्त मिलेंगा। इस नई नीति से राज्य के शहरी विकास को मजबूत रफ्तार मिलेगी।
मुजफ्फरपुर में दिनदहाड़े मियां-बीवी-बच्चे पर गोलीबारी
हिन्दुस्तान के अनुसार मुजफ्फरपुर के सकरा क्षेत्र के रेपुरा-मड़वन मार्ग पर रेपुरा चौर में सोमवार दोपहर करीब दो बजे बाइक सवार दो अपराधियों ने लूट के दौरान पति-पत्नी व बच्चे को गोली मार दी। दोनों अपराधी करीब सात लाख रुपये के जेवरात लूटकर बाइक लहराते हुए हाईवे की ओर फरार हो गए। ग्रामीणों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। महिला श्वेता कुमारी (26) की कनपटी में गोली लगी है। उसके पति वैशाली के बलिगांव थाना के दिग्घा निवासी सोहन सिंह (27) की जांघ में गोली लगी है। वहीं, साढ़े तीन साल के पुत्र प्रियांश कुमार के सिर को छूते हुए गोली निकल गई। उसे आंशिक जख्म आया है। सोहन व श्वेता को शहर के जूरन छपरा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आईसीयू में भर्ती श्वेता की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मौके से पुलिस ने दो खोखा, एक कारतूस जब्त किया है। एफएसएल की टीम ने भी साक्ष्य जुटाए।
आईजीआईएमएस में एमबीबीएस की परीक्षा रद्द
प्रभात ख़बर के अनुसार इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आइजी आइएमएस) में एमबीबीएस परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में संस्थान की आंतरिक जांच कमेटी ने सोमवार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है. इसमें परीक्षा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पायी गयी हैं. इसके बाद संस्थान प्रशासन ने एमबीबीएस के द्वितीय सेमेस्टर 2025 परीक्षा को रद्द कर दिया है. साथ ही डीन एग्जामिनेशन सेक्शन के कर्मियों व छात्रों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है. परीक्षा शाखा में भी बड़े पैमाने पर फेरबदल का निर्णय लिया गया है. दूसरी ओर संस्थान के शिक्षकों और छात्रों ने जांच रिपोर्ट पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. छात्रों का आरोप है कि जांच रिपोर्ट में लीपापोती की गयी है और मुख्य दोषी को बचा लिया गया है.
होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान शर्त के साथ तैयार
जागरण के अनुसार ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की पेशकश करते हुए नया प्रस्ताव दिया है। नए प्रस्ताव में तीन शर्तें रखी गई हैं, जिनमें अमेरिकी नाकेबंदी हटाने, युद्ध खत्म करने और परमाणु मुद्दे पर अलग से वार्ता की बात कही गई है। ईरान ने यह प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका तक पहुंचाया है। लेकिन ईरान के इस प्रस्ताव पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहमत होने की संभावना कम नजर आ रही है। क्योंकि उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बंद कराने के लिए ही युद्ध छेड़ा था।
तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के पांच की मौत
हिन्दुस्तान के अनुसार मुंबई में एक ही परिवार के चार सदस्यों की तरबूज खाने के बाद मौत हो गई। इनमें दो नाबालिग बेटियां और पति-पत्नी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि 25 अप्रैल को जेजे मार्ग स्थित घर में एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान परिवार ने पांच मेहमानों संग चिकन पुलाव खाया। मेहमानों के जाने के बाद उन्होंने तरबूज खाया, जिसके कुछ देर बाद सभी को उल्टियां-चक्कर आने लगे। जेजे अस्पताल में रविवार को अब्दुल्ला (40), उनकी पत्नी नसरीन (35) और उनकी दो बेटियों जैनब (13) व आयशा (16) की मौत हो गई। शुरुआती जांच में यह मामला तरबूज खाने से फूड पॉयजनिंग का लग रहा है। जिन मेहमानों ने केवल पुलाव खाया, उन्हें परेशानी नहीं हुई। पोस्टमार्टम हुआ है, लेकिन मौत की असली वजह जानने के लिए ‘हिस्टोपैथोलॉजी’ रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
सन फार्मा खरीदेगी अमेरिकी दवा कंपनी
भास्कर के अनुसार भारत की सबसे बड़ी दवा कंपनी सन फार्मा अमेरिका (न्यू जर्सी) की दिग्गज कंपनी ऑर्गेनन को 1.10 लाख करोड़ रुपए में खरीदेगी। यह किसी भी भारतीय दवा कंपनी द्वारा किया जाने वाला अब तक का सबसे बड़ा विदेशी अधिग्रहण है। डील को लेकर दोनों कंपनियों ने सोमवार को संयुक्त बयान जारी किया। डील के तहत सन फार्मा ऑर्गेनन के सभी बकाया शेयर 14 डॉलर प्रति शेयर की कीमत पर खरीदेगी। पूरा सौदा नकद में होगा। सन फार्मा 150 देशों में पहुंच जाएगी। 100-100 मिलियन डॉलर राजस्व वाले 18 बड़े बाजार उसके पास होंगे। इससे दोनों कंपनियों का संयुक्त राजस्व 1.16 लाख करोड़ रु. होगा। सौदा 2027 की शुरुआत में पूरा होने की उम्मीद है। डील की घोषणा के बाद सन फार्मा के शेयर 7% से 9% तक चढ़ गए। कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष दिलीप सांघवी ने बताया कि यह सौदा कंपनी के ‘लोगों तक पहुंचने और जीवन को छूने’ के विजन को आगे बढ़ाएगा।
कुछ और सुर्खियां:
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के लिए प्रचार का शोर थमा, वोटिंग कल
- आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को चिट्ठी लिखी, कहा- उनके सामने न खुद पेश होंगे, न ही उनका वकील
- आम आदमी पार्टी के सात सांसदों को राज्यसभा सचिवालय से भाजपा में विलय की मंजूरी मिली
- सारण जिले के दिघवारा थाना क्षेत्र में तिलक से लौट रहे ऑटो रिक्शा सवार तीन लोगों की स्कॉर्पियो से टक्कर में मौत
अनछपी: बिहार में इंसानों की कैसे बेमौत मौत होती है, इसके उदाहरण मिलते रहते हैं। कभी किसी पर बिजली का तार गिरने से मौत हो सकती है तो कभी कोई किसी गाड़ी के धक्के से मारा जा सकता है। इसी सिलसिले में बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर से यह खबर आई कि स्टेट हाईवे 55 पर गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क को खोदकर छोड़ दिया गया था और उस गड्ढे में गिरने से दो बाइक सवार युवकों की मौत हो गई। सड़क पर गड्ढा बनाकर छोड़ देना बिहार के लिए कोई खास बात नहीं मानी जाती और लोग परेशान होने के लिए मजबूर रहते हैं। इसकी वजह यह है कि इन गड्ढों से नेताओं और बड़े अधिकारियों को कोई परेशानी नहीं होती क्योंकि उनके रास्ते अलग होते हैं या उनके सफर के दौरान इन गड्ढों को भर दिया जाता है। ऐसे में जख्मी होने और जान गंवाने वाले लोग आम जनता ही होती है। जिस आम जनता के पैसों से नेताओं और अफसर के घरों में खुशहाली आती है, उसी आम जनता की जिंदगी की कोई कीमत नहीं होती। बेगूसराय की दुर्घटना की तरह का कोई भी मामला हो तो कुछ लोगों को मुश्किल से सस्पेंड कर दिया जाता है लेकिन ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाता ज़्कि इस तरह की दुर्घटनाएं फिर ना हों। उससे भी बड़ी बात यह है कि समाज और सरकार में ऐसी बेमौत मौतों के बारे में कोई चर्चा नहीं होती।
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