छ्पी-अनछपी: बाढ़ में डूबने से 22 की मौत, लालू परिवार के लिए आज अहम दिन

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बाढ़ के पानी में डूबने से शुक्रवार को नौ जिलों में 22 लोगों की मौत हो गई। लालू प्रसाद और उनके परिवार से जुड़े आइआरसीटीसी घोटाला मामले में शनिवार को दिल्ली का राउज एवेन्यु कोर्ट बड़ा फैसला सुना सकता है। बिहार स्टेट शिया वक्फ बोर्ड अब एआई तकनीक से अपनी करोड़ों की संपत्तियों की सुरक्षा और निगरानी करेगा। 

और, जानिएगा कि बिहार के 29 विधायकों ने क्यों लिखा मुख्यमंत्री को पत्र और जाति बताई।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार गंडक, गंगा, बागमती और घाघरा समेत अन्य नदियों के रौद्र रूप से छह जिलों पूर्वी-पश्चिम चंपारण के अलावा सारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में बाढ़ की स्थिति विकराल हो गई है। विशेषकर गंडक अब भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इससे तटबंधों पर दबाव बना हुआ है। इधर बाढ़ के पानी में डूबने से शुक्रवार को नौ जिलों में 22 लोगों की मौत हो गई। जल संसाधन विभाग के मुताबिक, प्रभावित तटबंधों की सुरक्षा के लिए विभाग की ओर से रात में विशेष पेट्रोलिंग शुरू की गई है। हालांकि, कई जगहों पर नदियों के जलस्तर में कमी हो रही है, लेकिन इसकी रफ्तार इतनी धीमी है कि बाढ़ पीड़ितों को जल्द राहत मिलने की गुंजाइश कम है। जगह-जगह सड़कों पर पानी चढ़ने से आवागमन पर भी व्यापक असर पड़ा है। परसा हाई स्कूल चौक स्थित छपरा-पटना मुख्य मार्ग पर शुक्रवार को करीब चार फीट बाढ़ का पानी चढ़ जाने से छोटे वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गई है। गोपालगंज को पूर्वी चंपारण, गोपालगंज एवं सारण जिलों को जोड़ने वाली राम-जानकी पथ पर तीन फीट पानी है। 

गोपालगंज में तटबंध टूटने के मामले में तीन इंजीनियर सस्पेंड

जागरण के अनुसार गोपालगंज जिले के शीतलपुर में रिंग तंटबंध टूटने मामले में जल संसाधन विभाग ने कार्यपालक अभियंता मोहम्मद साजिद इकबाल, सहायक अभियंता जावेद तथा कनीय अभियंता विकास कुमार को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान कार्यस्थल से हटा दिया है। तीनों अभियंताओं के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। प्रमोद कुमार को नया कार्यपालक अभियंता बनाया गया है।

आईआरसीटीसी घोटाला मामले में आज आ सकता है लालू परिवार पर फैसला

पटना से प्रभात खबर की खबर है कि लालू प्रसाद और उनके परिवार से जुड़े आइआरसीटीसी घोटाला मामले में शनिवार को दिल्ली का राउज एवेन्यु कोर्ट बड़ा फैसला सुना सकता है. इसे लेकर लालू परिवार के कई सदस्य कोर्ट में हाजिर हो सकते हैं. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित अन्य के खिलाफ आरोप तय कर दिया था. अभी तक की सुनवाई में कोर्ट ने इस मामले में सात लोगों को बरी कर दिया था. आइआरसीटीसी घोटाला 2004-2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यूपीए सरकार में रेलमंत्री थे. सीबीआइ के मुताबिक, सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को ठेका देने में नियमों को ताक पर रखा गया और इसके बदले लालू परिवार को बेशकीमती जमीन हस्तांतरित की गयी.

एआई तकनीक अपनाएगा बिहार शिया वक़्फ़ बोर्ड

भास्कर के अनुसार बिहार स्टेट शिया वक्फ बोर्ड अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से अपनी करोड़ों की संपत्तियों की सुरक्षा और निगरानी करेगा। ऐसा करने वाला बिहार देश का पहला शिया वक्फ बोर्ड बन गया है। एआई तकनीक लाने का मुख्य मकसद बोर्ड की संपत्तियों की पुख्ता निगरानी करना, नाजायज कब्जों पर रोक लगाना है। अवैध खरीद-बिक्री रोकना और नाजायज कब्जों पर रोक लगाना है। बोर्ड के तहत कुल 350 वक्फ एस्टेट हैं। इसके 100 से डेढ़ सौ साल पुराने वक्फनामे और डीड कैथी, फारसी और अन्य भाषाओं में लिखे हैं। एआई इन सभी पुराने दस्तावेजों का हिंदी और अंग्रेजी में अनुवाद करेगा। इसके बाद पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन अपलोड कर दिया जाएगा। एआई एक्सपर्ट रूपेश कुमार के मुताबिक, जिस डीड को पढ़ने में पहले 5 घंटे का समय लगता था, एआई उसका संक्षिप्त नोट बना देगा। शिया वक्फ बोर्ड के लिए एक अलग से एआई सॉफ्टवेयर भी तैयार किया जा रहा है। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन इरशाद अली आजाद ने बताया कि बोर्ड में एआई से काम करने के लिए एक कंपनी के एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए विपक्षी दलों का हल्ला बोल

हिन्दुस्तान के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर रोकने की मांग को लेकर शुक्रवार को दिल्ली समेत देश के कई शहरों में विपक्षी दलों, छात्र संगठनों व युवा समूहों ने प्रदर्शन किया। दिल्ली में पुलिस ने जंतर-मंतर पहुंचने से पूर्व ही 700 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया। पुलिस ने अशोका रोड, जनपथ लेन, टॉलस्टॉय मार्ग और संसद मार्ग समेत कई जगह बैरिकेडिंग की थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी वहां जुटे और नारेबाजी की। आप नेता सौरभ भारद्वाज और आइसा की नेहा समेत कई को हिरासत में लिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर 12 मेट्रो स्टेशन बंद रहे। वहीं, सीजेपी के आह्वान पर मुंबई के शिवाजी पार्क में हजारों लोग जुटे। अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी कि अगर ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया, तो 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

बिहार के 29 विधायकों ने क्यों लिखा मुख्यमंत्री को पत्र और जाति बताई?

भास्कर के अनुसार बिहार में जातीय पहचान पर नया प्रशासनिक व सियासी घमासान छिड़ गया है। दलीय दीवारें तोड़कर भाजपा, जदयू, राजद, हम व लोजपा (आर) के 21 विधायकों व 8 विधान पार्षदों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है। विधायकों ने पत्र में लिखा है कि उनकी जाति भूमिहार नहीं बल्कि ‘भूमिहार ब्राह्मण’ है। सामान्य प्रशासन विभाग की गड़बड़ी से इसे भूमिहार कर दिया गया है। विधायकों का आरोप है कि सामान्य प्रशासन विभाग की गड़बड़ी से रिकॉर्ड में ‘भूमिहार ब्राह्मण’ की जगह केवल ‘भूमिहार’ कर दिया गया है। इससे 39 लाख आबादी संकट में है।

कुछ और सुर्खियां:

  • सारण जिले के अमनौर में हेलीकॉप्टर से राहत पैकेट अधेड़ के सिर पर गिरा, मौत
  • एशियाई खेलों में भारत को तीरंदाजी और महिला हॉकी समेत 6 खेलों में गोल्ड मेडल मिला
  • अजय राय की जगह आराधना मिश्रा बनीं उत्तर प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष, पंजाब में परगट सिंह को मिली कमान
  • तमिलनाडु में हिंदी में जगह के नाम हिंदी में लिखे जाने पर दो इंजीनियर हुए सस्पेंड, सरकार का तर्क- यह दो भाषा नीति के खिलाफ

अनछपी: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में भारत के 13 करोड़ मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से काटा गया जिनमें से अनगिनत मतदाता ऐसे हैं जिनका नाम गलत तरीके से वोटर लिस्ट से हटाया गया। यह सब हुआ एसआईआर के नाम पर यानी वोटर लिस्ट में सुधार के नाम पर लेकिन अब चुनाव आयोग ने नया फैसला कर उन सभी लोगों को दोबारा अपना नाम जुड़वाने की मशक्कत करने का मौका दिया है जिन्हें गलत तरीके से वोटर लिस्ट से हटाया गया था। अब बताया जा रहा है कि जिन राज्यों में एसआईआर पूरा हो चुका है वहां के करीब 2.8 करोड़ वोटरों को मरा हुआ बताने के दावे का मिलान किया जाएगा। 6.3 करोड़ मतदाताओं के बारे में चुनाव आयोग ने पहले यह कहा था कि वह अपनी जगह से हट गए हैं। एक करोड़ लोगों के बारे में यह दावा किया गया था कि उनका नाम दो बार या दो जगह से वोटर लिस्ट में शामिल है। 3 करोड़ वोटरों के बारे में यह दावा किया गया था कि वह या तो अपनी जगह पर नहीं मिले या एसआईआर में उनकी जानकारी नहीं मिली। अब बूथ लेवल ऑफिसर्स यानी बीएलओ कोई यह निर्देश दिया जा रहा है कि वह अभी की वोटर लिस्ट का एसआईआर से पहले की वोटर लिस्ट के साथ मिलान कर यह तय करें कि यह दावा सही है या नहीं। उन्हें यह कहा जा रहा है कि वह घर-घर जाकर यह पता लगाएं कि जिनके नाम कटे हैं ये जुटे हैं, वह सही है या गलत। यह काम एक महीने में पूरा किया जाना है और कहा गया है कि हर सप्ताह 20 से 25 मतदाताओं की जांच की जाएगी। यह सब इस वजह से हुआ है कि बड़े पैमाने पर फॉर्म 7 का गलत तरीके से इस्तेमाल हुआ और मनमाने ढंग से स्थानीय अधिकारियों को नजरअंदाज कर दिल्ली से नाम हटाए और जोड़े गए हैं। इसीलिए इस हरकत को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देशद्रोह बताते हैं और सच्चाई भी यही है कि जिस पैमाने पर भारतीय नागरिकों को भारत के चुनावी प्रक्रिया से दूर रखने या फ़र्ज़ी लोगों को धांधली से वोटर लिस्ट में शामिल करने की साजिश हुई है उसके लिए निसंदेह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ही जिम्मेदार हैं और अदालत को यह देखना चाहिए कि उन पर कितनी कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है।

 128 total views

Share Now

Leave a Reply