छपी-अनछपी: खेल में मेडल लाएं, नौकरी पाएं: नीतीश, बिहार के उर्दू स्कूलों में जुमा की छुट्टी जारी रहेगी

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के खिलाड़ियों से कहा है कि वे मेडल लाए और नौकरी पाएं। इसकी खबर सभी अखबारों में प्रमुखता से ली गई है। हाल के दिनों में उर्दू स्कूलों में शुक्रवार की छुट्टी को लेकर पैदा किए गए विवाद के बाद अब उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने यह साफ किया है कि यह छुट्टी बरकरार रहेगी जिस की खबर जागरण में प्रकाशित हुई है। बिहार के एक चर्चित आईजी अपनी ही डीजी के बारे में यह शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें उनसे गालियां सुननी पड़ती हैं जिसे कुछ अखबारों ने काफी अहमियत दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में खुद को अकेले सब पर भारी बताया लेकिन अदानी मामले में एकबार फिर कुछ नहीं बोले। यह खबर भी पहले पेज पर है।

हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी खबर है: पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधी नौकरी देंगे: मुख्यमंत्री। जागरण ने लिखा है पदक लाएं और बिना साक्षात्कार ग्रेड वन की नौकरी पाएं: नीतीश। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि खेल प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियो को सीधी नौकरी दी जाएगी। आनेवाले दिनों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को बिहार प्रशासनिक सेवा (एसडीएम), बिहार पुलिस सेवा (डीएसपी) या समकक्ष में सीधे नौकरी देंगे। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को पाटलिपुत्र खेल परिसर में 18 वीं राष्ट्रीय अंतरजिला जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता के उद्घाटन के मौके पर यह घोषणा की। खिलाड़ियों को उन्होंने कहा कि मेडल लाओ, नौकरी पाओ।

1 अप्रैल से ज़मीन की रजिस्ट्री ऑनलाइन

भास्कर की सबसे बड़ी खबर है: 1 अप्रैल से ऑनलाइन रजिस्ट्री, जमीन के दस्तावेज अपलोड करते ही बनेगी डीड। एक अप्रैल से राज्य में जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। बुनियादी जानकारी के साथ दस्तावेज़ अपलोड करते ही सॉफ्टवेयर से डीड तैयार हो जाएगा। इसमें जमीन का सर्कल रेट और निबंधन कार्यालय द्वारा लिए जाने वाले शुल्क और स्टांप ड्यूटी की जानकारी उपलब्ध होगी। इसके साथ ही रजिस्ट्री के लिए तारीख और समय मिलेगा। तय समय पर निबंधन कार्यालय पहुँचकर क्रेता व विक्रेता सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके साथ ही रजिस्ट्री प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। निबंधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नए सॉफ्टवेयर का डिजाइन अगले 20 साल को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।

उर्दू स्कूलों में जुमा की छुट्टी जारी रहेगी

जागरण अखबार की खबर है: उर्दू स्कूलों में शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश बरकरार। अखबार लिखता है: अल्पसंख्यकों के जुड़े मामलों को लेकर जमात-ए-इस्लामी हिंद बिहार के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना रिजवान अहमद इस्लाही के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से उनके आवास पर मिला। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया की कई मुद्दों पर बुधवार को बातचीत के दौरान उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि उर्दू स्कूलों में शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश बरकरार रहेगा। उन्होंने ये भी कहा कि अल्पसंख्यक ऋण योजना को समाप्त नहीं किया जाएगा। मौलाना रिजवान ने बताया कि उप मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि महागठबंधन की सरकार में अल्पसंख्यकों के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होगा। राज्य अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय योजना के क्रियान्वयन में उत्पन्न की जा रही बाधाओं से शिष्टमंडल ने उप मुख्यमंत्री को अवगत कराया। अध्यक्ष ने प्रदेश के सात मुस्लिम बहुल जिलों में आईटीआई और पारा मेडिकल कॉलेज खोलने की आवश्यकता पर उप मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया।

डीजी मैडम से परेशान आईजी विकास वैभव

भास्कर ने बहुत प्रमुखता से यह सुर्खी लगाई है: होमगार्ड के आईजी विकास वैभव ने सोशल मीडिया पर लिखा- डीजी मैडम के मुख से प्रतिदिन गलियाँ ही सुन रहा हूँ, यात्री मन आज वास्तव में द्रवित है। एक्साइज और निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक द्वारा एक मीटिंग में बिहार प्रशासनिक सेवा के अफसरों को आपत्तिजनक शब्द कहे जाने को लेकर मचा बवाल अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि होमगार्ड आईजी विकास वैभव के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने गुरुवार को हड़कंप मचा दिया। विकास वैभव ने बुधवार की रात करीब 1:43 पर अपने सोशल मीडिया के ऑफिशियल हैंडल से पोस्ट कर होमगार्ड की डीजी शोभा ओहटकर पर गाली देने का आरोप लगाया। ये पोस्ट वायरल होता  इसके पहले ही उन्होंने इसे डिलीट कर दिया। तब तक यह कई यूजर्स और उनके फॉलोअर्स में पहुँच चुका था। बिहार में आईजी रैंक के किसी अधिकारी ने शायद पहली बार अपने ही डीजीपी के ऊपर गाली देने का सार्वजनिक आरोप लगाया है।

पीएम का विपक्ष पर तंज, अदानी पर चुप्पी

हिन्दुस्तान और बाक़ी अखबारों ने पहले पेज पर राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तंज ‘एक अकेला कितनों पर भारी’ को जगह दी है। मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष को फिर घेरा। विपक्ष के जबरदस्त हंगामे और नारेबाजी के बीच उन्होंने भाषण पूरा करते हुए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के फायदे गिनाए, विपक्ष पर प्रहार किए और अंत में चुनौती भरे लहजे में कहा, आज पूरा देश देख रहा है कि एक अकेला कितनों पर भारी पड़ रहा है। हालांकि लोकसभा की तरह ही राज्यसभा में उन्होंने गौतम अदानी के शेयर घोटाले के बारे में विपक्ष के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।

 महिला, और मस्जिद में नमाज़

भास्कर की एक और अहम खबर में बताया गया है कि मस्जिद में नमाज़ पढ़ने के बारे में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने हलफनामा दायर किया है, जिसकी सुर्खी है: महिला नमाज़ घर में पढ़े या मस्जिद में सवाब समान, पुरुष के लिए मस्जिद जाना जरूरी। मुस्लिम महिलाओं के मस्ज़िदों में जाकर नमाज़ अदा करने के अधिकार की मांग पर बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में यह हलफनामा दायर किया है। बोर्ड ने कहा है कि इस्लाम में सभी मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद जाकर नमाज़ पढ़ने की अनुमति है। वे वहाँ पुरुषों के बीच नहीं, उनसे अलग होकर नमाज़ अदा कर सकती हैं। पुणे की फरहान अनवर हुसैन शेख ने जनहित याचिका दायर कर ये मांग की है।

कुछ और सुर्खियां

  • बिहार मदरसा बोर्ड में तीन माह से कार्यकारी चेयरमैन के नहीं रहने से परीक्षा की तिथि की नहीं हो रही घोषणा
  • मदरसों की जांच के लिए 4 सदस्यों वाली कमेटी बनी
  • जदयू एमएलसी राधाचरण के ठिकानों से 200 बेनामी बैंक खाते मिले
  • तुर्की और सीरिया में भूकंप से मरने वालों की संख्या 20 हज़ार से पार
  • अध्ययन: भारत में भी तुर्किये जैसे भूकंप की आशंका
  • वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से 100 मीटर की दूरी पर भागवत तेंदुआ की लाश मिली
  • बिहार और पटना म्यूजियम के बीच सुरंग के लिए 5 करोड़ जारी
  • आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत आज भागलपुर में
  • गूगल को एआई चाटबॉट बार्ड से 100 अरब डालर का झटका
  • हरियाणा के मुख्यमंत्री का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी
  • हिंडनबर्ग रिपोर्ट की जांच संबंधी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा

अनछपी: बिहार में आईएएस और आईपीएस अफसरों के जरिए अपने मातहतों के साथ गाली गलौज की भाषा इस्तेमाल करने की खबरें बहुत ही अफसोसनाक है। सच्चाई यह है कि ऐसे अफसर इस बात को आपत्तिजनक मानते ही नहीं है कि गाली का इस्तेमाल किया जाए। यह बात कई मंत्रियों पर भी लागू होती है। यही वजह है कि समाज में भी धड़ल्ले से गाली दी जाती है। हम यह समझते हैं कि गाली देना कम पढ़े लिखे लोगों का काम है लेकिन सच्चाई यह है कि गाली देने का रिवाज ज्यादा पढ़े लिखे और बड़े पदों पर रहने वाले लोगों से ही नीचे आता है। सीनियर आईएएस ऑफिसर केके पाठक ने वैसे तो अपनी भाषा के लिए गलती मान ली है लेकिन ताजा मामले में सीनियर आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने खुद को ही ऐसी गाली का शिकार बताया है। उन्होंने तो 60 दिनों की छुट्टी का आवेदन भी दे दिया हालांकि उसे अस्वीकार कर दिया गया है। जाहिर है सरकार इसकी जांच की बात कहेगी जैसा कि केके पाठक के मामले में भी कह चुकी है। विकास वैभव के मामले का दूसरा रूप खुद उनका अपना परफॉर्मेंस है। वे इससे पहले गृह विभाग पर सीनियर पद पर थे लेकिन उनकी गतिविधियों की कोई खबर नहीं आती थी। अलबत्ता उनका अपना एक कार्यक्रम ‘लेट अस इंस्पायर बिहार’ चलता है जिसके बारे में वह लगातार लिखते रहते हैं। विकास वैभव पर सांप्रदायिक नफरत बढ़ाने वाला एक ट्वीट करने का भी आरोप लगा था। कुल मिलाकर जरूरत इस बात की है कि अधिकारी अपने काम पर अधिक ध्यान दें और उनके सीनियर अपनी भाषा पर संयम रखें।

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