छपी-अनछपी: पहले एनकाउंटर- अब जांच कराएगी सरकार, ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अपराधियों को उसी की भाषा में जवाब देने का दावा करने वाली सम्राट चौधरी सरकार ने अब भोजपुर एनकाउंटर की जांच का आदेश दिया है। इसरायल की हरकतों के बाद ईरान ने होर्मुज को फिर बंद कर दिया है। मेडिकल दाखिला परीक्षा नीट आज भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोबारा आयोजित की जा रही है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भारत में मस्जिदों को गिराए जाने का मुद्दा उठाया तो भारत ने इसे राजनीतिक स्टंट कर दिया। 

और, बीपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में उत्तर प्रदेश की श्रद्धा ने पहला स्थान प्राप्त किया है। 

पहली ख़बर

भास्कर के अनुसार भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। सरकार ने उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच का उद्देश्य घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी पड़ताल करना है। दोषी पर कार्रवाई की जाएगी। भरत का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। फिर भी पुलिस ने एनकाउंटर किया। घटना के बाद विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के नेताओं ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। शनिवार को दोपहर 1 बजे पूर्व विधायक राजन तिवारी भरत के घर पहुंचे। बोले दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। दोपहर 2:30 बजे पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे पहुंचे। कहा-48 घंटे में दोषियों को गिरफ्तार करें। दोपहर 4:00 बजे पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह पहुंचे। कहा-हर संभव सहयोग करूंगा। दोपहर 4:30 बजे। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पहुंचे। पीड़ित परिवार को 50000 की मदद की। 

ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज स्ट्रेट

प्रभात ख़बर ने लिखा है कि पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर गहरा गया है. इसराइल ने लेबनान पर हमले जारी रखे हैं. ताजा हमले में लेबनान में 16 लोग मारे गये हैं. इससे नाराज ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही रोकने की घोषणा की है. ईरान ने इसके लिए अमेरिका पर हालिया युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है. तेहरान का कहना है कि दक्षिणी लेबनान से सेना नहीं हटाने और इसराइल की ओर से लगातार युद्धविराम उल्लंघन के कारण उसे यह कदम उठाना पड़ा. ईरान ने इसे शुरुआती कार्रवाई बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि समझौते का उल्लंघन जारी रहा, तो और कड़े कदम उठाये जा सकते हैं.

री-नीट आज

पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द हुई नीट-यूजी की परीक्षा रविवार को दोबारा होने जा रही है। भास्कर के अनुसार देश के 551 और विदेश के 14 शहरों में 22.75 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी इसमें शामिल होंगे। इससे पहले 3 मई को हुई परीक्षा में 22.05 लाख छात्र बैठे थे। हालांकि पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इस बार एनटीए ने लीक रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया है। इसकी जांच के लिए शनिवार को मॉक ड्रिल भी की गई। ग्राउंड पर निगरानी के लिए 2 लाख से ज्यादा कर्मी और 6,669 सेंटरों पर ऑब्जर्वर तैनात हैं। छात्रों को अफवाहों से बचाने और उन तक आधिकारिक जानकारी पहुंचाने के लिए एनटीए ने वॉट्सएप चैनल शुरू किया है। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। दिव्यांग उम्मीदवार शाम 6:20 बजे तक पेपर लिख सकेंगे। परीक्षा से एक दिन पहले देशभर में मॉकड्रिल की गया है। सेंटरों पर मेडिकल टीम, पावर गई। सभी सेंटरों को सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम के सीसीटीवी सर्विलांस से जोड़ा बैकअप रखे गए हैं। छात्रों का तनाव कम करने के लिए कई राज्यों ने फ्री व उम्मीदवारों (इम्पसौनेशन) को रोकने रियायती ट्रांसपोर्ट सुविधा दी है। फर्जी के लिए आधार-आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है।

जरदारी ने भारत में मस्जिदों को गिराए जाने का मुद्दा उठाया

भारत ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने भारत में प्राचीन मस्जिदों को गिराये जाने की बात कही थी। भारत ने कहा कि उन्हें भारत के अंदरूनी मामलों में टिप्पणी करने का कोई हक नहीं है और उनका बयान महज एक राजनीतिक स्टंट है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने शनिवार को कहा कि भारत पाकिस्तान के राष्ट्रपति की टिप्पणी को पूरी तरह से खारिज करता है। अल्पसंख्यकों को लक्षित व परेशान करने का पाकिस्तान का लंबा इतिहास है। बता दें कि जरदारी ने अपने पोस्ट में भारत में ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थलों को गिराए जाने और इससे जुड़ी धमकियों पर चिंता जताई। उन्होंने वाराणसी की प्राचीन मस्जिद गंज शहीदा का जिक्र करते हुए यहां तक लिख दिया कि इससे भारत के टूटने का खतरा है।

शहरों में नौ वर्गमीटर से कम का नहीं होगा कमरा

जागरण के अनुसार पटना प्रदेश के शहरी इलाकों में बनने वाले भवनों में मकान के कमरे, रसोई, शौचालय आदि के क्षेत्रफल और ऊंचाई के मानक तय कर दिए गए हैं। भवन की ऊंचाई, चौड़ाई और क्षेत्रफल के मातक भी निर्धारित किए गए हैं। न्यूनतम मानकों का पालन करना सभी बिल्डर या मकान निर्माण करने वालों के लिए जरूरी होगा। नगर विकास एवं आवास विभाग ने भवन निर्माण उपविधि के ड्राफ्ट में इसे शामिल किया है। जल्द ही इस ड्राफ्ट पर अंतिम स्वीकृति ली जाएगी जिसके बाद इसका अनुपालन अनिवार्य किया जाएगा। ड्राफ्ट के अनुसार, कमरे की ऊंचाई कम से कम 2.75 मीटर होगी और क्षेत्रफल नौ वर्गमीटर होगा। कमरे का क्षेत्रफल कम से कम नौ वर्गमीटर, चौड़ाई 2.4 मीटर और ऊंचाई 2.75 मीटर होनी चाहिए। इसी तरह रसोई का क्षेत्रफल 4.5 वर्गमीटर, चौड़ाई 1.8 मीटर और ऊंचाई 2.75 मीटर होगी। स्नानागार का क्षेत्रफल कम से कम 1.8 मीटर, चौड़ाई 1.2 मीटर और ऊँचाई 2.2 मीटर होगी, जबकि शौचालय का क्षेत्रफल कम से कम 1.2 वर्गमीटर, चौड़ाई 0.9 मीटर होना चाहिए।

बीपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में उत्तर प्रदेश की श्रद्धा को पहला स्थान 

प्रभात ख़बर के अनुसार बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने शनिवार को एकीकृत 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी कर दिया. यह परीक्षा न केवल पदों और अभ्यर्थियों की संख्या के लिहाज से आयोग के इतिहास में गजेटेड अधिकारियों की नियुक्ति के लिए अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा रही, बल्कि इसमें महिला सशक्तीकरण का एक नया कीर्तिमान भी स्थापित हुआ है. कुल 2035 रिक्तियों के मुकाबले 2027 अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से सफल घोषित किया गया है, जिनमें 1282 पुरुष व 745 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं. यूपी के प्रतापगढ़ की श्रद्धा पांडे ने शीर्ष स्थान (टॉपर) हासिल किया है. दूसरे स्थान पर सारण के बनियापुर के शशांक गौरव व तीसरे स्थान पर पटना के आरपीएस मोड़ निवासी आयुष विजोय रहे. राज्य के बाहर के 333 अभ्यर्थियों को भी सफलता मिली है.  

कुछ और सुर्खियां:

  • डॉक्ट त्यागराजन एसएम ने बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड के अध्यक्ष का पद संभाला
  • खान सर के अस्पताल में आग से सुरक्षा के नहीं मिले पुख्ता प्रबंध अग्निशमन विभाग ने 14 दिनों में दूसरी ऑडिट के बाद जारी किया नोटिस
  • महाराष्ट्र के परभणी जिले में हनुमान मंदिर की छत गिरने से 6 लोगों की दबकर मौत

अनछपी: अपराधियों को उसी की भाषा में जवाब देने की बात करने वाले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उनकी सरकार में एनकाउंटर, हाफ एनकाउंट और लंगड़ा एनकाउंटर को लेकर जारी किए जाने वाले बयानों की हवा बहुत जल्द ही निकल गई और इसकी वजह यह रही कि एनकाउंटर में पुलिस के हाथों मारा गया शख्स सवर्ण जाति का निकला। सम्राट चौधरी ने वैसे तो योगी मॉडल से बार-बार इनकार किया है लेकिन उनकी पार्टी की तरफ से एनकाउंटर का खूब महिमा मंडन किया जाता रहा है। भोजपुर एनकाउंटर से पहले भी एनकाउंटर हुए हैं और कुछ लोगों की उसमें मौत भी हुई है लेकिन जितनी निंदा भोजपुर एनकाउंटर की हो रही है उसका छोटा सा हिस्सा भी बाकी एनकाउंटर्स के लिए नहीं था। और अब तो मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसकी ज्यूडिशियल इंक्वायरी का आदेश ही दे दिया है। क्या यह बेहतर नहीं होता कि सभी एनकाउंटर्स की ज्यूडिशियल इंक्वायरी होती? क्या यह बेहतर नहीं होता कि एनकाउंटर की जगह होने वाले फेक एनकाउंटर को हर हाल में रोका जाता? यहां यह बात याद करना भी जरूरी है कि नीतीश कुमार ने अपराध पर समझौता न करने की सख्त नीति अपनाने के बावजूद कभी एनकाउंटर जैसी नीति नहीं अपनाई। एनकाउंटर दरअसल एक फरमाइशी गीत की तरह का मामला हो गया है और पहले से तय माना जाता है कि एनकाउंटर किया जाएगा जबकि एनकाउंटर पहले से तय हुई चीज नहीं हो सकती। इसलिए सरकार और समाज दोनों की कोशिश ही होनी चाहिए कि किसी भी अपराधी को संविधान और कानून के तहत सजा दिलाई जाए, इससे अलग हटकर कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

 59 total views

Share Now

Leave a Reply