बिहार लोक संवाद डाॅट नेट
पटना, 21 जनवरी: बिहार के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं दर्जा में पढ़ाने के लिए 2012 में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए वैकेंसी आई थी। लेकिन 202ा शुरू होने के बावजूद उम्मीदवारों का इंतेज़ार ख़त्म नहीं हुआ है। इसकी वजह से लगभग 94 हज़ार योग्य नवजवानों का भविष्य ख़तरे में पड़ गया है। हालांकि सरकार ने 2019 में नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन वह अब भी अधूरी है। इससे तंग आकर उम्मीदवारों ने पटना के गर्दनीबाग़ में धरना देना शुरू किया लेकिन वहां भी उनको राहत नहीं मिली। बल्कि उलटे पुलिस की लाठी ही खानी पड़ी। फिर भी उम्मीदवार अपनी मांगों के समर्थन में सुबह से लेकर शाम तक धरनास्थल पर डटे हैं। इन उम्मीदवारों में सीटेट, बीटेट, बीएड और डीएलएड योग्यताधारी शामिल हैं।
पूरा मामला जानने के लिए देखिये हमारा ये वीडियो।
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