छपी-अनछपी: इंजीनियर की काली कमाई 2 करोड़, झारखंड के छात्र आंदोलन में बीजेपी

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। लघु जल संसाधन विभाग, बांका प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के पास दो करोड़ से ज़्यादा की काली कमाई का केस हुआ है। रांची में विद्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा के नेता व कार्यकर्ता कूद पड़े हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव ने सरकारी विद्यालयों में उर्दू-अरबी-फारसी के शिक्षकों का स्थानांतरण अनुचित तरीके से होने का मुद्दा उठाया है। 

और, जानिएगा कि क्या ईरान का इतना डर था कि डोनाल्ड ट्रंप कैटरिंग ट्रक से दूसरे जहाज में अमेरिका पहुंचे?

पहली ख़बर

भास्कर के अनुसार लघु जल संसाधन विभाग, बांका प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के पांच ठिकानों पर विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने छापेमारी की। एसवीयू ने आय से 2 करोड़ 20 लाख 99 हजार 900 रुपए अधिक की संपत्ति का केस दर्ज किया है। छापेमारी में 81 लाख रुपए के सोने-चांदी के गहने और 12.92 लाख रुपए नकद मिले। नोट गिनने के लिए मशीन मंगाई गई। पटना, बांका और वैशाली स्थित ठिकानों पर मंगलवार को करीब आठ घंटे कार्रवाई चली। कोर्ट की अनुमति के बाद एसवीयू की पांच टीमों ने एक साथ छापेमारी की। हरेंद्र कुमार व उनकी पत्नी सोनी कुमारी के नाम से फ्लैट और जमीन के कागजात मिले। बेऊर, मीठापुर और पत्रकारनगर में एक-एक फ्लैट के कागजात मिले। संपतचक और वैशाली के पातेपुर में जमीन के प्लॉट के दस्तावेज मिले। दानापुर और परसा की जमीन के कागजात भी मिले। एक क्विड रैनो कार, एक होंडा यूनिकॉर्न बाइक और एक स्कूटी के कागजात मिले। महंगी और विदेशी घड़ियों की खरीदारी के दस्तावेज भी मिले। दंपती के नाम से कुल पांच बैंक खाते हैं। एसवीयू के एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि हरेंद्र कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद छापेमारी की गई।

झारखंड के छात्र आंदोलन में बीजेपी

हिन्दुस्तान के अनुसार विद्यार्थियों पर सोमवार को हुए लाठीचार्ज के विरोध में जहां एक और भाजपा के नेता कार्यकर्ता मंगलवार को सड़क पर उतरे, वहीं दूसरी ओर जेपीएससी जेएसएससी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के नेता कार्यकर्ताओं ने विधानसभा मार्च की कोशिश की। पुरानी विधानसभा भवन के पास से नई विधानसभा मार्च के लिए आगे बढ़ रहे कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस की नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने कई को हिरासत में ले लिया। जब उन्हें बस में बैठाने लगी, तब नाराज कुछ कार्यकर्ता बस के आगे सड़क पर लेट गए। मामला इतना बढ़ गया कि खींचातानी के दौरान बरियातू इंस्पेक्टर प्रकाश रजक की वर्दी फाड़ दी। करीब तीन घंटे तक हंगामे के बाद पुलिस टीम तीन बसों से कार्यकर्ताओं को कैंप जेल ले गई। हालांकि शाम पांच बजे सभी को छोड़ दिया। दूसरी ओर, बंद के दौरान कहीं दुकानें बंद रहीं, तो कहीं खुलीं। कई जगह दुकानें जबरन बंद कराते देखे गए। उधर, मंगलवार की देर रात रांची के डीसी और एसपी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल धरनास्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने छात्रों से वार्ता कर उन्हें मनाने का प्रयास किया। गौर हो कि अनशनकारी दो छात्रों की तबीयत मंगलवार को खराब हो गई।

इस बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऐलान किया है कि जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा पीटी और बैकलॉग परीक्षाएं रद्द की जाएंगी।

तेजस्वी ने उठाई उर्दू अरबी शिक्षकों के अनुचित ट्रांसफर की बात

जागरण के अनुसार राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर प्रत्येक सरकारी विद्यालय में उर्दू और संस्कृत के शिक्षकों को पदस्थापित करने की मांग की है। आग्रह किया कि दोनों विषयों के साथ समान व्यवहार हो। मंगलवार को उस पत्र को सार्वजनिक कर उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में उर्दू-अरबी-फारसी के शिक्षकों का स्थानांतरण अनुचित तरीके से हो रहा। कुछ विद्यालयों में विषय के एकमात्र शिक्षक को भी सरप्लस बताकर स्थानांतरण सूची में डाल दिया गया है। उर्दू अरबी-फारसी के शिक्षकों के साथ यह भेदभाव अधिक है। तेजस्वी ने ऐसे मामलों की दोबारा जांच और नियम विरुद्ध हुए स्थानांतरण को रद करने की मांग की है। तेजस्वी यादव ने पांच वर्ष से कम सेवा वाले शिक्षकों, संविदा शिक्षकों और हाल में स्थानांतरित किए गए शिक्षकों के मामलों की भी नियमों के अनुसार समीक्षा की मांग की है।

कोचिंग चलने वाली महिला ने रेप के केस में फंसाने की धमकी देकर वसूल दो करोड़

प्रभात खबर के अनुसार पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र में एक डॉक्टर को दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर 2.03 करोड़ रुपये वसूलने का बड़ा मामला सामने आया है. पीड़ित डॉक्टर की पत्नी ने राजीव नगर थाने में मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा निवासी एक कोचिंग संचालिका, उसके पति और एक अन्य सहयोगी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है. राजीव नगर पुलिस ने केस दर्ज होने की पुष्टि करते हुए पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है.

दोस्ती से शुरू हुआ सिलसिला और फिर ठगी 

दर्ज शिकायत के अनुसार, 2024 में मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा में कोचिंग संस्थान चलाने वाली महिला और उसके पति ने डॉक्टर से दोस्ती की थी. डॉक्टर खजपुरा में रहते हैं और मुजफ्फरपुर में प्रैक्टिस करते हैं. वाट्सएप पर बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ. इस दौरान कोचिंग संचालिका ने सबसे पहले अपनी मां के इलाज का बहाना बनाकर डॉक्टर से 20 हजार की मदद ली. इसके बाद वह अलग-अलग बहाने बनाकर डॉक्टर से पैसे मांगती रही और डॉक्टर रकम देते चले गये. बाद में मिठनपुरा में नया कोचिंग खोलने के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग की गयी, जिसे लौटाने का आश्वासन दिया गया था. डॉक्टर ने इस पर 10 लाख भी दे दिये. लगातार पैसों की मांग से परेशान होकर जब डॉक्टर ने और रकम देने से मना कर दिया, तो नवंबर 2025 में कोचिंग संचालिका और उसके पति ने उन्हें मुजफ्फरपुर स्थित अपने कार्यालय के पास बुलाया. वहां उन्होंने डॉक्टर को एक पुरानी सेल्फी दिखायी और धमकी दी कि यदि और पैसे नहीं मिले तो वे उनके खिलाफ दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज करा देंगे. साथ ही उन्हें जान से मारने की भी धमकी दी गयी. 

क्या ईरान का इतना डर था कि ट्रंप कैटरिंग ट्रक से दूसरे जहाज में अमेरिका पहुंचे?

जागरण के अनुसार तुर्किए में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर एक बेहद गोपनीय अभियान चलाए जाने का दावा सामने आया है। वाशिंगटन पोस्ट ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि ईरान से संभावित खतरे को देखते हुए अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ट्रंप को अंकारा से एक गुप्त सैन्य उड़ान के जरिये ब्रिटेन पहुंचाया। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप को कैमरों के सामने पुराने एयर फोर्स वन में सवार कराने के बाद चुपके से एक कैटरिंग ट्रक के जरिए दूसरे विमान तक ले जाया गया। बता दें कि कैटरिंग ट्रक का इस्तेमाल विमान में खानेपीने की चीजों और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाने के लिए किया जाता है। उस समय व्हाइट हाउस ने बताया था कि ट्रंप तुर्किए से ब्रिटेन के लिए एयर फोर्स वन में रवाना हुए हैं। 

कुछ और सुर्खियां:

  • रोहतास जिले के गुप्ता धाम जाने वाले पहाड़ी रास्ते पर भारी भीड़ और धक्का मुक्की के बीच तीन कांवरिया गहरी खाई में गिरे, तीनों की मौत
  • थाईलैंड की राजधानी फुकेट से दिल्ली आ रहे एयर इंडिया के विमान में टर्बूलेंस के अलावा पायलट के गांजा पीने से भी हुई थी परेशानी
  • हैदराबाद में ट्रंप के ट्विन टावर बनेंगे, इनमें होंगे 450 लग्जरी फ्लैट
  • बांकीपुर के 10000 लोगों को 1 वर्ष में प्राइवेट नौकरी दिलाने के लिए प्रशांत किशोर मांग रहे हैं बायोडाटा
  • ₹10 और ₹20 के एक-एक अरब प्लास्टिक नोटों के ट्रायल को मंजूरी 

अनछपी: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सहयोग शिविर के दौरान एक महत्वपूर्ण बात की ओर ध्यान दिलाया और कहा कि तकनीकी वजहों से सरकारी मदद नहीं रुकनी चाहिए। यह बात खास कर सामाजिक पेंशन पाने वाले लोगों के लिए अहम है क्योंकि कई बार यह देखा जाता है कि सरकार की नीति तो ऐसे लोगों को मदद देने की होती है लेकिन निचले स्तर पर कोई ना कोई तकनीकी पेच फंसा दिया जाता है। ध्यान रहे कि चाहे विकलांगता झेल रहे लोगों को पेंशन लेनी हो या उम्र दराज हो गए लोगों को, अक्सर देखा जाता है कि कोई ऐसी तकनीकी बाद में उनका आवेदन फंस जाता है जिसे आसानी से सरकारी अधिकारी दूर कर सकते हैं लेकिन वह ऐसा करने के बजाय उन्हें दौड़ाते रहते हैं। असल बात यह है कि सरकारी कर्मचारियों को जितनी तत्परता से सहयोग के लिए तैयार रहना चाहिए वह नहीं देखा जाता बल्कि इसके उलट यह देखा जाता है कि कैसे किसी आवेदन में कोई कमी निकाल कर उसे रद्द कर दिया जाए। अगर सरकारी कर्मचारी इस मानसिकता के साथ काम करें कि कैसे किसी आवेदन की कमी को दूर करने में मदद की जा सकती है तो मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की यह बात कारगर साबित होगी। सम्राट चौधरी ने सहयोग शिविरों में मिलने वाले आवेदनों पर उचित कार्रवाई नहीं करने या समाधान खोजने के प्रति उदासीन रहने वाले अधिकारी और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भी निर्देश दिया। अगर मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बावजूद सरकारी कर्मचारी के व्यवहार में सुधार नहीं होता है तो करवाई तो होनी ही चाहिए।

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