बिहार लोक संवाद डॉट नेट।
बिहार में किसानों को खाद के लिए कैसे पापड़ बेलना पड़ रहा? यह जानने के लिए हमने बात की दो युवा किसानों से। मुज़फ्फरपुर से राशिद चौधरी और सुपौल के विकास के। विकास ने बताया कि चार बजे भोर में लाइन में लगना पड़ता है। 4 की जगह 1 किलो खाद मिलती है। वह भी 100 रुपये किलो अधिक देने पर। राशिद ने बताया कि कैसे वक़्त निकलने पर खाद मिलती है जबकि खेती में वक़्त की बेहद अहमियत है।
उनसे बात की है बिहार लोक संवाद डॉट नेट के कंसल्टिंग एडिटर समी अहमद ने।
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