एक-दो दिन में जेल से बाहर आएंगे लालू, जज ने कहा, ‘आप नहीं बदलेंगे अपना पता और मोबाइल नंबर’

सैयद जावेद हसन, बिहार लोक संवाद डाॅट नेट पटना

RC38A/96 दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में शनिवार को झारखण्ड हाई कोर्ट ने लालू प्रसाद की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जमानत प्रदान कर दी। 1-1 लाख का बेल बांड और 5-5 लाख के निजी मुचलकों पर रिहा करने का आदेश दिया गया। जस्टिस अपरेश कुमार की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई। दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में मिली सजा की आधी अवधि पूरी हो जाने के बाद उन्हें जमानत दी गई है।

हाईकोर्ट ने कहा है कि जमानत के दौरान लालू प्रसाद यादव देश से बाहर नहीं जाएंगे। देश से बाहर जाने से पहले उन्हें कोर्ट से अनुमति लेनी होगी। इसके साथ ही अपना मोबाइल नंबर और अपना पता नहीं बदलेंगे।

ज्ञातव्य है कि दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में सीबीआई कोर्ट ने लालू यादव को सात साल की सजा सुनाई थी. इससे पहले जब कोर्ट में पिछली बार सुनवाई हुई थी तब लालू प्रसाद की ओर से दस्तावेज पेश करते हुए दावा किया गया था कि उन्होंने 42 महीने से अधिक समय तक जेल की सजा काट ली है.

गौरतलब है कि राजद सुप्रीमो लालू यादव को पिछले महीने 23 जनवरी को रांची के रिम्स से दिल्ली एम्स में शिफ्ट किया गया था. उनकी तबियत ज्यादा खराब होने पर उन्हें रांची से चार्टड प्लेन से दिल्ली ले जाय गया था. फिलहाल दिल्ली के एम्स में डॉ राकेश यादव की देख रख में उनका इलाज किया जा रहा है. उनकी देखरेख में दिल्ली एम्स की एक टीम लगी हुई है. जानकारी के अनुसार लालू यादव लंग्स, किडनी और हार्ट की बीमारी से जूझ रहे हैं.

अदालत के फैसले की प्रति मिलते ही जेल अधीक्षक को उपलब्ध करा दी गयी। जेल अधीक्षक द्वारा दिल्ली में आदेश की कॉपी भेज कर श्री यादव को न्यायिक हिरासत से रिहा करने के आदेश से अवगत कराया जायेगा। इस प्रक्रिया में एक-दो दिनों का समय लग सकता है।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला के 4 मामले में सजा सुनाई गई है. देवघर के एक, चाईबासा के दो और दुमका के मामले में निचली अदालत से सजा दी गई है, जिसमें 3 मामले में उन्हें जमानत मिल चुकी है. यह चैथा मामला है जिसमें आज रांची हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई. इस मामले में बेल मिलते ही यह साफ हो गया है कि राजद सुप्रीमो अब जेल से रिहा हो जाएंगे.

दुमका ट्रेजरी केस बिहार के पशुपालन विभाग के अधिकारियों द्वारा वर्ष 1991 से 1996 के बीच दुमका ट्रेजरी से साढ़े तीन करोड़ रुपये निकाले जाने से जुड़ा है और इस दौरान लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे. लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा ट्रेजरी केस में अक्टूबर में ही जमानत मिल गई थी, लेकिन दुमका ट्रेजरी केस की सुनवाई पूरी नहीं होने के चलते उन्हें जेल में ही रहना पड़ा.

 

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