सहायक उर्दू अनुवादक: मुख्य परीक्षा के रिजल्ट के लिए ट्विटर अभियान #BSSC_SahayakAnuvadakResult आज

बिहार लोकसभा डॉट नेट, पटना।
बिहार स्टाफ सिलेक्शन कमीशन द्वारा 2019 में निकाले गए सहायक उर्दू अनुवादकों की वेकैंसी पर अब तक बहाली नहीं हो पाई है। इस पद के लिए ली गई मुख्य परीक्षा को भी 6 महीने गुजर चुके हैं। इस परीक्षा का रिजल्ट घोषित करने के लिए उम्मीदवारों द्वारा लगातार आंदोलन किया जा रहा है। इसी सिलसिले में 27 मार्च 2022 को 10:00 बजे दिन से एक ट्वीट अभियान चलाया जा रहा है।
इस ट्विटर अभियान से जुड़ी एडवोकेट नाज़नीन अख्तर व अन्य लोगों ने बताया कि 2019 में सहायक उर्दू अनुवादक पद के लिए लगभग 75000 उम्मीदवारों ने प्रारंभिक परीक्षा दी थी। इसके कुल 1294 पदों के लिए लगभग 5000 परीक्षार्थियों ने मुख्य परीक्षा के लिए क्वालीफाई किया था।
इन सफल परीक्षार्थियों का कहना है कि बिहार स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के पास लगातार मांग रखे जाने के बावजूद मुख्य परीक्षा का रिजल्ट नहीं निकल रहा है। इनका कहना है कि काफी लंबे समय के बाद निकाली गई वैकेंसी को पूरा करने में सरकार भी बहुत दिलचस्पी नहीं ले रही है।
इन परीक्षार्थियों ने बिहार लोक संवाद डॉट नेट को बताया कि कई परीक्षार्थियों की उम्र भी काफी हो रही है। उनका कहना है कि 18-19 लाख मैट्रिक और इंटर परीक्षार्थियों का रिजल्ट जब 3 महीने में निकाल सकते हैं तो 5000 सहायक उर्दू अनुवादक परीक्षार्थियों का रिजल्ट निकालने में इतनी देर क्यों हो रही है।
उनका कहना है कि आयोग को समझना चाहिए कि यह 1294 परिवारों के कल्याण का मामला है। इसलिए उनकी मांग है कि इस परीक्षा का रिजल्ट फौरन जारी किया जाए और उनको नियुक्ति पत्र दिया जाए।

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