वायरल, डेंगू या कोरोनाः यूपी में बच्चों की मौत पर बिहार में चिंता

बिहार लोक संवाद डाॅट नेट
पटना
पटना के गोसाईं टोला की एक बच्ची की एम्स, पटना में हुई मौत और यूपी से सटे जिलों में तेज बुखार के बढ़ते मामलों से बिहार में भी चिंता देखी जा रही है।
पटना की जिस 11 साल की बच्ची की मौत हुई वह कोरोना पाॅजिटिव थी हालांकि उसे भर्ती कराया गया था उसके घर वाले यह सोच रहे थे कि उसे वायरल बुखार है। एम्स, पटना के कोविड-19 नोडल अधिकारी डा. संजीव कुमार के अनुसार उस बच्ची की मौत एम्स में भर्ती होने के तीन घंटे में ही हो गयी। इसी तरह एक और बच्चे को एम्स, पटना में सर्दी-बुखार के इलाज के लिए लाया गया लेकिन जांच होने पर उसमें भी कोरोना का संक्रमण मिला। सात साल का यह बच्चा बिहटा, पटना का है।
उधर, उत्तर प्रदेश में बुखार से करीब पांच दर्जन बच्चों की मौत के बाद, इस राज्य की सीमा पर बसे बिहार के जिलों में बच्चों में बुखार की शिकायत मिलने लगी है। यूपी में डाॅक्टर अभी यह तय नहीं कर पा रहे कि बच्चे किस बीमारी से मर रहे हैं। आम तौर पर इसे वायरल बुखार माना जा रहा है लेकिन बहुत से डाॅक्टर इसे डेंगू भी बता रहे हैं। एम्स, पटना में भर्ती सीवान के एक बच्चे की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है।
बिहार के गोपालगंज, छपरा और सीवान जिलों के अस्पतालों में तेज बुखार, उलटी, बदन में ऐंठन, खांसी-सर्दी और सांस लेने में तकलीफ वाले बच्चे काफी संख्या में पहुंच रहे हैं।
ऐसे में मां-बाप के लिए यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि तेज बुखार और सर्दी-खांसी में किस जगह और कैसे इलाज कराया जाए। डाॅक्टरों की सलाह है कि बच्चों को भी कोविड-19 से बचने के लिए जरूरी सावधानी बरतने को कहा जाए। अगर बच्चे स्कूल जा रहे तो उन्हें मास्क जरूर लगाया जाए और हाथ धाने व दो गज की दूरी बनाये रखने को कहा जाए।

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