आज के पत्रकारों को बाक़र अली से सीख लेने की नसीहत

बिहार लोक संवाद डॉट नेट

मौलवी बाक़र अली की याद में गृरुवार को पटना में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बाक़र अली उर्दू के साहसी पत्रकार थे। उन्होंने 1837 में दिल्ली से ‘देहली उर्दू अख़बार’ का संपादन और प्रकाशन आरंभ किया था। यह भारतीय उपमहाद्वीप का पहला साप्ताहिक अख़बार था। ब्रिटिश सरकार की लगातार आलोचना से तंग आकर अंग्रेज़ों ने बाक़र अली को 16 सितंबर, 1857 को तोप के सामने रखकर उड़ा दिया था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार लोक सेवा आयोग के सदस्य इम्तियाज़ करीमी ने कहा कि आज के पत्रकारों में मौलवी बाक़र अली जैसा हौसला होना चाहिए।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए एआईएमआईएम के विधायक अख़तरुल ईमान, ख़ानक़ाह मुनमिया के सज्जादानशीं मौलाना शमीमुद्दीन अहमद मुनअमी और इमारते शरीया के मुफ़्ती मोहम्मद सनाउल होदा क़ासमी ने कार्यक्रम की उपयोगिता और उद्देश्य की चर्चा की।

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