मोदीजी के आत्मनिर्भर भारत में

अमानुल्लाह अमन, दरभंगा से
28 अक्टूबर को मिथिला की धरती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का आगमन हुआ। मिथिला नरेश के किला में उनका स्वागत कार्यकर्म और चुनावी रैली का सम्बोधन था।

किले की चारदीवारी के बाहर गरीबों की दुकान, मूर्ति बनाने वालों के रहने का ठिकाना था। यहां रोजमर्रा की वस्तुओं का छोटा मोटा बाजार लगता है। मूर्ति व्यवसाय त्योहार के समय ही दो पैसा ज्यादा कमानं का जरिया बनता है लेकिन मोदी जी के आगमन पर तमाम दुकानों को उजाड़ दिया गया।

गरीबों को बेघर करके कल साहेब आत्मनिर्भर भारत पर लम्बी लम्बी फेंक गए। क्या इस तरह आत्मनिर्भर भारत की धज्जियां नही उड़ाई गईं?
मोदी जी कुछ देकर नही गए लेकिन ले बहुत कुछ गए।

उजाड़ने से अच्छा होता नीतीश कुमार की तरह पर्दा चढ़वा देते। थोड़ा ढकवा देते। चादर का ही तो पैसा लगता है।
वोकल फॉर लोकल का जीता जागता उदाहरण आज की तस्वीर में देखिए अपने आशियानों को फिर से तैयार करने की जद्दोजहद में।

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