छपी-अनछपी: राजद ने जदयू के लिए छोड़ी कुढ़नी सीट, पत्नी की कड़वी ज़बान बनी तलाक़ का आधार

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। राष्ट्रीय जनता दल ने मुजफ्फरपुर की कुर्सी विधानसभा सीट, वहां होने वाले उपचुनाव के लिए जदयू को दे दी है। इससे पहले वहां राजद के अनिल सहनी विधायक चुने गए थे लेकिन यात्रा भत्ता मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद यह सीट खाली हो गई थी। राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यह खबर सभी अखबारों में पहले पेज पर है। दिल्ली की साइबर सेल टीम ने पटना से 16 ठगों को गिरफ्तार किया है जिसकी खबर भास्कर में सबसे प्रमुख है। जागरण ने एक खबर दी है कि पत्नी की कड़वी जबान को कोर्ट ने तलाक का आधार माना है।

हिंदुस्तान के पहले पेज पर खबर है: उपचुनाव: कुढ़नी में जदयू के मनोज कुशवाहा होंगे महागठबंधन उम्मीदवार। जागरण ने लिखा है: राजद ने जदयू के लिए छोड़ी कुढ़नी विस की सीट। महागठबंधन के सभी 7 दलों के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह घोषणा की है। 2020 में राजद ने भाजपा को कुढ़नी में करीब 700 वोटों से हराया था। यह सीट छोड़ने के लिए जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को धन्यवाद दिया है।
जागरण की सबसे बड़ी खबर की हेडिंग है: उत्पीड़न का हथियार न बनने पाएं कानून, सुनिश्चित करें: सीजेआई।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने शनिवार को एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि कानून और न्याय हमेशा साथ नहीं चलते हैं। जो कानून न्याय का माध्यम होता है, वही उत्पीड़न का हथियार भी हो सकता। सिर्फ जज ही नहीं सभी नीति निर्माताओं का दायित्व है कि कानून को उत्पीड़न का हथियार न बनने दें। उन्होंने कहा कि जो कानून आज हमारी किताबों में हैं, औपनिवेशिक काल में इन्हीं कानूनों का प्रयोग उत्पीड़न के लिए किया जा सकता था। सब कुछ इस पर निर्भर करता है कि कानूनों का प्रयोग कैसे किया जाता है।

यह कार्यक्रम हिन्दुस्तान टाइम्स समिट था जिसकी तीन खबरें हिन्दुस्तान की लीड बनी हैं। पचली खबर में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का बयान है: भारत अब महाशक्ति बनने की राह पर। दूसरा बयान आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास का है: अर्थव्यवस्था संवारने के प्रयास रंग ला रहे। तीसरा बयान मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ का है: केस छोटा है या बड़ा नया जरूर मिलेगा।
प्रभात खबर की सबसे बड़ी खबर है: सूदखोरों ने खोल रखा है अपना ‘बैंक’, हर साल 10 हज़ार करोड़ से अधिक का कारोबार। नवादा में सूदखोरों से लिए क़र्ज़ के दबाव में आकर एक ही परिवार के 6 लोगों की आत्महत्या के बाद अखबार ने इस विषय पर विस्तृत पड़ताल छापी है। अखबार लिखता है कि अगर किसी ने 10 हज़ार रुपये क़र्ज़ लिए हैं तो हर माह सूद में ₹1000 देना होता है और अगर 12 महीने तक मूलधन और सूद नहीं लौटाया तो कुल रकम ₹22000 हो जाती है।
भास्कर की सबसे बड़ी खबर है: नई स्कूटी बुकिंग के लिए महिला करती थी वीडियो कॉल…फिर अश्लील फोटो लेकर वसूले 17.5 करोड़। अखबार के अनुसार ठग की ओर से कोई महिला न्यूड वीडियो कॉल करती थी और जिसे कॉल किया जाता था उसे भी न्यूड होने के लिए कहा जाता था। उस न्यूड वीडियो का स्क्रीनशॉट लेकर उससे वायरल करने की धमकी देकर पैसे ठगे जाते थे।
जागरण ने लिखा है: दिल्ली साइबर सेल ने रूपसपुर से 16 ठगों को किया गिरफ्तार। हिन्दुस्तान के अनुसार साइबर ठगों ने पटना में बैठकर इलेक्ट्रिक स्कूटी की फर्जी वेबसाइट बनाई और दिल्ली के लोगों से करीब 50 लाख की ठगी कर ली। जब दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने इस मामले की छानबीन की तो पता चला कि ठग पटना में बैठे हैं। इस मामले में पकड़े गए ठगों के तार बिहार के बाहर से भी जुड़े हैं।
हिन्दुस्तान की दूसरी सबसे बड़ी खबर है: धान खरीद का जिलावार लक्ष्य तय होगा। इसी खबर की सुर्खी भास्कर में है: बोले नीतीश- धान उसी मिल को दें जो अरवा की जगह अधिक उसना चावल दे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में यह बात धान खरीद के लिए हुई समीक्षा बैठक के दौरान कही।

जागरण में एक खबर की सुर्खी है: पत्नी की कड़वी जबान बनी तलाक का आधार। अखबार लिखता है कि अमूमन पत्नी की छोटी-मोटी शिकायत को बुरा नहीं माना जाता लेकिन जब यह बात बहुत बढ़ जाती है तो तलाक का कारण बन जा सकती है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक मामले में पत्नी की कड़वी जबान को क्रूरता माना है और पति की तलाक की मांग स्वीकार कर ली है। 2009 में हुई इस शादी में पति की तलाक़ की अर्जी 2016 में फैमिली कोर्ट ने नामंजूर कर दी थी।

हिमाचल प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में 65.92% मतदान हुआ है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने वोटिंग का प्रतिशत 71 बताया है। रिजल्ट 8 दिसंबर को घोषित किया जाएगा।
उधर गुजरात में होने वाले चुनाव के लिए कांग्रेस ने कहा है कि यदि उसकी सरकार बनी तो वह नरेंद्र मोदी स्टेडियम का नाम बदल देगी।
जागरण ने पहले पेज पर एक खबर दी है: सड़क हादसे में इंजीनियर की मौत पर परिवार को 1.85 करोड़ क्षतिपूर्ति। यह सेटलमेंट शनिवार को हाजीपुर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ। चार वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना में इंजीनियर की मौत के मामले में ट्रांसपोर्ट सर्विस कंपनी के द्वारा पीड़ित परिवार को हर्जाना देने के बाद सुलह कर दिया गया। मामले के निष्पादन को लेकर पीड़ित परिवार ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश के यहां चौहान ट्रांसपोर्ट कंपनी से दो करोड़ 16 लाख 61 हजार रुपए के मुआवाजे की मांग को लेकर आवेदन दिया था। सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-13 बृजेश कुमार ने पीड़ित परिवार को भरण-पोषण के लिए चौहान ट्रांसपोर्ट सर्विस कंपनी से एक कारोड़ 85 लाख रुपए देने का आदेश जारी कर मामले को सुलह करा दिया। साक्ष्य और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने माना कि हाइवे पर ट्रक चालक की गलती से इंजीनियर की मौत हुई थी।17 अगस्त 2018 की रात को इंजीनियर शशिकांत सिंह पटेल ढाबा से खाना खाने अपने घर सदर थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर लौट रहे थे। इसी दौरान हाइवे पर चौहान ट्रांसपोर्ट सर्विस कंपनी के एक ट्रक ने इंजीनियर को बाइक सहित कुचल दिया। चौहान कंपनी से मुआवजा दिलाया गया। मुआवजे की राशि की 22 प्रतिशत इंजीनियर के माता पिता के लिए, 60 प्रतिशत उनके नाबालिग पुत्री के लिए,18 प्रतिशत पत्नी इंद्रा इंदु सिंह के लिए तय कर दिया है।
अनछपी: राष्ट्रीय लोक अदालत में सड़क दुर्घटना के दौरान इंजीनियर की हुई मौत के मामले में दिया गया मुआवजा समाज के लिए एक नजीर है। हमारे समाज में सड़क दुर्घटना के बाद किसी मुआवजे की उम्मीद कम ही लोग करते हैं। इस मामले में दिवंगत इंजीनियर की पत्नी के प्रयास की दाद देनी होगी। वैसे भी सड़क दुर्घटना को लेकर सरकार और समाज में बहुत गंभीरता नहीं देखी जाती है। अक्सर सड़क दुर्घटनाओं के बाद सड़क जाम कर छोटे-मोटे मुआवजे से मामले को खत्म कर दिया जाता है। राष्ट्रीय अदालत में हुए इस सेटलमेंट से एक संदेश मिलता है कि सड़क दुर्घटना जैसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति के बाद परिवार को जिस आर्थिक सहायता की जरूरत होती है वह इस तरीके से मिल सकती है। अदालत को भी इस बात के लिए धन्यवाद दिया जाना चाहिए कि उसने 4 साल में यह मामला निपटाते हुए मुआवजा दिलाने में कामयाबी हासिल की है। समय तो अधिक लग गया लेकिन यह बात भी साबित हुई कि अगर गंभीरता से लड़ाई लड़ी जाए तो ऐसे मामलों में मुआवजा मिल सकता है।

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