मिर्जा गालिब काॅलेज, गया में हाल में की गयी नियुक्तियों पर सवाल

बिहार लोक संवाद डाॅट नेट
बिहार विधान परिषद के चार सदस्यों ने गया के अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान मिर्जा गालिब काॅलेज में पिछले माह फरवरी में ग्यारह पदों पर नियुक्ति के बारे में कई सवाल पूछे हैं। ये सवाल विधान पार्षद मोहम्मद खालिद अनवर, वीरेन्द्र नारायण, डाॅ. राम वचन राय और राम ईश्वर महतो ने पूछे हैं।
ये सवाल विधान परषिद के सभापति के नाम लिखे गये पत्र में पूछे गये हैंै। पत्र में कहा गया है कि इस नियुक्ति में केवल उन लोगों के रिश्तदारों को जगह दी गयी है जो काॅलेज में पहले से ही पदस्थापित हैं। पत्र में इसे सरकारी नियामवली का उल्लंघन बताया गया है।
इस पत्र में कहा गया है कि काॅलेज में नियुक्ति के लिए होने वाले साक्षात्कार में पांच सदस्यीय समिति में प्रिंसिपल का होना जरूरी है जबकि इसके बदले प्रोफेसर इंचार्ज को इसका सदस्य बना दिया गया। मालूम हो कि पिछले कई वर्षों से इस काॅलेज में कोई स्थायी प्रिंसिपल बहाल नहीं हो रहा। इसकी जगह प्रोफेसर इंचार्ज से काम चलाया जा रहा हैै।
इस पत्र में कहा गया है कि साक्षात्कार के लिए समिति में संबंधित विषय के विभागाध्यक्ष का होना जरूरी है लेकिन किसी विषय में इसका पालन नहीं किया गया। तीन प्रोफेसर रैंक के संबंधित विषय के विशेषज्ञ लाये गये लेकिन इसका सत्यापन मगध विश्वविद्यालय से नहीं कराया गया। विशेषज्ञ में अल्पसंख्यक वर्ग से होना आवश्यक है लेकिन इसका भी ध्यान नहीं रखा गया।
इन सभा बिन्दुओं पर सरकार से जांच कराने के संबध्ंा में स्पष्ट वक्तव्य की मांग की गयी है।
इस पत्र के आलोक में शिक्षा विभाग के उप निदेशक ने मगध विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर उत्तर मांगा गया है।

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