छ्पी-अनछपी: यूपीएससी के 20 टॉपरों में 13 बीटेक, मोदी बोले- काम नीतीश का, क्रेडिट ले रहा राजद

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। चुनावी खबरों के बीच यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा के रिजल्ट की खबर ने आज के अखबारों में अच्छी जगह बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गया और पूर्णिया में चुनावी सभा हुई है। पटना मेट्रो निर्माण स्थल के पास ऑटो पलटने से 7 लोगों की मौत हो गई।

भास्कर की सुर्खी है यूपीएससी टॉप 20 में 13 बीटेक, टॉप-5 में तीन पहले से ही आईपीएस; 352 लड़कियां सेलेक्ट, पिछली बार से 32 ज्यादा। यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा 2023 का फाइनल रिजल्ट मंगलवार को जारी हो गया। इस बार कुल 1016 अभ्यर्थी पास हुए हैं। इनमें 664 पुरुष तो 352 महिलाएं हैं। लखनऊ के आदित्य श्रीवास्तव ने टॉप किया है। आदित्य आईपीएस हैं और हैदराबाद में उनकी ट्रेनिंग चल रही है। बड़ी बात है कि टॉप फाइव में तीन आईपीएस हैं और हैदराबाद में एक साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं। यूपीएससी सिविल सर्विसेज में तकनीकी या इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के उम्मीदवारों का दबदबा बढ़ता जा रहा है। हालांकि इसमें ज्यादातर ह्यूमैनिटीज के विषयों को तवज्जो दे रहे हैं। इस बार टॉप 20 में 7 आईआईटियन समेत कुल 13 बीटेक उम्मीदवार हैं जबकि पिछली बार ऐसे 9 थे। इन 13 टेक्नोक्रेट में से सात ने इस परीक्षा में सोशियोलॉजी, एंथ्रोपोलॉजी और पॉलिटिकल साइंस जैसे ह्यूमैनिटीज विषयों का चयन किया।

शिवम को 19वीं, जुफिशां को 34वीं रैंक

समस्तीपुर के शिवम कुमार टिबरेबाल देशभर में 19वीं रैंक लाकर बिहार टॉपर बने हैं। इससे पहले उन्हें 309 रैंक मिली थी। पटना आईआईटी से एमटेक करने वाली जुफिशां हक को 34 वीं रैंक मिली। उनका परिवार फुलवारी शरीफ में रहता है वह मूलत: नालंदा की रहने वाली हैं।

नीतीश का काम: मोदी

हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी खबर है कि पहले चरण के चुनाव प्रचार का शोर थमने के एक दिन पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीसरी बार बिहार दौरे पर आए। उन्होंने गया और पूर्णिया में चुनावी सभाओं को संबोधित किया। दोनों ही सभाओं में उनके निशाने पर विपक्षी दल रहे। पीएम मोदी ने कहा कि घमंडिया गठबंधन के पास विजन नहीं है। यह लोग नीतीश जी के कार्यों का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। नीतीश जी और केन्द्र सरकार के काम पर वोट मांगते हैं। विपक्ष को यह कहते हुए घेरा कि संविधान के नाम पर डराने की कोशिश हो रही है। कहा जा रहा है कि इसे बदल दिया जाएगा। मोदी तो क्या, बीजेपी तो क्या, स्वयं बाबा साहेब आंबेडकर भी इस संविधान को नहीं बदल सकते।

बेरोजगारी पर नहीं बोल रहे मोदी:, तेजस्वी

प्रभात खबर की खबर है कि गया के डोभी के कंजियार मैदान में मंगलवार को चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि पीएम मोदी गया में चुनावी भाषण में किसान, महंगाई और बेरोजगारी पर कुछ नहीं बोले। उन्होंने कहा कि 10 साल प्रधानमंत्री रहे तो मोदी ने गया के लिए क्या किया, यह भी नहीं बोले।

“लालू ने रेलवे के चार कारखाने दिए”

राजद नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री द्वारा लालू-राबड़ी के 15 वर्ष के शासन काल का हिसाब मांगने पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद ने रेल मंत्री काल में रेलवे को 90 हज़ार करोड़ का मुनाफा दिया था। “कुली भाइयों को स्थाई किया। गरीब रथ चलाया। चार कारखाने खोले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल 2 करोड़ नौकरी देने का वादा पूरा नहीं किया।”

मोदी 5-6 अमीरों को पैसे दे रहे: राहुल

भास्कर की खबर है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमले करते हुए कहा कि देश के पांच अमीरों को 16 लाख करोड़ रुपए बांट चुके हैं। केरल के कोझीकोड और वायनाड में मंगलवार को चुनाव सभा और रोड शो में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आई तो देश के सभी गरीबों को यह पैसा बाटेंगे।

पटना में सड़क हादसे में 7 की मौत

प्रभात खबर की सबसे बड़ी सुर्खी है: तेज रफ्तार ऑटो मेट्रो निर्माण में लगे क्रेन से टकराया, सात की गई जान। कंकड़बाग थाने के न्यू बाईपास के राम लखन मोड़ पर मंगलवार की सुबह 3:45 बजे मेट्रो निर्माण में लगे क्रेन से तेज रफ़्तार ऑटो टकरा गया जिससे ऑटो में सवार सात लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में तीन पूर्वी चंपारण जिले के निवासी हैं जिनमें मां-बेटा और बेटी शामिल हैं। ऑटो चालक फरार हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब क्रेन मेट्रो निर्माण कार्य के पास बैरिकेडिंग करने के लिए बोर्ड ले जा रहा था। इसी बीच ऑटो तेज रफ्तार से सड़क की बाईं ओर से आया और सामने अचानक क्रेन देखकर टकरा गया।

छत्तीसगढ़ में 29 नक्सली मारे गए

छत्तीसगढ़ में पहले चरण के मतदान से पहले मंगलवार को सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया। सुरक्षाकर्मियों ने नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में राज्य की अब तक की सबसे बड़ी मुठभेड़ में 29 नक्सलियों को मार गिराने का दावा किया। इससे पहले 2018 में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में 37 नक्सली मारे गए थे। इस लिहाज से देश में यह दूसरी सबसे बड़ी मुठभेड़ है।

कुछ और सुर्खियां

  • सलमान खान के घर के पास फायरिंग करने के मामले में बेतिया के दो गिरफ्तार
  • बिहार में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के 50 उम्मीदवारों में 12 पर आपराधिक मामले
  • सुप्रीम कोर्ट का रामदेव को आदेश: सार्वजनिक रूप से माफी मांगें
  • प्रेमनाथ चंचल गोपालगंज से वीआईपी के उम्मीदवार होंगे
  • बहुजन समाज पार्टी ने पूर्व राजद विधायक गुलाब यादव को झंझारपुर से उम्मीदवार बनाया
  • गया, नवादा औरंगाबाद और जमुई में आज थम जाएगा चुनाव प्रचार

अनछपी: हमारे समाज में सड़क हादसों में होने वाली मौत के बारे में कितनी कम चिंता रहती है इसका ताजा उदाहरण पटना के मेट्रो निर्माण स्थल पर हुए हादसे में सात लोगों की मौत की खबर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से औपचारिक शोक संदेश जारी किया गया और अखबारों ने इस बारे में विस्तार से खबरें छापी हैं लेकिन क्या हम कह सकते हैं कि समाज में इस पर बहुत गंभीरता से चर्चा हुई होगी? इस दुर्घटना के दो पहलू हैं। एक तो ओवरलोडेड ऑटो की तेज रफ्तार और दूसरे मेट्रो निर्माण स्थल पर बरती जाने वाली सावधानी या उसकी कमी। इसमें कोई शक नहीं कि ऑटो पर ओवरलोड चलना एक आम सी बात है और जब तक कोई बड़ा हादसा ना हो जाए इस पर कोई चर्चा नहीं होती। इस हादसे के बाद भी आसानी से देखा जा सकता है कि तीन चार सवारी को बैठाने की क्षमता वाले ऑटो में 9-10 लोगों को सवार किया जाता है। आगे की सीट केवल ड्राइवर के लिए होती है लेकिन उस पर तीन और सवारियों को बिठा लिया जाता है। बीच की सीट के सामने भी एक सीट जबरदस्ती लगा दी जाती है। इसके अलावा पिछली सीटों पर भी लोगों को लादा जाता है और कुछ लोग तो उसके बाद भी लटक जाते हैं। सवारियों को बैठाने के अलावा ऑटो की रफ्तार पर भी कोई नियंत्रण नहीं होता। क्योंकि कल की दुर्घटना में ऑटो भोर में जा रहा था इसलिए रास्ता खाली देखकर उसकी रफ्तार और तेज थी। दूसरी और इस बात पर भी सवाल किया जाना चाहिए कि जिस जगह मेट्रो निर्माण का काम चल रहा था उस जगह ट्रैफिक के हिसाब से सावधानी क्यों नहीं बरती गई। इसकी भी पड़ताल होनी चाहिए कि ऑटो क्रेन से टकराने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुआ या पलटने के बाद ऑटो क्रेन से टकराया। मेट्रो प्रशासन का कहना है कि ऑटो पलटने के बाद क्रेन से टकराया है। सवाल यह है कि जिस जगह क्रेन से काम हो रहा था उसकी बैरिकेडिंग पहले क्यों नहीं की गई थी और गाड़ियों की आवाजाही क्यों नहीं रोकी गई। अगर मेट्रो प्रशासन सावधानी बरतता तो शायद कुछ लोगों की जान बच सकती थी। पुलिस और प्रशासन के अलावा आम लोगों को भी यह सोचना चाहिए कि ऑटो पर ओवरलोड ना हो और अगर ऑटो जरूरत से ज्यादा रफ्तार से चल रहा हो तो उसे रोका जाए। हमारे समाज को ट्रैफिक दुर्घटना के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए और जागरूकता फैलाने पर काम करना चाहिए।

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