छपी-अनछपीः बूेगसराय के ’दहशतगर्दों’ की जाति बताने पर विवाद, हर जिले में खुलेगा मेडिकल काॅलेज

बिहार लोक संवाद डाॅट नेट, पटना। बेगूसराय के उन चार ’दहशतगर्दों’ की गिरफ्तारी के बाद उनकी जाति को लेकर बयानबाजी शुरू हो गयी है जिन्होंने 13 सितंबर को अंधाधुंध फायरिंग की थी जिसमें एक आदमी की मौत और 10 दूसरे जख्मी हो गये थे। इस गिरफ्तारी की खबर अक्सर हिन्दी अखबारों की पहली खबर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हर जिले में मेडिकल काॅलेज खोलने की घोषणा की है। यह खबर भी प्रमुखता से छपी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन के नेेताओं से मिल रहे हैं। इसकी खबर भी पहले पेज पर है।
हिन्दुस्तान ने अपनी सबसे बड़ी खबर की सुर्खी दी हैः बेगूसराय में दहशत फैलाना था मकसद, चार गिरफ्तार। प्रभात खबर की लीड इसी कांड के बारे में हैः चार गिरफ्तार, हथियार और बाइक बरामद। भास्कर में भी यही सबसे बड़ी खबर हैः दो नहीं, 4 अपराधी थे, रुतबा बढ़ाने व दहशत फैालाने के लिए की थी फायरिंग। बेगूसराय के एसपी का दावा है कि चारों आरोपितों ने गुनाह कुबूल कर लिया है। पकड़े गये अपराधियों की पहचान बीहट खैमकरणपुर टोला के परमानंद सिंह का बेटा चुनचुन कुमार उर्फ सत्यजीत, रामविनय सिंह का बेटा केशव कुमार उर्फ नगवा, बरौनी के हाजीपुर पीपी वार्ड-4 निवासी भाजला चैधरी का पुत्र सुमित व रिफाइनरी ओपी के जैमरा निवासी राजीव सिंह का पुत्र युवराज सिंह उर्फ सोनू के रूप में की गयी है।

उधर, बेगूसराय के लोकसभा सदस्य गिरिराज सिंह कह रहे हैं कि चूंकि यह आतंकी घटना है, इसलिए इसे एनआईए को सौंपा जाए। भाजपा के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी कह रहे कि इसकी सीबीआई से जांच करायी जाए। इसके जवाब में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि कौन क्या बोलता है, इसका कोई मतलब नहीं है। बेगूसराय के ही भाजपा के राज्यसभा सदस्य राकेश सिन्हा ने कहा है कि इस घटना को जातीय रंग नहीं देना चाहिए।
जागरण की लीड हैः यह युग युद्ध का नहींः प्रधानमंत्री। यह बयान उन्होंने प्रधाानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से शंघाई सहयोग संगठन की उज्बेकिस्तान की राजधानी समरकंद में चल रही बैठक दिया है। यह खबर दूसरी जगह भी पहले पेज पर है।
हिन्दुस्तान में पहले पेज पर खबर हैः बिहार अपने बूते हर जिले में मेडिकल काॅलेज खोलेगाः सीएम। यह बात उन्होंने कोइलवर में 123 करोड़ की लागत से बने मानसिक रोग अस्पताल के नये परिसर के उद्घाटन करते हुए कही। इधर, उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव ने स्वास्थ्य विभाग में 60 हजार नौकरियों के लिए बहाली प्रक्रिया शुरू होने की घोषणा की है। बाकी अखबारों में भी यह खबर प्रमुखता से छपी है।
हिन्दुस्तान की एक सुर्खी हैः बिहार में सियासत की खेती को मिली ’खाद’। यह बिहार में खाद की किल्लत की बहस है जो अब सामने आ रही है। पहले जब डबल इंजन की सरकार थी तो इसकी चर्चा नहीं होती थी। हकीकत यह है कि बिहार में खाद की किल्लत है। पहले जदयू चूंकि डबल इंजन की सरकार में थी, इसलिए यह बात सामने नहीं आती थी।
अब बात मुजफ्फरपुर की सुनीता देवी की जो पिछले कई दिनों से अस्तपाल-अस्पताल घूमते हुए आईजीआईएमएस में भर्ती हंै और अब यहां भी इस बात की पुष्टि हुई है कि उनकी दोनों किडनी निकाल लगी गयी है। पेट के दर्द के बाद उसे बच्चेदानी निकालने के नाम पर मुजफ्फरपुर के सकरा में आॅपरेशन किया गया। मगर उसकी दोनों किडनी निकाल ली गयी। यह कितनी खतरनाक बात है लेकिन कहीं कोई बड़ी कार्रवाई नहीं दिख रही है।
अनछपीः अपराध या आतंक को किसी धर्म-जाति से जोड़ना सही है या नहीं, इस बात पर भाजपा के नेता दोहरा रवैया अपनाते हैं। अब बेगूसराय के उन चार अपराधियों की जाति बताये जाने पर एतराज किया जा रहा है जिन्होंने अंधाधुंध 25-30 किलोमीटर तक फायरिंग की थी। लेकिन यही नेता दूसरे धर्म के अपराधियों के पकड़े जाने पर उनके धर्म को निशाना बनाने से नहीं चूकते। इस मामले मंे एनआईए और सीबीआई जांच की मांग के पेच को भी समझने की जरूरत है। हम ऐसे समय में जी रहे हैं जब कौन सी एजेंसी किसके खिलाफ और किसके पक्ष में काम करेगी, यह जानना आसान हो गया है। जरूरी नहीं कि सीबीआई और एनआईए जांच की मांग के पीछे मंशा सजा दिलाने की हो। यह आजकल फंसाने-बचाने का साधन बन चुकी हैं। इसलिए पूरे मामले की पेचीदगी को समझा जा सकता है।

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