छपी-अनछपीः बड़े बेआबरू होकर आरसीपी निकले, जगदीप धनखड़ 14वें उपराष्ट्रपति

बिहार लोक संवाद डाॅट नेट, पटना। कभी आरसीपी टैक्स की चर्चा हुआ करती थी, आज आरसीपी की जदयू से विदाई की खबर हर तरफ छायी हुई है। नालंदा जिले के मुस्तफापुर गांव के रामचंद्र प्रसाद सिंह को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी बिल्ली बनाकर रखा और वह उनसे म्याउं करने लगी तो नतीजा सामने आ गया। राज्यसभा में सीएए के समर्थन में भाजपा की लाइन पर चलने से लेकर राम मंदिर में जदयू की नीति से अलग राह पकड़ने वाले आरसीपी के समर्थक उनके सीएम बनने के नारे लगा रहे थे। नीतीश कुमार ने कोई रिएक्शन नहीं दिया लेकिन उनकी संपत्तियों के ब्योरे ने ऐसा गुल खिलाया कि अब आरसीपी इस्तीफा देने के बाद कह रहे कि जदयू डूबता जहाज है। यह वही जहाज है जिसके बारे में वे कहते आ रहे थे कि उन्होंने इसे बूथ लेवल तक पहुंचाया है। इस खबर के बीच उपराष्ट्रपति का चुनाव जीतने वाले एनडीए के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ दूसरे नंबर पर चले गये।
शनिवार को आरसीपी के 9 साल में 58 प्लाॅट खरीदने की खबर सिर्फ भास्कर ने छापी थी लेकिन आज उनके इस्तीफे की खबर हर जगह पहली खबर है।
भास्कर की सुर्खी हैः आरसीपी का इस्तीफा, कहा- जमीन बेटियों ने अपने पैसे से खरीदी। प्रभात खबर ने लिखा हैः आरसीपी ने छोड़ी पार्टी, कहा- जदयू डूबता जहाज। हिन्दुस्तानः जदयू के जवाब तलब पर आरसीपी का इस्तीफा। इसमें आरसीपी ने कहा है कि उनपर साजिश्न आरोप लगाया गया है और जदूूय में बचा ही क्या है। जागरण की हेडिंग सपाट हैः जदयू ने भ्रष्टाचार पर मांगा जवाब, तो आरसीपी ने पार्टी छोड़ी।
टाइम्स आॅफ इंडिया की सबसे बड़ी खबर हैः धनकड़ 73 प्रतिशत मत लेकर 14वें उपराष्ट्रपति बने। हिन्दुस्तान की हेडिंग हैः धनखड़ की धाकड़ जीत, 74 प्रतिशत मिले। एक प्रतिशत मत का अंतर शायद 73 और 74 के बीच के दशमलस अंक के कारण है।
मनेर में बालू लदी नाव में सिलेंडर फटने से चार लोगों की मौत की खबर सभी अखबारों में प्रमुखता से छपी है। यह घटना सोन नदी के रामपुर घाट पर खाना बनाने के दौरान घटी। बचे जुए लोगों ने बताया कि नाव के इंजन में डीजल की जगह पेट्रोल डाल दिया तो पेट्रोल निकालने के दौरान कुछ पेट्रोल गैस चूल्हे के पास गिर गया था। इस दौरान जले चूल्हे की लपट से पेट्रोल में आग लग गयी।
भास्कर की खबर है कि डेढ़ लाख से अधिक ग्रेजुएट लड़कियों की प्रोत्साहन राशि विश्वविद्यालयों के असहयोग के काण अटकी पड़ी है। यह लगभग 390 करोड़ रुपये हैं जो छात्राओं के खाते में होने चाहिए थे। शिक्षा विभाग और राजभवन विश्वविद्यालयों को सर्टिफिकेट जांच का पुष्टि करने की जिम्मदारी देते हैं, उसके लिए रिमाइंडर भेजा जा चुका है मगर कोई फायदा नहीं। विश्वविद्यालय फाॅर्मों की संख्या अधिक होने और कर्मी कम होने का बहाना बनाते हैं।
अनछपीः अब एक ऐसी खबर की चर्चा जिसे भास्कर ने शुरू के पन्ने पर जगह दी है। मधेपुरा जिले के कुमार खंड प्रखंड के श्रीनगर थाना में पड़ने वाले गांव पोखरिया टोले में मोहम्मद जिब्रईल नाम के सनकी ने अपनी तीस साल की बीवी और तीन साल की बेटी का गला रेतकर उन्हें मार डाला। जान लेने की बात तो वैसे ही आम हो गयी है लेकिन उसने इसके बाद जो हरकत की उससे भयानक काम शायद ही दुनिया में कुछ होती हो। अखबारों के मुताबिक उसने बीवी का सिर काटकर उसके घर के बाहर रख दिया और बेटी का सिर अपने घर के टेबल पर रखकर इसकी खबर भी खुद ही फैलाई। इसके पीछे वजह यह बतायी गयी कि कुछ दिन पहले ससुराल में उसकी पिटाई की गयी थी। मारी गयी औरत का नैहर मछबखरा था। उसके दो बेटे भी हैं जो भदोही ले जाये गये थे और उनके नाना ने उनकी हिफाजत की गुहार लगायी है। समाज में ऐसी हिंसक बातों को रोकने के लिए जिस शिक्षा-दीक्षा की जरूरत है, क्या हम वह उपलब्ध करा रहे हैं, इस सवाल पर गौर करना जरूरी है।

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